Sambhal: मदरसा शिक्षा को यूनिवर्सिटी से जोड़ना अच्छा कदम, लेकिन उलेमा से मशवरा जरूरी- AIMIM नेता सय्यद असलम
उत्तर प्रदेश में मदरसों की कामिल और फाजिल डिग्री को विश्वविद्यालय से जोड़ने के फैसले को लेकर एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश
उवैस दानिश, सम्भल
- सीएम योगी की मां पर टिप्पणी की AIMIM नेता ने की कड़ी निंदा
उत्तर प्रदेश में मदरसों की कामिल और फाजिल डिग्री को विश्वविद्यालय से जोड़ने के फैसले को लेकर एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने सरकार के कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मदरसा शिक्षा को उच्च शिक्षा से जोड़ने की पहल करती है तो यह एक अच्छा और सराहनीय फैसला है।
सय्यद असलम ने कहा कि सरकार की नियत पर शक नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन इस फैसले को लागू करने से पहले मदरसों के उलेमा और शिक्षाविदों को भी विश्वास में लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि उलेमा के साथ बैठक कर उनके सुझाव भी लिए जाएं और उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि फैसला पारदर्शिता के साथ लागू हो सके। उन्होंने कहा कि अगर कामिल और फाजिल की डिग्रियों को विश्वविद्यालयी शिक्षा से जोड़ा जाता है तो इससे मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। ऐसे छात्र भविष्य में आईएएस, आईपीएस जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे, जो देश और समाज के लिए सकारात्मक कदम होगा।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में भी सय्यद असलम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है और इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय की महिला हों, मां का सम्मान सबसे ऊपर होता है। इस्लाम भी किसी महिला के खिलाफ गलत टिप्पणी या आरोप लगाने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि जिसने भी यह टिप्पणी की है, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसे उचित सजा मिलनी चाहिए।
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