जयपुर में वाई-फाई विवाद में बेटे ने मां को पीट-पीटकर मार डाला, पिता-बहनों के बीच-बचाव के बावजूद मौत

परिवार के सदस्यों ने तुरंत संतोष को पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर चोटें बताईं। सिर पर गहरे घाव, छाती पर चोटें और कई जगह फ्रैक्चर हो गए थे। उन्हें आईसीयू में

Sep 17, 2025 - 11:09
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जयपुर में वाई-फाई विवाद में बेटे ने मां को पीट-पीटकर मार डाला, पिता-बहनों के बीच-बचाव के बावजूद मौत
जयपुर में वाई-फाई विवाद में बेटे ने मां को पीट-पीटकर मार डाला, पिता-बहनों के बीच-बचाव के बावजूद मौत

राजस्थान के जयपुर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। करधनी क्षेत्र के एक आवासीय इलाके में 31 वर्षीय नवीन सिंह तंवर ने अपनी 52 वर्षीय मां संतोष देवी की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। यह घटना 15 सितंबर 2025 को दोपहर करीब एक बजे हुई। विवाद की जड़ एक मामूली बात थी - घर का वाई-फाई कनेक्शन बंद होने को लेकर। नवीन का गुस्सा इतना भड़क गया कि वह किचन में अपनी मां पर लातें और मुक्के बरसाने लगा। पिता रमेश सिंह, जो दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल हैं, और दो बहनें बीच-बचाव करने पहुंचीं, लेकिन वे नवीन को रोक न सके। संतोष गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिवार ने उन्हें तुरंत जयपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया, जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस ने नवीन को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो परिवार के किसी सदस्य द्वारा रिकॉर्ड किया गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया।

यह घटना करधनी थाना क्षेत्र के एक साधारण मकान में घटी। संतोष देवी गृहिणी थीं और परिवार का ख्याल रखती थीं। नवीन बेरोजगार था और अक्सर घर पर ही रहता था। पिता रमेश सिंह दिल्ली में ड्यूटी करते हैं, लेकिन छुट्टी पर घर आए हुए थे। परिवार में दो बेटियां भी हैं, जो जयपुर में ही रहती हैं। पुलिस के अनुसार, दोपहर के समय नवीन वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहा था। अचानक कनेक्शन बंद हो गया। संतोष ने शायद एलपीजी गैस सिलेंडर खत्म होने की बात कही, जिससे नवीन को लगा कि मां ने जानबूझकर वाई-फाई बंद कर दिया। छोटी-सी बात पर बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि नवीन ने अपनी मां को लपेट लिया। वह किचन में घुस गया और संतोष को जोर-जोर से मारने लगा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि संतोष जमीन पर गिर पड़ीं, लेकिन नवीन नहीं रुका। वह घुटनों से दबा रहा और मुक्के मारता रहा। संतोष बेहोश हो गईं। पिता रमेश ने नवीन को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन बेटे का गुस्सा देखकर वे पीछे हट गए। बहनें चिल्लाईं और पड़ोसियों को बुलाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

परिवार के सदस्यों ने तुरंत संतोष को पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर चोटें बताईं। सिर पर गहरे घाव, छाती पर चोटें और कई जगह फ्रैक्चर हो गए थे। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। रमेश सिंह ने बताया कि बेटे का गुस्सा अक्सर भड़क जाता था। पहले भी छोटी-मोटी झड़पें हुई थीं, लेकिन कभी इतना हिंसक नहीं हुआ। बहनों ने पुलिस को शिकायत दी कि नवीन मानसिक रूप से परेशान था। वह नौकरी न मिलने से तनाव में रहता था। सोशल मीडिया पर समय बिताता और छोटी बातों पर झल्ला जाता। इस घटना के बाद परिवार सदमे में है। रमेश सिंह ने कहा कि वे बेटे को सजा दिलाना चाहते हैं, लेकिन दिल टूट गया है। बहनें रो-रोकर बुरा हाल हैं। पड़ोसी भी हैरान हैं। वे बताते हैं कि संतोष बहुत मिलनसार महिला थीं। हमेशा मुस्कुराती रहतीं। नवीन कभी-कभी गुस्सैल लगता था, लेकिन हत्या की कल्पना भी न की।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। करधनी थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। वीडियो के आधार पर नवीन को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि गुस्से में ऐसा कर बैठा। लेकिन पछतावा जताया। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि मृतका के जेठ ओमपाल सिंह की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आईपीसी की धारा 302 के तहत केस चलेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पिटाई से मौत की पुष्टि हुई। सीन क्राइम टीम ने घर की तलाशी ली। कोई हथियार नहीं मिला, सिर्फ हाथों से मारपीट हुई। पुलिस नवीन की मानसिक जांच कराएगी। अगर जरूरी हुआ तो साइकेट्रिक मदद दी जाएगी। मीणा ने कहा कि परिवार में पहले भी विवाद होते थे, लेकिन यह हद पार हो गई। समाज को संदेश है कि छोटे विवादों को संभालें। गुस्से पर काबू रखें।

यह घटना जयपुर में चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो शेयर कर रहे हैं। कई ने इसे परिवार विघटन का प्रतीक बताया। विशेषज्ञ कहते हैं कि बेरोजगारी और तकनीकी लत युवाओं को आक्रामक बना रही है। वाई-फाई जैसी छोटी चीज पर जान लेना दुखद है। एनजीओ ने परिवार को सहारा देने की पेशकश की। जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार में मदद की। संतोष का शव घर लाया गया। रिश्तेदार इकट्ठे हुए। रोना-धोना मच गया। पिता रमेश ने बेटे से आखिरी बार बात की। लेकिन नवीन जेल में है। बहनें अब घर संभाल रही हैं। वे कहती हैं कि मां का सपना था कि भाई नौकरी करे। लेकिन सब बर्बाद हो गया। पड़ोसियों ने शोक सभा रखी। वे संतोष को याद कर रहे हैं।

राजस्थान में ऐसे पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। स्कूलों और कॉलेजों में काउंसलिंग बढ़ाएं। नवीन का केस कोर्ट में चलेगा। वकील कहते हैं कि अगर मानसिक बीमारी साबित हुई तो सजा कम हो सकती है। लेकिन परिवार न्याय चाहता है। यह घटना समाज को झकझोर रही है। मां का बलिदान व्यर्थ न जाए। बच्चे माता-पिता का सम्मान करें। विवाद बातचीत से सुलझाएं। जयपुर पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया। वे घर-घर जाकर सलाह देंगे। यह दर्दनाक कहानी एक सबक है। गुस्सा नियंत्रित करें, वरना जिंदगियां बर्बाद हो जाती हैं। संतोष की आत्मा को शांति मिले। परिवार को हिम्मत मिले।

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