मलेशिया कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी- कहा, 'सरदारजी 3 हमले से पहले शूट हुई, मैच उसके बाद खेला गया।
पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने मलेशिया के कुआलालंपुर में अपने कॉन्सर्ट के दौरान एक पुरानी विवाद पर खुलकर बात की। यह विवाद उनकी फिल्म 'सरदारजी 3' से जुड़ा है,
पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने मलेशिया के कुआलालंपुर में अपने कॉन्सर्ट के दौरान एक पुरानी विवाद पर खुलकर बात की। यह विवाद उनकी फिल्म 'सरदारजी 3' से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर का किरदार था। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह फिल्म भारत में रिलीज नहीं हो सकी। दिलजीत ने कहा कि फिल्म की शूटिंग हमले से दो महीने पहले फरवरी में हुई थी, जबकि भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच हमले के बाद खेला गया। उन्होंने कहा, 'फर्क सिर्फ इतना है कि मेरी फिल्म हमले से पहले शूट हुई थी और मैच हमले के बाद खेला गया।' यह बयान सुनकर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। दिलजीत ने अपने देश के प्रति प्यार जताया और कहा कि पंजाबी और सिख कभी राष्ट्र के खिलाफ नहीं जा सकते।
कॉन्सर्ट 24 सितंबर 2025 को हुआ, जो दिलजीत के 'ऑरा टूर' का पहला शो था। मंच पर एक फैन भारतीय झंडा लहरा रहा था। दिलजीत ने उसे देखा और कहा, 'यह मेरे देश का झंडा है। हमेशा सम्मान।' फिर उन्होंने दर्शकों से अनुमति मांगी कि कुछ बातें कहें। पंजाबी में बोलते हुए उन्होंने कहा, 'जब सरदारजी 3 की शूटिंग हो रही थी, तब मैच हो रहे थे। उसके बाद पहलगाम में दर्दनाक हमला हुआ। हमने तब प्रार्थना की और आज भी करते हैं कि आतंकियों को सख्त सजा मिले।' दिलजीत ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कई जवाब दिए जा सकते थे, लेकिन चुप रहना बेहतर समझा। 'मैंने सब कुछ अंदर रख लिया। जीवन ने सिखाया है कि जहर को अंदर न आने दो।' यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लाखों लोगों ने इसे शेयर किया।
पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था। आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए, ज्यादातर पर्यटक। भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिसने इनकार किया। इसके बाद भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने जवाबी मिसाइलें दागीं। तनाव बढ़ने से पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट भारत में बैन हो गए। हानिया आमिर का अकाउंट भी बंद हुआ। इसी बीच 'सरदारजी 3' का ट्रेलर 22 जून को रिलीज हुआ। फिल्म में हानिया का छोटा सा रोल था, लेकिन हमले के बाद विवाद भड़क गया। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयी (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बैन की मांग की। सोशल मीडिया पर दिलजीत को 'राष्ट्र-विरोधी' कहा गया।
फिल्म 27 जून को विदेशों में रिलीज हुई, लेकिन भारत में नहीं। प्रोड्यूसर्स ने भारत रिलीज रद्द कर दी। दिलजीत ने पहले बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा था कि शूटिंग के समय सब ठीक था। 'फिल्म बनाते समय स्थिति सामान्य थी। उसके बाद जो हुआ, वह हमारे हाथ में नहीं।' उन्होंने कहा कि प्रोड्यूसर्स अब विदेश रिलीज पर जोर दे रहे हैं, इसलिए उनका साथ देंगे। हानिया के बारे में पूछा तो बोले, 'वह प्रोफेशनल है। मैं निजी व्यक्ति हूं, ज्यादा घुलमिल नहीं।' विवाद के दौरान अनुपम खेर ने दिलजीत की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कला के नाम पर बहन के सिंदूर को नष्ट नहीं कर सकते। नसीरुद्दीन शाह ने दिलजीत का बचाव किया। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में भी बहस हुई कि पाकिस्तानी कलाकारों को कास्ट न करें।
