मादुरो से पहले कितने राष्ट्रपति पर हुई ऐसी कार्रवाई? मैनुअल नोरिएगा के बाद दूसरा ऐसा मामला जब सत्ता में बैठे नेता को अमेरिका ने पकड़ा, पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सैन्य बलों ने 3 जनवरी 2026 को काराकस में एक बड़े

Jan 5, 2026 - 14:40
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मादुरो से पहले कितने राष्ट्रपति पर हुई ऐसी कार्रवाई? मैनुअल नोरिएगा के बाद दूसरा ऐसा मामला जब सत्ता में बैठे नेता को अमेरिका ने पकड़ा, पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट
मादुरो से पहले कितने राष्ट्रपति पर हुई ऐसी कार्रवाई? मैनुअल नोरिएगा के बाद दूसरा ऐसा मामला जब सत्ता में बैठे नेता को अमेरिका ने पकड़ा, पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट

By Sukhmaal Jain(वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी)


वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सैन्य बलों ने 3 जनवरी 2026 को काराकस में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के नाम से की गई, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के 150 से अधिक विमानों ने भाग लिया। मादुरो को उनके आवास से पकड़ा गया और उन्हें तथा उनकी पत्नी को अमेरिका ले जाया गया, जहां वे न्यूयॉर्क के मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में पेश होंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को 2020 के इंडिक्टमेंट पर आधारित बताया, जिसमें मादुरो पर नारको-टेररिज्म, कोकेन आयात साजिश, मशीनगन रखने और संबंधित साजिश के आरोप हैं। इंडिक्टमेंट को हाल ही में अनसील किया गया, जिसमें उनकी पत्नी और बेटे को भी शामिल किया गया है।

यह गिरफ्तारी अमेरिकी न्याय विभाग के लंबे समय से चल रहे आरोपों का नतीजा है। 2020 में मादुरो और कई वेनेजुएला अधिकारियों पर ड्रग तस्करी और नारको-टेररिज्म के आरोप लगाए गए थे, जिसके लिए 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया गया था। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी पर नारको-टेररिज्म साजिश, कोकेन आयात साजिश, मशीनगन और विनाशकारी उपकरण रखने की साजिश के आरोप हैं। मादुरो को न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उनकी पहली कोर्ट पेशी 5 जनवरी 2026 को निर्धारित है। ऑपरेशन में अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने मुख्य भूमिका निभाई। काराकस में कई विस्फोट हुए और सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई की घोषणा की और कहा कि मादुरो को न्याय के कठघरे में लाया गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी कानून प्रवर्तन और सैन्य बलों की संयुक्त कार्रवाई बताया। वेनेजुएला की अंतरिम सरकार ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है।

यह घटना इतिहास में दुर्लभ है, जहां एक सत्ता में बैठे राष्ट्रपति को विदेशी सैन्य कार्रवाई से गिरफ्तार किया गया हो। इससे पहले 1989 में पनामा के तत्कालीन नेता मैनुअल नोरिएगा को अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन 'जस्ट कॉज' में गिरफ्तार किया गया था। नोरिएगा पर भी ड्रग तस्करी के आरोप थे और उन्हें अमेरिका लाकर मुकदमा चलाया गया। मादुरो की गिरफ्तारी नोरिएगा के मामले से तुलना की जा रही है, जहां अमेरिका ने सत्ता में बैठे नेता को सीधे पकड़ा। दोनों मामलों में ड्रग संबंधी आरोप प्रमुख हैं। मादुरो की गिरफ्तारी से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाया था। 2025 में इनाम 50 मिलियन डॉलर तक बढ़ाया गया था। इंडिक्टमेंट में मादुरो पर हजारों टन कोकेन अमेरिका भेजने की साजिश का आरोप है। उनकी पत्नी और बेटे को भी नए इंडिक्टमेंट में शामिल किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई घरेलू इंडिक्टमेंट पर आधारित है, जो गिरफ्तारी का आधार प्रदान करता है।

वेनेजुएला में इस कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इसे विदेशी आक्रमण बताया। कई देशों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने मादुरो को अवैध शासक बताया और कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। मादुरो को ब्रुकलिन की जेल में रखा गया है। यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल उठा रही है, क्योंकि सत्ता में बैठे नेता को इम्युनिटी मिलती है। हालांकि अमेरिका ने मादुरो को वैध राष्ट्रपति नहीं माना। नोरिएगा के मामले में भी इसी तरह की बहस हुई थी। मादुरो की गिरफ्तारी से वेनेजुएला में बदलाव की संभावना है। ऑपरेशन में अमेरिकी बलों ने काराकस के सैन्य ठिकाने पर हमला किया। मादुरो को उनके बेडरूम से पकड़ा गया। उन्हें और उनकी पत्नी को अमेरिकी विमान से न्यूयॉर्क लाया गया। यह कार्रवाई कई महीनों की योजना का नतीजा थी।

मादुरो पर आरोपों में कोलंबियाई गुरिल्ला ग्रुप्स के साथ साजिश शामिल है। अमेरिकी न्याय विभाग ने इसे नारको-टेररिज्म बताया। गिरफ्तारी के बाद इंडिक्टमेंट अनसील किया गया। मादुरो की कोर्ट पेशी में इम्युनिटी का मुद्दा उठ सकता है। यह घटना अमेरिकी विदेश नीति का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन ने मादुरो को हटाने के लिए दबाव बनाया था। गिरफ्तारी से क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ेगा। मादुरो की गिरफ्तारी नोरिएगा के बाद दूसरा बड़ा मामला है, जहां अमेरिका ने सत्ता में बैठे नेता को पकड़ा। दोनों में ड्रग आरोप समान हैं। यह कार्रवाई 3 जनवरी 2026 को हुई। मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया। कोर्ट में आरोप तय होंगे। गिरफ्तारी से पहले अमेरिका ने इनाम बढ़ाया था। ऑपरेशन में डेल्टा फोर्स सक्रिय थी। यह घटना वैश्विक स्तर पर चर्चित है। मादुरो की गिरफ्तारी न्यायिक प्रक्रिया शुरू करेगी। मादुरो से पहले नोरिएगा एकमात्र सत्ता में बैठा नेता था जिसे अमेरिका ने इसी तरह पकड़ा।

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