Jodhpur: चैनपुरा बावड़ी में आवारा सांड ने 60 वर्षीय महिला को हवा में उछाला, सीसीटीवी वीडियो वायरल।
राजस्थान के जोधपुर शहर के मंडोर क्षेत्र में चैनपुरा बावड़ी इलाके में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां सड़क पर जा रही 60 वर्षीय सरोज गहलोत पर एक आवारा सांड ने अचानक हमला
राजस्थान के जोधपुर शहर के मंडोर क्षेत्र में चैनपुरा बावड़ी इलाके में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां सड़क पर जा रही 60 वर्षीय सरोज गहलोत पर एक आवारा सांड ने अचानक हमला कर दिया। सांड ने अपने सींग से उन्हें उठाकर करीब तीन फीट दूर एक दीवार पर पटक दिया, जिससे सरोज गहलोत गंभीर रूप से घायल हो गईं और बेहोश हो गईं। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो देखकर लोग दहशत में हैं। सरोज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके सिर पर पांच टांके लगे हैं। स्थानीय लोग आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे से परेशान हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना चैनपुरा बावड़ी के एक संकरी गली में हुई, जो मंडोर क्षेत्र का एक पुराना और घनी आबादी वाला इलाका है। सरोज गहलोत एक सामान्य गृहिणी हैं, जो अपने परिवार के साथ रहती हैं। गुरुवार दोपहर के समय वह लाल साड़ी पहने घर से निकली थीं। वे बाजार जा रही थीं या पड़ोस में किसी काम से, यह स्पष्ट नहीं है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, गली सुनसान थी। सरोज धीरे-धीरे चल रही थीं, तभी अचानक एक काले रंग का आवारा सांड उनकी ओर दौड़ता हुआ आया। सांड पहले कुछ कदम पीछे हटा, लेकिन फिर तेजी से लपका और सींग से सरोज के निचले हिस्से में जोरदार प्रहार किया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि सांड ने सरोज को हवा में उठा लिया। वे करीब तीन फीट ऊपर उछल गईं और फिर दीवार से टकराकर जमीन पर गिर पड़ीं। गिरते समय उनका सिर दीवार पर लगा, जिससे खून बहने लगा। सरोज चीखीं और तुरंत बेहोश हो गईं। वे सड़क पर कई मिनट तक पड़ी रहीं। आसपास कोई नहीं था, इसलिए सांड आराम से भाग गया। करीब दस मिनट बाद एक राहगीर महिला वहां से गुजरी। उन्होंने सरोज को देखा और चिल्लाई। फिर पड़ोसियों को बुलाया। ग्रामीणों ने स्ट्रेचर बनाकर सरोज को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया और जोधपुर के एम्बी हॉस्पिटल या एमडीएम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
चिकित्सा जांच में पता चला कि सरोज के सिर में गंभीर चोट है। उनके सिर पर पांच टांके लगे हैं। इसके अलावा, पीठ और कमर में भी मोच और सूजन है। डॉक्टरों का कहना है कि सरोज की उम्र अधिक होने से रिकवरी में समय लगेगा। वे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और बेड रेस्ट पर हैं। परिवार वाले बताते हैं कि सरोज को पहले से ही जोड़ों का दर्द था, लेकिन यह हमला उनकी सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। उनके पति का निधन हो चुका है, इसलिए दो बेटे और बहुएं उनका ख्याल रखती हैं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एक बेटे ने कहा कि मां रोजाना गली से गुजरती हैं, लेकिन आज का दिन बदतर साबित हुआ। हम सांड को भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन ये आवारा पशु कहीं से भी आ जाते हैं।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सनसनी फैला दी। मात्र 30 सेकंड का क्लिप एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाखों बार देखा गया। कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए दुख जताया। एक पोस्ट में लिखा गया कि जोधपुर जैसे शहर में आवारा सांडों का राज चल रहा है, प्रशासन सो रहा है। एक अन्य यूजर ने कहा कि वीडियो देखकर रूह कांप गई, ऐसी महिलाओं की सुरक्षा कौन करेगा। एक्स पर #JodhpurBullAttack जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने भी इसे कवर किया। न्यूज चैनलों पर बहस छिड़ गई कि आवारा पशुओं पर नियंत्रण क्यों नहीं हो रहा।
मंडोर और चैनपुरा बावड़ी इलाके में आवारा पशुओं की समस्या पुरानी है। यहां गलियों में सांड, गाय और कुत्ते घूमते रहते हैं। वे कचरे के ढेरों पर खाना ढूंढते हैं और अक्सर लोगों पर हमला कर देते हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि पिछले तीन महीनों में पांच-छह ऐसी घटनाएं हुई हैं। कभी बच्चे, कभी बुजुर्ग निशाना बनते हैं। बाजार जाते समय लोग डरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जोधपुर नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही है। कांजी हाउस बनाए गए हैं, लेकिन वहां पशुओं को रखने की सुविधा कम है। गौशालाएं भी कम हैं। लोग कहते हैं कि सांडों को पकड़ने के लिए नियमित अभियान चलने चाहिए। एक निवासी ने कहा कि हमने कई शिकायतें कीं, लेकिन कोई फायदा नहीं। अब तो महिलाएं अकेले बाहर नहीं निकलतीं।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी सीमित है। मंडोर थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। आवारा सांड को पकड़ने का प्रयास जारी है। जोधपुर कलेक्टर कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन सोशल मीडिया के दबाव से कार्रवाई की उम्मीद है। राजस्थान सरकार ने पहले भी आवारा पशुओं के लिए योजना चलाई है, जैसे पशु ट्रैकिंग और गौशाला विस्तार। लेकिन जमीनी स्तर पर कमजोरी है। जोधपुर में पशुधन अधिक है, इसलिए समस्या गंभीर। विशेषज्ञ सुझाते हैं कि स्थानीय निकायों को ड्राइव चलानी चाहिए। साथ ही, लोगों को सलाह दी जाती है कि सांडों को उकसाएं नहीं और दूरी बनाकर रखें।
यह हादसा केवल सरोज के परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए चेतावनी है। आवारा पशु सड़क दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रहे हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठे, तो और घटनाएं होंगी। सरोज की जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना हो रही है। स्थानीय लोग एकजुट होकर प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि चैनपुरा बावड़ी और मंडोर के अन्य हिस्सों में पशु नियंत्रण अभियान शुरू हो। एक ग्रामीण ने कहा कि हम रोज डरते हैं, बच्चे स्कूल जाते समय भी सतर्क रहते हैं।
इस घटना ने शहरीकरण के साथ पशु प्रबंधन की जरूरत पर जोर दिया है। जोधपुर पर्यटन का केंद्र है, लेकिन ऐसी समस्याएं छवि खराब करती हैं। उम्मीद है कि वायरल वीडियो से प्रशासन जागेगा और प्रभावी कदम उठाएगा। फिलहाल, सरोज का परिवार दुआ कर रहा है कि वे जल्द घर लौटें। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ दिनों में छुट्टी मिल सकती है, लेकिन पूर्ण रिकवरी में महीनों लगेंगे। समाज को भी जागरूक होना चाहिए कि आवारा पशुओं को भोजन न दें, इससे वे इलाके में बढ़ते हैं।
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वीडियो लिंक- https://www.instagram.com/reel/DPDXSpEiLe8/
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