दिलजीत का यह बयान एशिया कप के भारत-पाकिस्तान मैच के बाद आया। मैच हमले के बाद खेला गया, जिस पर सोशल मीडिया पर बहस हुई। हमले के पीड़ित परिवारों ने मैच का विरोध किया। कुछ ने कहा कि सरकार ने मैच की इजाजत दी, लेकिन फिल्म क्यों रोकी। दिलजीत ने इसी फर्क पर इशारा किया। कॉन्सर्ट में उन्होंने कहा, 'मैंने चुप्पी साधी क्योंकि ज्यादा बोलने से फायदा नहीं।' दर्शकों ने उनका साथ दिया। वीडियो क्लिप्स में दिखा कि दिलजीत भावुक हो गए। एक फैन ने लिखा, 'दिलजीत भाई सच्चे देशभक्त हो।' लेकिन कुछ ने तंज कसा कि मैच खेलना ठीक, फिल्म बनाना गलत कैसे।
दिलजीत का करियर हमेशा विवादों से घिरा रहा। 'पंजाब 95' फिल्म सेंसर बोर्ड में अटकी, 127 कट्स मांगे गए। लेकिन 'सरदारजी 3' उनकी फ्रेंचाइजी का तीसरा भाग है। पहली 'सरदारजी' 2015 में आई, जो हॉरर-कॉमेडी थी। दूसरी 2016 में। तीसरी में नेeru बाजवा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म विदेशों में अच्छी चली, लेकिन भारत में नुकसान हुआ। दिलजीत ने कहा कि फिल्म 100 प्रतिशत घाटे में जाएगी, लेकिन प्रोड्यूसर्स का साथ देंगे। उनके पास कई जवाब हैं, लेकिन जहर फैलाना नहीं चाहते।
मलेशिया कॉन्सर्ट में दिलजीत ने गाने गाए, लेकिन यह स्पीच मुख्य आकर्षण बनी। उन्होंने देशभक्ति दिखाई। 'मैं कभी देश के खिलाफ नहीं जाऊंगा।' पंजाबी और सिख समुदाय ने उनका समर्थन किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय मीडिया ने उन्हें गलत तरीके से पेश किया। लेकिन दिलजीत ने कहा कि सिख हमेशा राष्ट्र के साथ। यह बयान उनके टूर का हिस्सा था, जो दुनिया भर में चल रहा। अगला शो सिंगापुर में।
विवाद ने पंजाबी सिनेमा को सोचने पर मजबूर किया। कई प्रोड्यूसर्स ने कहा कि बॉर्डर पार कलाकारों से बचें। लेकिन दिलजीत ने प्रेम का संदेश दिया। 'म्यूजिक देशों को जोड़ता है, युद्ध अलग करता।' बीबीसी इंटरव्यू में उन्होंने कहा। हानिया ने भी सफाई दी कि वह शांति चाहती हैं। विवाद के बावजूद दिलजीत की फैन फॉलोइंग बढ़ी। उनके इंस्टाग्राम पर 20 मिलियन फॉलोअर्स हैं।
पहलगाम हमले ने भारत-पाक रिश्तों को तनावपूर्ण बनाया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई की। क्रिकेट मैच खेलना कूटनीति का हिस्सा था, लेकिन फिल्म को सांस्कृतिक हथियार माना गया। दिलजीत का बयान इसी दोहरे मापदंड पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि कला और खेल अलग हैं। लेकिन दिलजीत ने साफ कहा कि समय का फर्क है।
कॉन्सर्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई ने दिलजीत की तारीफ की, कुछ ने मैच का जिक्र कर तंज कसा। एक यूजर ने लिखा, 'दिलजीत सही कह रहे, फर्क समय का है।' दूसरा बोला, 'फिल्म रिलीज क्यों नहीं हुई?' दिलजीत ने जवाब नहीं दिया। उनके पास 'बॉर्डर 2' जैसी फिल्में हैं, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन हैं। यह 2026 में आएगी।
यह घटना दिखाती है कि सेलिब्रिटी कितना दबाव झेलते हैं। दिलजीत ने चुप्पी तोड़ी, लेकिन ज्यादा नहीं बोले। उन्होंने जीवन से सीखा कि नकारात्मकता से दूर रहें। पंजाबी इंडस्ट्री में यह बहस जारी है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे विवाद कम हों। दिलजीत का संदेश शांति का था। देशभक्ति हर दिल में होनी चाहिए।
दिलजीत दोसांझ का सफर गांव से बॉलीवुड तक प्रेरणादायक है। 1984 में जन्मे, उन्होंने गाने से शुरुआत की। 'जट्ट एंड जूलियट' जैसी फिल्मों से लोकप्रिय हुए। हॉलीवुड में भी कदम रखा। विवादों के बावजूद वे आगे बढ़ते हैं। यह बयान उनके फैंस को राहत देगा। मलेशिया में भारतीय झंडा लहराने वाले फैंस ने दिखाया कि उनका प्यार सच्चा है।
विवाद का असर फिल्म पर पड़ा, लेकिन दिलजीत की इमेज मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय राष्ट्रभक्त है। यह सच्चाई है। पंजाब ने हमेशा देश के लिए बलिदान दिए। दिलजीत ने इसे याद दिलाया। कॉन्सर्ट सफल रहा। अब टूर जारी। दिलजीत की चुप्पी ने सबको सोचने पर मजबूर किया। लेकिन अब वे खुले।
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