Ayodhya : कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने रानी हो स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि, 11 सदस्यीय दल ने मातामही को नमन किया, महापौर ने विकास में सहयोग का दिया आश्वासन
इंचियोन ली क्वान एसोसिएशन के अध्यक्ष ली जिन ओक के नेतृत्व में आए दल का स्वागत महापौर गिरीश पति त्रिपाठी और राजलक्ष्मी त्रिपाठी ने अंगवस्त्र तथा प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर किया। म
अयोध्या की पावन भूमि पर भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का एक नया अध्याय जुड़ा। दक्षिण कोरिया से आए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रानी हो मेमोरियल पार्क पहुंचकर महारानी हेलो ह्वांग-ओक (राजकुमारी सूरी रत्ना) की स्मृति में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। दल ने अपनी मातामही के प्रति कृतज्ञता जताई।
इंचियोन ली क्वान एसोसिएशन के अध्यक्ष ली जिन ओक के नेतृत्व में आए दल का स्वागत महापौर गिरीश पति त्रिपाठी और राजलक्ष्मी त्रिपाठी ने अंगवस्त्र तथा प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर किया। महापौर ने कहा कि रानी हो के ऐतिहासिक संबंधों ने अयोध्या को वैश्विक पहचान दी है। उन्होंने स्मारक और पूजा स्थल के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। हाल ही में नगर निगम ने इस स्मारक की जिम्मेदारी संभाली है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 6 अक्टूबर को 100 सदस्यीय कोरियाई दल अयोध्या आएगा और अपनी मातृस्मृति को नमन करेगा। रानी हो की कथा लगभग 2000 साल पुरानी है। मान्यता है कि अयोध्या की राजकुमारी सूरी रत्ना समुद्री मार्ग से दक्षिण कोरिया गईं और राजा किम सूरो से विवाह कर कारक राजवंश की स्थापना में योगदान दिया। आज भी कई कोरियाई अपनी वंशावली उनसे जोड़ते हैं।
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