Lucknow: ईरान पर हुए हमले और अयातुल्लाह खामेनई की शाहदत को लेकर ईद ए फित्र के दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन, बाजुओं पर काली पट्टी बांध कर पढ़ें ईद की नमाज़ - मौलाना सैफ़ अब्बास 

ईरान पर हुए हमले और आयतुल्लाह खामेनई की शहादत को लेकर शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ़ अब्बास नक़वी ने

Mar 3, 2026 - 22:08
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Lucknow: ईरान पर हुए हमले और अयातुल्लाह खामेनई की शाहदत को लेकर ईद ए फित्र के दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन, बाजुओं पर काली पट्टी बांध कर पढ़ें ईद की नमाज़ - मौलाना सैफ़ अब्बास 
ईरान पर हुए हमले और अयातुल्लाह खामेनई की शाहदत को लेकर ईद ए फित्र के दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन, बाजुओं पर काली पट्टी बांध कर पढ़ें ईद की नमाज़ - मौलाना सैफ़ अब्बास 

लखनऊ: ईरान पर हुए हमले और आयतुल्लाह खामेनई की शहादत को लेकर शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ़ अब्बास नक़वी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि लखनऊ में उलेमा-ए-किराम की ओर से तीन दिन के शोक की घोषणा की गई थी, जिसका आज तीसरा दिन है। वहीं ईरान में चालीस दिन के शोक का ऐलान किया गया है और इन्हीं दिनों के दौरान ईद-उल-फितर भी है।

मौलाना ने कहा कि ऐसे समय में हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपने ईरानी भाइयों के ग़म में शरीक हों, साथ ही ईद की नमाज़ भी अदा करें और शांति के साथ अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने तमाम मोमिनीन से अपील की कि ईद-उल-फितर के दिन अपने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज़ अदा करें, ताकि एकजुटता और शोक का संदेश दिया जा सके और शांतिपूर्वक विरोध हो।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की कुछ राजनीतिक पार्टियों ने खुले तौर पर ईरान पर हुए हमले की निंदा की और आयतुल्लाह खामेनई का नाम लेकर ताज़ियत पेश की। वहीं कुछ अन्य दलों ने इस मुद्दे पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी, कुछ ने तो इस हमले का विरोध भी नही किया और कुछ ने घुमा फिरा कर विरोध किया जिसमे ना तो आयतुल्लाह खमेनाई का नाम लिया और ना ही ईरान का।

मौलाना सैफ़ अब्बास ने कहा कि जिन सियासी संगठनों ने स्पष्ट रूप से ईरान या आयतुल्लाह खामेनई का नाम लेकर संवेदना व्यक्त नहीं की, उनके संबंध में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कुछ सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। मौलाना ने कहा के ना तो वो उन की तरफ से आयोजित इफ्तार पार्टियों में शिरकत करेंगे और अगर ईद के दिन वह ईद मिलने आएंगे तो ईद मिलने से इंकार करेंगे, उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका निजी निर्णय है, और यदि अन्य लोग भी इसे उचित समझें तो वे अपनी समझ के अनुसार निर्णय ले सकते हैं।

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