Sant Kabir Nagar: फूलन देवी जयंती पर सपा कार्यालय में भिड़ंत, नेताओं की हाथापाई से कार्यकर्ता नाराज
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिलाध्यक्ष और जिला महासचिव के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। इस तनाव का असर कार्यक्रम में देखने को मिला, जब मंच पर दोनों नेताओं के बीच बह
संत कबीर नगर में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला कार्यालय में फूलन देवी जयंती के कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी बहस और हाथापाई हो गई। यह घटना खलीलाबाद स्थित सपा जिला कार्यालय में हुई, जिसने पार्टी की अंदरूनी कलह को सामने ला दिया। इस विवाद ने कार्यक्रम का माहौल खराब कर दिया और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।
फूलन देवी जयंती का यह कार्यक्रम सपा के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि पार्टी उन्हें पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय की नायिका के रूप में देखती है। इस मौके पर बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार की उम्मीद थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से मीडिया को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। सूत्रों के अनुसार, जिला कार्यालय ने जानबूझकर इस आयोजन को गोपनीय रखा, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह विवाद पहले से नियोजित था।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिलाध्यक्ष और जिला महासचिव के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। इस तनाव का असर कार्यक्रम में देखने को मिला, जब मंच पर दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हुई। यह बहस जल्द ही हाथापाई में बदल गई, जिससे वहां मौजूद कार्यकर्ता हैरान रह गए।
यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब डेढ़ हफ्ते पहले भी सपा के जिला कार्यालय में दो वरिष्ठ नेताओं के बीच टकराव की खबर सामने आई थी। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं और आम लोगों में गलत संदेश दे रही हैं। उनका कहना है कि नेताओं की गुटबाजी और अनुशासनहीनता से पार्टी का मिशन 2027 प्रभावित हो सकता है।
घटना के बाद कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जिला कार्यकारिणी में जल्द बदलाव जरूरी है, वरना 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। इस घटना की रिपोर्ट सपा के प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। उम्मीद है कि पार्टी जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा फैसला लेगी।
इसके अलावा, मार्च 2025 में खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में होली के दौरान हुए एक अन्य विवाद की जांच के लिए सपा ने 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा था, जिसमें जिलाध्यक्ष अब्दुल कलाम, सांसद रमाशंकर राजभर, और अन्य नेता शामिल थे। उस जांच की रिपोर्ट भी प्रदेश कार्यालय को सौंपी गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन जिला स्तर पर इस तरह की घटनाएं पार्टी के लिए चुनौती बन रही हैं। संत कबीर नगर में लगातार होने वाले विवाद कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते संगठन में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी की चुनावी रणनीति पर बुरा असर पड़ सकता है।
पार्टी ने हाल के वर्षों में संगठन को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, 2023 में संत कबीर नगर के लिए अब्दुल कलाम को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद, जिला इकाई में एकता की कमी साफ दिख रही है।
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