वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू: 22 दिनों के सस्पेंशन के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह, मौसम पर निर्भर
सस्पेंशन के दौरान श्रद्धालु निराश थे। कटरा में हजारों लोग फंस गए। कुछ ने विरोध प्रदर्शन किया। 14 सितंबर को फिर से शुरू करने का प्लान था, लेकिन बारिश ने रोक दिया। 15 सितंबर को श्रद्धालुओं
जम्मू-कश्मीर के रीसी जिले में स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों पर बने माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा आज 17 सितंबर 2025 से फिर से शुरू हो गई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यह घोषणा की है कि यात्रा सुबह से चालू हो गई, लेकिन यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। जय माता दी के नारों के बीच कटरा बेस कैंप में सैकड़ों श्रद्धालु इकट्ठा हो गए। बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक चैनलों से ही अपडेट लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इससे पहले 26 अगस्त को एक भयानक भूस्खलन के ठीक पहले यात्रा रोक दी गई थी, जिसमें 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे। लगभग 22 दिनों के इस बंदी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया, लेकिन अब यात्रा के फिर शुरू होने से कटरा में खुशी की लहर दौड़ गई है। बोर्ड ने कहा कि यह यात्रा हमारी आस्था और लचीलापन की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।
यह घटना 26 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 2:40 बजे हुई थी। भारी बारिश और बादल फटने से अधकुड़ी के पास इंदरप्रस्थ भोजालय के निकट भूस्खलन आ गया। उस समय यात्रा मार्ग पर 12 से 15 श्रद्धालु मौजूद थे। शुरुआत में पांच मौतें और 14 घायलों की खबर आई, लेकिन बाद में आंकड़ा बढ़कर 34 मौतें हो गया। घायलों को कटरा अस्पताल ले जाया गया। बचाव कार्य तुरंत शुरू हो गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई लोग मलबे में दबे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। यूनियन होम मिनिस्टर अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला और एलजी मनोज सिन्हा से बात की। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की। यात्रा को सुरक्षा के लिहाज से तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। मार्ग अवरुद्ध हो गया था और खतरा बरकरार था।
भूस्खलन के बाद जम्मू क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। नदियां उफान पर थीं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर कई जगहें बंद हो गईं। चंद्रकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पत्थर गिरने से ट्रैफिक रुक गया। पुल टूट गए, बिजली के खंभे गिर गए। मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गया। कुल मिलाकर 13 से अधिक मौतें हुईं, जिनमें वैष्णो देवी मार्ग की नौ शामिल थीं। चार व्यापारी भाई राजस्थान के थे, जो यात्रा पर थे। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब से भी लोग प्रभावित हुए। बोर्ड ने कहा कि यह अप्रत्याशित था। पहले कभी इस इलाके में ऐसा भूस्खलन नहीं हुआ। लेकिन मानसून के दौरान हिमालयी क्षेत्रों में खतरा रहता है। 2025 में अब तक 52 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके थे। बोर्ड ने मौसम चेतावनी के बावजूद यात्रा जारी रखने के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे ही सस्पेंशन की घोषणा हो गई थी।
सस्पेंशन के दौरान श्रद्धालु निराश थे। कटरा में हजारों लोग फंस गए। कुछ ने विरोध प्रदर्शन किया। 14 सितंबर को फिर से शुरू करने का प्लान था, लेकिन बारिश ने रोक दिया। 15 सितंबर को श्रद्धालुओं ने बेस कैंप पर धरना दिया। वे सिक्योरिटी बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने रोका। स्थानीय व्यापारियों को नुकसान हुआ। होटल, रेस्टोरेंट खाली पड़े। यात्रा पर निर्भर लाखों लोग प्रभावित हुए। बोर्ड ने मरम्मत कार्य तेज किया। मार्ग साफ करने में 19 से 22 दिन लग गए। अब रास्ता सुरक्षित घोषित हो गया। आरएफआईडी ट्रैकिंग अनिवार्य रहेगी। वैध आईडी ले जाना जरूरी है। बांगंगा दरshan गेट से यात्रा शुरू होती है। 12 किलोमीटर का पैदल मार्ग है। हेलीकॉप्टर सुविधा भी उपलब्ध है।
16 सितंबर को बोर्ड ने एक्स पर पोस्ट किया। जय माता दी, यात्रा 17 सितंबर से शुरू, लेकिन मौसम पर निर्भर। आधिकारिक चैनलों से अपडेट लें। वेबसाइट maavaishnodevi.org पर रजिस्ट्रेशन करें। यात्रा स्लिप छह घंटे में इस्तेमाल करें। बोर्ड ने धन्यवाद दिया। कहा कि श्रद्धालुओं की धैर्य की सराहना। यह हमारी आस्था की जीत है। सुरक्षा, पवित्रता और सम्मान बनाए रखेंगे। सुबह 6 बजे यात्रा चालू हुई। बांगंगा पर कतारें लग गईं। एक श्रद्धालु ने कहा कि तीन दिन से इंतजार कर रहे थे। एंडमान से टिकट कैंसल किया। भाग्यशाली महसूस हो रहा। एक अन्य ने कहा कि यह विशेष दिन है। अधिकारियों का धन्यवाद।
यात्रा के फिर शुरू होने से नवरात्रि की तैयारी तेज हो गई। शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक है। बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैष्य ने बैठक बुलाई। एडिशनल सीईओ, जॉइंट सीईओ, डिप्टी सीईओ, एसएसपी रीसी, सीआरपीएफ कमांडेंट, एसडीएम कटरा, एसपी कटरा, तहसीलदार भवन, एसडीपीओ कटरा, आर्मी, फायर सर्विसेज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सुरक्षा, मेडिकल, ट्रैफिक प्रबंधन पर चर्चा। लाखों श्रद्धालु आने की उम्मीद। प्रसाद वितरण अच्छा रहा। बोर्ड ने कहा कि मानवीय सहायता पर फोकस। एलजी मनोज सिन्हा ने भूस्खलन की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी बनाई। कारणों की पड़ताल। भविष्य में रोकथाम के उपाय।
वैष्णो देवी यात्रा भारत की सबसे लोकप्रिय तीर्थयात्राओं में से एक है। हर साल करोड़ों लोग आते हैं। माता वैष्णवी ने यहां तपस्या की। गुफा में तीन रूपों का दर्शन। यात्रा आस्था का प्रतीक। लेकिन मानसून में खतरा। विशेषज्ञ कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन से बारिश अनियमित हो रही। भूस्खलन बढ़ रहे। बोर्ड ने जागरूकता अभियान चलाया। मौसम ऐप चेक करें। हेलमेट, स्टिक ले जाएं। पॉनिटूरेन, भीमसर, अधकुड़ी, संजिचत पर रुकें। दर्शन के बाद भैरवनाथ का दर्शन जरूरी। हेली सेवा से समय बचेगा।
यह घटना सबक देती है। प्रकृति का सम्मान करें। बोर्ड ने राहत दी। पीड़ित परिवारों को मुआवजा। उत्तर प्रदेश के सीएम ने चार लाख रुपये की घोषणा की। एनजीओ ने मदद की। कटरा अब जीवंत हो गया। दुकानें खुलीं। श्रद्धालु चढ़ाई पर। जय माता दी के नारे गूंज रहे। उम्मीद है कि नवरात्रि में रिकॉर्ड भीड़। बोर्ड ने सभी सेवाओं के लिए नवंबर 2025 का कोटा जारी किया। ऑनलाइन बुकिंग करें। यात्रा सुरक्षित रहे, यही प्रार्थना। यह आस्था की विजय है।
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