यूपी में आयुष्मान कार्ड को लेकर नया नियम- अब OPD में भी मुफ्त इलाज, प्राइवेट अस्पतालों में अपॉइंटमेंट बुकिंग शुरू

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। यह योजना देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा

By INA News Desk
Oct 3, 2025 - 13:55
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यूपी में आयुष्मान कार्ड को लेकर नया नियम- अब OPD में भी मुफ्त इलाज, प्राइवेट अस्पतालों में अपॉइंटमेंट बुकिंग शुरू
यूपी में आयुष्मान कार्ड को लेकर नया नियम- अब OPD में भी मुफ्त इलाज, प्राइवेट अस्पतालों में अपॉइंटमेंट बुकिंग शुरू
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उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत योजना के तहत एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राज्य में आयुष्मान कार्ड धारकों को न केवल अस्पताल में भर्ती होने पर, बल्कि आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में भी मुफ्त इलाज मिल सकेगा। यह सुविधा प्राइवेट अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत है। पहले योजना केवल सेकेंडरी और टर्शियरी केयर के लिए थी, लेकिन अब प्राइमरी और फॉलो-अप केयर को शामिल किया गया है। इस पहल से राज्य के 5.38 करोड़ आयुष्मान कार्ड धारकों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इसे लागू करने के लिए स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS) को जिम्मेदारी सौंपी है। हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-4444 पर कॉल करके अपॉइंटमेंट बुक की जा सकती है। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

यह घोषणा 1 अक्टूबर 2025 को की गई। फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां आयुष्मान भारत के तहत प्राइवेट अस्पतालों में OPD कंसल्टेशन मुफ्त उपलब्ध होंगी। योजना के तहत अब जनरल OPD, स्पेशलिटी OPD (जैसे हृदय, किडनी, गैस्ट्रो), इलेक्टिव OPD (जैसे घुटने का प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सर्जरी, प्रसव), फॉलो-अप OPD और इमरजेंसी OPD शामिल हैं। अगर किसी मरीज को भर्ती होने की जरूरत पड़े, तो उसे आयुष्मान भारत के तहत ही मुफ्त इलाज मिलेगा। SACHIS ने बताया कि अपॉइंटमेंट बुकिंग के लिए हेल्पलाइन पर कॉल करने पर स्टाफ अस्पताल के सिस्टम से जुड़कर स्लॉट अलॉट करेगा। यह सुविधा शुरू में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में उपलब्ध होगी, लेकिन धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलेगी।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। यह योजना देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। योजना के तहत 12 करोड़ परिवारों को शामिल किया गया है, जो SECC-2011 डेटाबेस के आधार पर चुने गए हैं। उत्तर प्रदेश में अब तक 5.38 करोड़ कार्ड जारी हो चुके हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। इंडिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 87 प्रतिशत परिवार कवर हो चुके हैं। 74 लाख से अधिक लाभार्थियों ने इलाज लिया है, जिस पर 12,283 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। योजना में 6,099 अस्पताल एम्पैनल्ड हैं, जिनमें सरकारी और प्राइवेट दोनों शामिल हैं। लेकिन पहले OPD कवरेज नहीं था, जिसकी कमी की शिकायतें आती रहीं। संसदीय स्टैंडिंग कमिटी ऑन हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने मार्च 2025 में अपनी रिपोर्ट में OPD सेवाओं को शामिल करने की सिफारिश की थी। उत्तर प्रदेश ने इसे सबसे पहले लागू कर दिया।

इस नई सुविधा से गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। पहले OPD के लिए लोग अपनी जेब से पैसे खर्च करते थे, जो कई बार बोझ बन जाता था। अब आयुष्मान कार्ड दिखाकर प्राइवेट डॉक्टर से मुफ्त सलाह ली जा सकेगी। उदाहरण के लिए, हृदय रोगी को स्पेशलिस्ट से चेकअप कराने में अब कोई खर्च नहीं होगा। इमरजेंसी OPD में तुरंत मदद मिलेगी। फॉलो-अप OPD से डिस्चार्ज के बाद दवाओं और जांचों का खर्च बचेगा। इलेक्टिव OPD से सर्जरी से पहले की जांचें मुफ्त होंगी। SACHIS के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में बड़ा योगदान है। हेल्पलाइन पर ट्रेंड स्टाफ 24x7 उपलब्ध रहेगा। अपॉइंटमेंट कन्फर्म होने पर एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। आयुष्मान कार्ड के अलावा मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया गया है। राज्य में 2,000 से अधिक प्राइवेट अस्पताल योजना से जुड़े हैं। आयुष्मान कार्ड हॉस्पिटल लिस्ट वेबसाइट के अनुसार, लखनऊ में 150, कानपुर में 120 और वाराणसी में 100 से ज्यादा अस्पताल हैं। कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। लाभार्थी PMJAY पोर्टल या ऐप से पात्रता चेक कर सकते हैं। इलाज के दौरान कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा। लेकिन कॉस्मेटिक सर्जरी, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट या ड्रग रिहैबिलिटेशन कवर नहीं हैं। पॉलिसीबाजार की रिपोर्ट के अनुसार, योजना डे-1 से कवरेज देती है, लेकिन OPD अब नया जोड़ा गया है।

यह पहल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगी। गरीबों को प्राइवेट अस्पतालों में जाने का भरोसा बढ़ेगा। इससे सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि OPD कवरेज से प्रिवेंटिव केयर मजबूत होगी, जो बीमारियों को बढ़ने से रोकेगी। डॉक्टरप्रेन्योर एकेडमी की रिपोर्ट में कहा गया है कि OPD शामिल करने से पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन केयर भी बेहतर हो सकती है। उत्तर प्रदेश ने AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया है, ताकि योजना का दुरुपयोग न हो। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल एम्पैनल्ड अस्पतालों में ही जाएं।

सोशल मीडिया पर इस खबर का स्वागत हो रहा है। एक्स पर कई यूजर्स ने इसे गरीबों के लिए वरदान बताया। एक पोस्ट में लिखा गया, "अब OPD मुफ्त, योगी सरकार का कमाल।" विपक्ष ने भी सराहना की, लेकिन पूछा कि कब पूरे देश में लागू होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने इसे मॉडल राज्य का दर्जा दिया है। ABDM पोर्टल पर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भी जुड़ेंगे, जो इलाज को आसान बनाएगा।

यह कदम आयुष्मान भारत के सात साल पूरे होने पर आया है। योजना ने देशभर में लाखों जिंदगियां बचाई हैं। उत्तर प्रदेश में 9 करोड़ पात्र परिवारों में से 5.38 करोड़ कवर हो चुके हैं। खर्च का बड़ा हिस्सा प्राइवेट अस्पतालों पर है, जो गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं। अब OPD से छोटी-मोटी बीमारियां भी मुफ्त ठीक होंगी। अगर कोई परिवार अभी कार्ड नहीं बनवा पाया है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बनवा सकता है।

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