मैनपुरी की सौज झील बनी अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट: उत्तर प्रदेश में संख्या बढ़कर हुई 14, देश में मिला दूसरा स्थान
मैनपुरी की सौज झील को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट घोषित किया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक और पर्यावरणीय विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी वैश्विक पहचान मिली है। मैनपुरी जनपद स्थित 'सौज झील' को आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (रामसर साइट) घोषित किया गया है। इस महत्वपूर्ण मान्यता के साथ ही उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है, जिससे राज्य भारत में सबसे अधिक रामसर साइट्स वाले राज्यों की सूची में दूसरे स्थान पर मजबूती से स्थापित हो गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्ध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मैनपुरी की किशनी तहसील में स्थित है प्राकृतिक संपदा से समृद्ध सौज झील
मैनपुरी जिले की किशनी तहसील के अंतर्गत आने वाली सौज झील एक महत्वपूर्ण मौसमी आर्द्रभूमि (सीजनल वैटलैंड) है। कृषि क्षेत्रों से घिरी यह झील दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्राकृतिक आश्रयस्थल का काम करती है।
प्रभागीय वनाधिकारी शिवम मिश्र के अनुसार, इस आर्द्रभूमि पर 96 पक्षी प्रजातियां, 19 मछली प्रजातियां और 7 सरीसृप प्रजातियां पाई जाती हैं। यह स्थान उत्तर प्रदेश के राज्य पक्षी और संकटग्रस्त प्रजाति के रूप में चिन्हित 'सारस' (सारस क्रेन) तथा 'ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क' जैसे दुर्लभ और विलुप्तप्राय पक्षियों का मुख्य प्राकृतिक आवास है।
उत्तर प्रदेश के 14 अंतरराष्ट्रीय रामसर स्थलों की पूरी सूची
सौज झील के शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश में संरक्षित आर्द्रभूमियों का दायरा व्यापक हुआ है। राज्य के सभी 14 रामसर स्थल इस प्रकार हैं:
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सौज झील (मैनपुरी)
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समान पक्षी अभयारण्य (मैनपुरी)
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नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव)
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पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य (गोंडा)
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समसपुर पक्षी अभयारण्य (रायबरेली)
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सरसई नावर झील (इटावा)
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सांडी पक्षी अभयारण्य (हरदोई)
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सूर सरोवर पक्षी विहार (आगरा)
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बखिरा पक्षी अभयारण्य (संत कबीर नगर)
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ऊपरी गंगा नदी - बृजघाट से नरोरा (बुलंदशहर)
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हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर/बिजनौर)
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पटना पक्षी अभयारण्य (एटा)
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शेखा झील पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़)
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जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य - सुरहा ताल (बलिया)
रामसर टैग मिलने के बाद अब इस झील के संरक्षण, जैविक संवर्धन और इको-टूरिज्म के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विशेष बजटीय और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
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