सम्भल में हजरत सय्यद मौहम्मद यूसुफ हसन चिश्ती के 34वें उर्स का आगाज, तीन दिन तक चलेगा कार्यक्रम
सम्भल के चौधरी सराय स्थित खानकाह में हजरत सय्यद मौहम्मद यूसुफ हसन चिश्ती साबरी के 34वें उर्स का आगाज हो गया है। तीन दिवसीय उर्स में कई कार्यक्रम होंगे।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
गिलाफ पोशी, महफिल-ए-नात और कुल की रस्म में जुटेंगे अकीदतमंद, मुल्क में अमन-ओ-अमान के लिए मांगी जाएंगी दुआएं
सम्भल के चौधरी सराय स्थित खानकाह-ए-चिश्तिया साबरिया यूसुफिया अरमुगानिया में हजरत सय्यद मौहम्मद यूसुफ हसन चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह के 34वें सालाना उर्स का आगाज हो गया है।

तीन दिवसीय उर्स के पहले दिन गुरुवार को गिलाफ पोशी की रस्म के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। उर्स को लेकर अकीदतमंदों में खास उत्साह है। अगले दो दिनों तक भी धार्मिक कार्यक्रमों, महफिल और लंगर का सिलसिला जारी रहेगा।

हजरत यूनुस मियां ने बताया कि यह उर्स खानकाह के बानी और उनके पीरो-मुर्शिद हजरत सय्यद मौहम्मद यूसुफ हसन चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह की याद में आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन खिलाफ पोशी की रस्म अदा की गई, जबकि शुक्रवार को भी खिलाफ पोशी के साथ हल्का-ए-जिक्र, महफिल-ए-नात और लंगर का आयोजन होगा।

उन्होंने बताया कि शनिवार 17 अक्टूबर को सुबह 10 बजे जियारत-ए-मुए मुबारक नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम होगी। इसके बाद महफिल-ए-नात और दोपहर 12:45 बजे कुल की रस्म अदा की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है। जायरीन के लिए लंगर और तबर्रुकात का भी इंतजाम किया गया है। हजरत यूनुस मियां के मुताबिक, उर्स में सभी कौमों, देश और समाज में अमन-ओ-अमान कायम रहने की दुआएं मांगी जाएंगी। उर्स का समापन अकीदत और धार्मिक रस्मों के साथ होगा।
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