Sambhal : सदियों पुराने बाग भारती तीर्थ से हटा 40 साल पुराना कब्जा, बुलडोजर चला तो खुला आस्था का रास्ता

ग्रामीणों के मुताबिक बाग भारती तीर्थ की मान्यता सदियों पुरानी है। यहां शादी-विवाह और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मिट्टी लेने लोग दूर-दूर से आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तीर्थ में स्नान करने से पाप क्षीण होने की मान्यता है और हिन्दू धर्म के लोग वर्षों से यहां

By INA News Desk
May 26, 2026 - 21:54
112 Views
Sambhal : सदियों पुराने बाग भारती तीर्थ से हटा 40 साल पुराना कब्जा, बुलडोजर चला तो खुला आस्था का रास्ता
Sambhal : सदियों पुराने बाग भारती तीर्थ से हटा 40 साल पुराना कब्जा, बुलडोजर चला तो खुला आस्था का रास्ता

Report : उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल में मंगलवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सदियों पुराने बाग भारती तीर्थ को कब्जा मुक्त करा दिया।

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में नायब तहसीलदार दीपक जुरैल समेत प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँची और तीर्थ तक जाने वाले रास्ते पर खड़ी फसल पर बुलडोजर चलाकर रास्ता साफ कराया।

ग्रामीणों के मुताबिक बाग भारती तीर्थ की मान्यता सदियों पुरानी है। यहां शादी-विवाह और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मिट्टी लेने लोग दूर-दूर से आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तीर्थ में स्नान करने से पाप क्षीण होने की मान्यता है और हिन्दू धर्म के लोग वर्षों से यहां पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

ग्रामीण वेद प्रकाश और योगिंदर ने बताया कि तीर्थ तक पहुंचने वाले रास्ते और आसपास की जमीन पर लंबे समय से कब्जा था, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती थी।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब तीर्थ का रास्ता खुल गया है और लोगों में खुशी का माहौल है।

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि स्कंद पुराण में भी इस स्थान का उल्लेख बाग भारती तीर्थ के रूप में मिलता है।

उनके अनुसार गाटा संख्या 813 में स्थित तालाब और तीर्थ की भूमि पर करीब 40 वर्षों से अवैध कब्जा था।

प्रशासन ने कब्जा हटाकर तालाब, चकमार्ग, नाली, कब्रिस्तान और श्मशान की भूमि को मुक्त कराया है। प्रशासन का कहना है कि तीर्थ तक जाने वाले रास्ते का बैनामा भी कराया जाएगा ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

Also Click : Lucknow : ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले का स्वागत किया, कहा- प्रधान ही बेहतर तरीके से समझ सकते हैं गांवों की जरूरतें

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement