Viral News: वॉकी-टॉकी लेकर दो दिन से वाईपीडी डोम गरबा में घूम रहा था युवक नकली सब इंस्पेक्टर, बाउंसरों से कहा- मैं...., देखें पूरा वीडियो।
गुजरात के सूरत शहर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। नवरात्रि के उत्सव के बीच गरबा कार्यक्रम में एक युवक ने खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर बताकर कई दिनों तक वीआईपी एंट्री ली। यह मामला
गुजरात के सूरत शहर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। नवरात्रि के उत्सव के बीच गरबा कार्यक्रम में एक युवक ने खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर बताकर कई दिनों तक वीआईपी एंट्री ली। यह मामला डुमास थाना क्षेत्र के वाईपीडी डोम गरबा स्थल का है, जहां आयोजकों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी पकड़ा गया। पकड़े गए युवक का नाम युवराज नारू राठौड़ है, जो वराछा क्षेत्र का निवासी है और मूल रूप से भानपुर, भावनगर का रहने वाला है। वह एक डायमंड कारखाने में काम करने वाला कारीगर है, लेकिन पुलिस के प्रति उसके आकर्षण ने उसे इस फर्जीवाड़े की ओर धकेल दिया।
घटना की शुरुआत नवरात्रि के दूसरे दिन हुई, जब गरबा का आयोजन जोर-शोर से चल रहा था। सूरत शहर में इस बार नवरात्रि का उत्साह चरम पर है। हजारों लोग रंग-बिरंगे परिधानों में गरबा नृत्य कर रहे थे। वाईपीडी डोम में भी भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी बीच युवराज राठौड़ सिविल कपड़ों में पहुंचा। उसके हाथ में एक पुरानी और खराब वॉकी-टॉकी थी, जो उसने अपने एक होटल मालिक दोस्त से उधार ली थी। वह सीना तानकर चलता हुआ वीआईपी गेट की ओर बढ़ा। बाउंसरों को उसने कहा, मैं युवराज सिंह राठौड़ हूं, पुलिस सब-इंस्पेक्टर हूं और ड्यूटी पर हूं। उसके बाल और मूंछें भी किसी पुलिस अधिकारी जैसी लग रही थीं, जो उसने जानबूझकर बढ़ाई हुई थीं। बिना किसी संदेह के उसे अंदर आने दिया गया।
वीडियो फुटेज में साफ दिखाई देता है कि युवराज कैसे बेधड़क वीआईपी लाउंज में घुस गया। वह वहां घूमता रहा, सेलिब्रिटी लोगों के साथ फोटो खिंचवाता रहा और गरबा का पूरा मजा लेता रहा। आयोजकों ने बाद में बताया कि वह पिछले दो दिनों से लगातार आ रहा था। पहले दिन भी वह इसी तरह वीआईपी एंट्री लेकर अंदर गया था। उसने खुद को कई उच्च अधिकारियों और राजनेताओं का परिचित बताया, जिससे कोई शक नहीं हुआ। सूरत में गरबा आयोजनों की संख्या हजारों में है, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते हैं, लेकिन फिर भी ऐसी चालाकी से बचना मुश्किल हो जाता है।
अगले दिन भी युवराज की हिम्मत नहीं टूटी। वह फिर से उसी अंदाज में पहुंचा। लेकिन इस बार आयोजकों को कुछ संदेह हुआ। आयोजक नयान मांगरोलिया ने बताया कि युवक का व्यवहार थोड़ा अजीब लग रहा था। वह बार-बार वॉकी-टॉकी पर बात करने का नाटक कर रहा था, लेकिन उसकी आवाज साफ नहीं आ रही थी। साथ ही, उसके पास कोई आधिकारिक आईडी नहीं थी। आयोजकों ने तुरंत डुमास पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जोन-7 डिप्टी कमिश्नर शेफाली बरवाल ने इसकी जांच शुरू की। वे खुद मौके पर पहुंचीं और युवराज को घेर लिया। पूछताछ में उसने अपना असली नाम और पेशा बता दिया।
