Sambhal: ईरान-इज़राइल जंग की आंच सम्भल के हैंडीक्राफ्ट पर, 30 हजार कारीगरों की रोज़ी पर मंडराया संकट। 

ईरान-इज़राइल के बीच जारी जंग का असर अब देश के एक्सपोर्ट कारोबार पर भी दिखने लगा है। सम्भल के हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े कारोबारियों

By INA News Desk
Mar 3, 2026 - 14:23
229 Views
Sambhal: ईरान-इज़राइल जंग की आंच सम्भल के हैंडीक्राफ्ट पर, 30 हजार कारीगरों की रोज़ी पर मंडराया संकट। 
ईरान-इज़राइल जंग की आंच सम्भल के हैंडीक्राफ्ट पर, 30 हजार कारीगरों की रोज़ी पर मंडराया संकट। 

उवैस दानिश, सम्भल 

सम्भल: ईरान-इज़राइल के बीच जारी जंग का असर अब देश के एक्सपोर्ट कारोबार पर भी दिखने लगा है। सम्भल के हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने आशंका जताई है कि यदि युद्ध लंबा चला तो स्थानीय इकाइयों और हजारों कारीगरों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा।

सम्भल हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ताहिर सलामी ने बताया कि जंग अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका, इज़राइल और खाड़ी देशों में होने वाला निर्यात प्रभावित होना तय है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारतीय हैंडीक्राफ्ट के लिए बड़ी मंडी है और खाड़ी देशों में भी बड़े पैमाने पर माल भेजा जाता है। ऐसे में युद्ध का दायरा बढ़ने पर ऑर्डर होल्ड या रद्द होने की स्थिति बन सकती है। ताहिर सलामी के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली में हुई फरवरी की बड़ी हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी के नतीजे आने का यही समय था, लेकिन युद्ध शुरू होने से विदेशी खरीदारों के फैसले अटक सकते हैं। “अगर नए ऑर्डर नहीं आए, तो जैसे ही पुराना काम खत्म होगा, कई यूनिटों को ताला लगाना पड़ सकता है,” उन्होंने कहा। सम्भल में करीब 25 से 30 हजार कारीगर इस उद्योग से जुड़े हैं। सलामी ने केंद्र सरकार से मांग की कि कारीगरों को बिजली पर विशेष सब्सिडी दी जाए, क्योंकि बढ़ती लागत पहले ही उद्योग पर दबाव बना रही है। उनका कहना है कि वैकल्पिक बाजारों की तलाश आसान नहीं होती, इसमें महीनों का समय लगता है। कारोबारियों की उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य हों, ताकि निर्यात बाजार में अनिश्चितता खत्म हो और सम्भल का हैंडीक्राफ्ट उद्योग सुरक्षित रह सके।

Also Read- बुंदेलखंड बन रहा स्टार्टअप हब, झांसी में बीवीएस एक्सपो-2026 ने दिखाई झलक।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement