Sambhal: बुलडोजर के सामने बेबस मजार! 700 बीघा जमीन मुक्त कराने के अभियान में सम्भल प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
सम्भल में सरकारी जमीन और नदी के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में बाघऊ
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में सरकारी जमीन और नदी के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में बाघऊ गांव में स्थित चमन शाह मजार पर प्रशासन का बुलडोजर चला। प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण सार्वजनिक भूमि और नदी के कैचमेंट एरिया पर अवैध कब्जे के रूप में बनाया गया था। तहसीलदार कोर्ट और जिलाधिकारी कोर्ट से फैसला आने के बाद कार्रवाई की गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सम्भल के बाघऊ गांव में उस वक्त हलचल मच गई जब प्रशासन और पुलिस की टीम बुलडोजर के साथ चमन शाह मजार पर पहुंची। मजार की देखरेख करने वाले अजीज ने बताया कि वह केवल साफ-सफाई और सेवा का काम करता है और उसके पास जमीन से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं हैं। अजीज के मुताबिक यहां रोजाना श्रद्धालु आते हैं और चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। वहीं जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि यह मामला सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का था। धारा 67 के तहत तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कब्जे को अवैध मानते हुए हटाने के आदेश दिए गए। इसके खिलाफ जिलाधिकारी कोर्ट में अपील भी की गई, लेकिन वहां भी कोई वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। डीएम के अनुसार यह क्षेत्र वधुमा नदी के कैचमेंट एरिया में आता है और न्यायालयों के निर्देशों के तहत इसे मूल स्वरूप में वापस लाने की कार्रवाई की जा रही है। उधर एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जिले में लैंड बैंक बनाने की योजना पर काम चल रहा है। अब तक 100 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है, जिसकी कीमत कई सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। सम्भल में सरकारी जमीन और नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज हो गया है। प्रशासन का दावा है कि पिछले एक महीने में 700 बीघा से ज्यादा जमीन मुक्त कराई जा चुकी है और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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