पुलिस ने बताया कि युवराज ने कबूल किया कि उसे पुलिस की वर्दी और अधिकार का बहुत शौक है। वह बचपन से ही पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखता था, लेकिन कभी परीक्षा नहीं दी। वडोदरा में उसके कुछ रिश्तेदार पुलिस में हैं, इसलिए उसे विभाग की कार्यप्रणाली की अच्छी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर वह गरबा आयोजनों में घुसपैठ कर रहा था। वॉकी-टॉकी खराब होने के बावजूद वह उसे लहराकर अधिकार का दिखावा करता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह फर्जी फोटो भी दिखाता था, जिनमें वह अधिकारियों के साथ खड़ा नजर आता था। ये फोटो संपादित थीं।
डुमास पुलिस ने आयोजक नयान मांगरोलिया की शिकायत पर युवराज के खिलाफ मामला दर्ज किया। उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 170 (सार्वजनिक सेवक बनकर धोखा देना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके फोन और अन्य सामान की जांच की, जिसमें कोई अन्य आपराधिक साजिश नहीं मिली। लेकिन यह घटना गरबा आयोजकों के लिए चेतावनी है। सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने पहले ही घोषणा की थी कि शहर में करीब 1000 गरबा आयोजन हो रहे हैं। सभी स्थलों पर सख्त सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। अब इस घटना के बाद आयोजकों को आईडी चेकिंग और ज्यादा सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
यह घटना नवरात्रि के उत्साह में एक कड़वा अनुभव जोड़ती है। नवरात्रि गुजरात का सबसे बड़ा त्योहार है, जहां गरबा नृत्य देवी दुर्गा की आराधना का प्रतीक है। सूरत जैसे शहरों में लाखों लोग इसमें भाग लेते हैं। गरबा पंडालों में वीआईपी जोन अलग होते हैं, जहां टिकट महंगे होते हैं। कई लोग मुफ्त एंट्री के चक्कर में फर्जीवाड़ा करते हैं। लेकिन इस बार पुलिस की सजगता ने इसे रोक लिया। युवराज का पिता एक डायमंड फैक्ट्री चलाते हैं, इसलिए परिवार की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठे हैं।
पुलिस ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें युवराज के अंदर जाते और गिरफ्तार होते हुए के फुटेज हैं। वीडियो में गुजराती में लिखा है, अधिकारी और राजनेताओं के साथ फोटो दिखाकर पास के बिना गरबा में घुसने वाले को सूरत सिटी डुमास पुलिस ने पकड़ा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोगों ने पुलिस की तारीफ की, लेकिन साथ ही गरबा आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल भी उठाए। एक आयोजक ने कहा कि अब हम हर संदिग्ध व्यक्ति की आईडी चेक करेंगे। सूरत में नवरात्रि के दौरान ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष टीमें तैनात हैं।
युवराज की गिरफ्तारी से गरबा आयोजनों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। नवरात्रि का यह उत्सव अब बाकी दिनों तक चलेगा। लोग गरबा के माध्यम से एकता और भक्ति का संदेश देते हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं त्योहार के माहौल को प्रभावित करती हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी पहचान बनाकर घुसपैठ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। युवराज को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उसे जमानत मिल सकती है। लेकिन यह मामला सबक सिखाता है कि उत्सवों में सतर्क रहना जरूरी है।
सूरत पुलिस ने इस घटना को सार्वजनिक जागरूकता के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि गरबा में आने वाले सभी लोग टिकट लें और फर्जी आईडी न दिखाएं। नवरात्रि का यह मौका खुशियों का है, लेकिन सुरक्षा पहले। युवराज की कहानी एक फिल्मी मोड़ लेती है, जहां सपनों ने उसे फर्जी दुनिया में ले जाकर गिरफ्त में डाल दिया। अब जांच पूरी होने के बाद ही पूरा मामला साफ होगा।
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