Sitapur : नैमिषारण्य में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा शुरू, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा पर दिया बयान

शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता की रक्षा करना और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना है। जनता अब इस मुद्दे पर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। उन्होंने दावा कि

Mar 10, 2026 - 21:45
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Sitapur : नैमिषारण्य में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा शुरू, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा पर दिया बयान
Sitapur : नैमिषारण्य में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा शुरू, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ रक्षा पर दिया बयान

रिपोर्ट : सुरेंद्र मोठी INA NEWS नैमिषारण्य

सीतापुर जिले के नैमिषारण्य में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा की शुरुआत हुई। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार देर रात यहां पहुंचे थे। मंगलवार सुबह उन्होंने यात्रा शुरू की और गौरक्षा तथा धार्मिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता की रक्षा करना और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना है। जनता अब इस मुद्दे पर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि देश में लोग स्पष्ट रूप से तय कर चुके हैं कि किसी भी हालत में गौ हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रा को जगह-जगह जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।नैमिषारण्य के संतों से संपर्क न करने पर उन्होंने कहा कि कई संत इस माहौल में हैं और उन्हें विवाद में नहीं डालना चाहते। जो पहले से दबाव में हैं उन्हें और परेशानी नहीं देनी चाहिए।

शंकराचार्यों की संख्या पर सवालों पर उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। कहा कि जब असली शंकराचार्य राजनीतिक विचारों का समर्थन नहीं करते तो नकली शंकराचार्य खड़े कर दिए जाते हैं। इससे असली शंकराचार्यों की गरिमा को गिराने की कोशिश होती है।आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों और यात्रा रोकने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उनके गुप्त विरोधी राजनीतिक लोगों द्वारा खड़े किए गए हैं। ब्रह्मचारी पहले गौ तस्करी के मामले में जेल जा चुके हैं तो वे गौ रक्षा यात्रा क्यों चलने देंगे। कुछ राजनीतिक दल चाहते हैं कि चारों शंकराचार्य उनके सुर में सुर मिलाएं लेकिन ऐसा न होने पर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास होते हैं। उनके खिलाफ साजिश के तहत लोगों को आगे किया जा रहा है।

कल देर रात सूर्यास्त के कारण उन्होंने मौन रखा और ललिता देवी मंदिर तथा चक्रतीर्थ पर पूजन किया। मंगलवार सुबह यात्रा लखनऊ के लिए रवाना हुई। जहां समर्थकों में उत्साह है वहीं विरोध और आरोप-प्रत्यारोप से यह यात्रा बहस का विषय बन रही है।

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