13 अगस्त को होने वाली SSC CGL 2025 परीक्षा स्थगित, सितंबर के पहले सप्ताह में होगी आयोजित, 55,000 उम्मीदवारों को दोबारा मौका।
भारत में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा ....
भारत में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस साल, SSC CGL 2025 की टियर-1 परीक्षा 13 अगस्त से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाली थी, लेकिन 8 अगस्त 2025 को SSC ने इसे स्थगित करने की घोषणा की। अब यह परीक्षा सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में होगी। इस स्थगन का कारण हाल ही में आयोजित सेलेक्शन पोस्ट/फेज-13 परीक्षा में तकनीकी और डेटा संबंधी समस्याएं बताई गई हैं। भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के अवर सचिव ने बताया कि लगभग 55,000 उम्मीदवारों के डेटा में खामियां पाई गईं, जिन्हें संदेह का लाभ देते हुए 29 अगस्त 2025 को दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। यह निर्णय 28 लाख उम्मीदवारों को प्रभावित करेगा, जो इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे।
SSC CGL परीक्षा भारत सरकार के मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में ग्रुप बी और ग्रुप सी के 14,582 पदों के लिए आयोजित की जाती है। इनमें आयकर निरीक्षक, सहायक अनुभाग अधिकारी, उप-निरीक्षक, लेखा परीक्षक और सांख्यिकी अन्वेषक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इस साल करीब 28 लाख उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। यह परीक्षा चार चरणों में होती है: टियर-1, टियर-2, टियर-3 (कौशल परीक्षा/दस्तावेज सत्यापन) और टियर-4। टियर-1 एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) है, जो सामान्य बुद्धि, तर्क, सामान्य जागरूकता, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों पर आधारित होती है। इसकी तैयारी में उम्मीदवार महीनों या सालों तक मेहनत करते हैं, और इस स्थगन ने उनकी योजनाओं पर असर डाला है।
SSC ने 8 अगस्त 2025 को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर इस स्थगन की घोषणा की। नोटिस के अनुसार, यह निर्णय हाल ही में 24 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक आयोजित सेलेक्शन पोस्ट/फेज-13 परीक्षा में सामने आई तकनीकी समस्याओं के बाद लिया गया। इस परीक्षा में 11.5 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 5.5 लाख से अधिक उम्मीदवार 194 केंद्रों पर परीक्षा में शामिल हुए। इस दौरान कई उम्मीदवारों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जैसे सर्वर क्रैश, लॉगिन में देरी, बायोमेट्रिक विफलता और सिस्टम में प्रश्नों का ठीक से लोड न होना। डेटा विश्लेषण में पाया गया कि लगभग 55,000 उम्मीदवारों के डेटा में खामियां थीं, जैसे आधार प्रमाणीकरण में गड़बड़ी और सिस्टम लॉग में असंगतियां। इन उम्मीदवारों को 29 अगस्त 2025 को दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा, और उनके पिछले प्रयासों को अमान्य कर दिया गया है। इन उम्मीदवारों के लिए प्रवेश पत्र 26 अगस्त से डाउनलोड किए जा सकेंगे।
SSC ने यह भी स्पष्ट किया कि CGL परीक्षा का स्थगन एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सुधार करना और तकनीकी खामियों को दूर करना है। सुप्रीम कोर्ट के रिट याचिका (सिविल) 234/2018 के निर्देशों के तहत, SSC ने अपनी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में आधार-आधारित प्रमाणीकरण और अन्य सुधार लागू किए हैं। हालांकि, नई परीक्षा एजेंसी (वेंडर) के साथ काम करने में समस्याएं आईं, जिसके कारण सेलेक्शन पोस्ट/फेज-13 परीक्षा में गड़बड़ियां हुईं। इन समस्याओं को देखते हुए, SSC ने CGL परीक्षा को स्थगित कर अपने सिस्टम और संचालन की समीक्षा करने का फैसला किया। यह समीक्षा यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में होने वाली परीक्षाएं सुचारू और निष्पक्ष हों।
इस स्थगन का असर 28 लाख उम्मीदवारों पर पड़ा है, जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की, लेकिन कुछ ने इस अतिरिक्त समय को अपनी तैयारी को और मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा। एक उम्मीदवार ने एक्स पर लिखा, “यह स्थगन निराशाजनक है, लेकिन अब हमारे पास कुछ और हफ्ते हैं, जिनका उपयोग हम अपनी कमजोरियों को सुधारने में कर सकते हैं।” दूसरी ओर, कुछ उम्मीदवारों ने इस देरी को लेकर SSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एक अन्य यूजर ने लिखा, “हर साल तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा स्थगित होती है। SSC को अपनी प्रणाली को और मजबूत करना चाहिए।”
SSC ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अपनी तैयारी जारी रखें और नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट (ssc.gov.in) पर अपडेट देखें। नई परीक्षा तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी, और शहर सूचना पत्र (सिटी इंटिमेशन स्लिप) परीक्षा से 7-8 दिन पहले जारी किए जाएंगे। प्रवेश पत्र भी नए तिथियों से कुछ दिन पहले उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, SSC ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में सुधार का विकल्प भी खोला है। उम्मीदवार 14 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक अपने ओटीआर विवरण में बदलाव कर सकते हैं। इसके बाद कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह सुविधा उन उम्मीदवारों के लिए उपयोगी है, जिनके पंजीकरण में कोई त्रुटि थी।
इस स्थगन का एक कारण हाल के महीनों में SSC परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद भी हैं। जुलाई 2025 में आयोजित सीएचएसएल और एमटीएस परीक्षाओं में भी तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, जैसे सर्वर क्रैश और बिजली की कटौती। इन समस्याओं के कारण सोशल मीडिया पर #SSCMisManagement जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। दिल्ली में जंतर मंतर और सीजीओ कॉम्प्लेक्स में उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें नई परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए गए। कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि नई एजेंसी, जिसे पहले कथित तौर पर पेपर लीक के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था, ने सस्ते दामों पर ठेका लिया, लेकिन सिस्टम को संभालने में विफल रही।
SSC के अध्यक्ष एस. गोपालकृष्णन ने इन विरोध प्रदर्शनों का जवाब देते हुए कहा कि सेलेक्शन पोस्ट/फेज-13 परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा, लेकिन प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 29 अगस्त को पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में परीक्षाओं को और पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग और नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शामिल है।
इस स्थगन ने उम्मीदवारों के सामने कई चुनौतियां खड़ी की हैं। कुछ उम्मीदवारों को यात्रा और आवास के लिए पहले से की गई बुकिंग के कारण वित्तीय नुकसान हुआ है। इसके अलावा, कुछ उम्मीदवारों को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे यूपीएससी मेन्स, जो 22 अगस्त से शुरू हो रही है, के साथ तारीखों के टकराव की चिंता थी। हालांकि, नई तारीखों के सितंबर में होने से यह टकराव टल गया है। कई उम्मीदवारों ने इस अतिरिक्त समय को अपनी तैयारी को और बेहतर करने के अवसर के रूप में लिया। विशेषज्ञों का सुझाव है कि उम्मीदवारों को गणित में डेटा इंटरप्रिटेशन, तर्क में पहेलियां और बैठने की व्यवस्था, अंग्रेजी में व्याकरण और शब्दावली, और सामान्य जागरूकता में पिछले छह महीनों के करेंट अफेयर्स पर ध्यान देना चाहिए।
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