Kanpur : कानपुर मेट्रो रेल परियोजना ने वायु गुणवत्ता सुधार में निभाई अहम भूमिका, कानपुर को मिला देश में पांचवां स्थान

निर्माण चरण से ही यूपीएमआरसी ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई ठोस कदम उठाए - जैसे निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और जल छिड़काव की नियमित व्यवस्था, व्हील वॉशिंग

Oct 8, 2025 - 22:45
 0  31
Kanpur : कानपुर मेट्रो रेल परियोजना ने वायु गुणवत्ता सुधार में निभाई अहम भूमिका, कानपुर को मिला देश में पांचवां स्थान
Kanpur : कानपुर मेट्रो रेल परियोजना ने वायु गुणवत्ता सुधार में निभाई अहम भूमिका, कानपुर को मिला देश में पांचवां स्थान

नियमित पानी के छिड़काव, ग्रीन कंस्ट्रक्शन और पर्यावरण-अनुकूल परिचालन से प्रदूषण नियंत्रण में मिला प्रोत्साहन

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में कानपुर ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि वर्तमान में कानपुर शहर में मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पर शेष सिविल निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर प्रगति पर है।कानपुर मेट्रो ने न केवल शहर को एक आधुनिक, सुगम और हरित परिवहन विकल्प प्रदान किया है, बल्कि अपने पर्यावरण-अनुकूल निर्माण उपायों के माध्यम से वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।निर्माण चरण से ही यूपीएमआरसी ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई ठोस कदम उठाए - जैसे निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और जल छिड़काव की नियमित व्यवस्था, व्हील वॉशिंग प्लांट्स, सुनियोजित बैरिकेडिंग, मैकेनिकल स्वीपिंग और धूल नियंत्रण प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन।मुख्य सड़कों और निर्माण स्थलों पर नियमित मशीन आधारित सफाई व्यवस्था ने भी शहर की वायु गुणवत्ता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही, मेट्रो स्टेशनों और डिपो परिसर में विकसित की जा रही ग्रीन बेल्ट और सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत कर रही है।इस उपलब्धि पर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, “कानपुर मेट्रो परियोजना का लक्ष्य केवल आधुनिक परिवहन सुविधा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि एक स्वच्छ और हरित शहर के निर्माण में योगदान देना भी है। मेट्रो प्रणाली जीरो कार्बन उत्सर्जन पर आधारित एक सतत परिवहन विकल्प है। निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाई गई हमारी रणनीतियाँ और पर्यावरण-अनुकूल परिचालन पद्धतियाँ इस सफलता का मूल आधार हैं। आने वाले समय में भी यूपीएमआरसी पूरी सजगता के साथ इसी दिशा में कार्य करता रहेगा।”

  • पर्यावरण हित में कानपुर मेट्रो के प्रमुख प्रयास

सभी स्टेशनों और डिपो में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने हेतु 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग प्रणाली 

ट्रेनों एवं लिफ्टों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम — जिससे लगभग 45 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होती है।

वायाडक्ट पर वर्षा जल संचयन कूप — अधिक से अधिक वर्षा जल का संरक्षण सुनिश्चित करने हेतु।

एचवीएसी-आधारित स्मार्ट एयर कंडिशनिंग कंट्रोल सिस्टम — यात्री संख्या और कार्बन डाइऑक्साइड स्तर के अनुसार तापमान का स्वचालित नियंत्रण।

निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन, जल छिड़काव, व्हील वॉशिंग, बैरिकेडिंग और मैकेनिकल ब्रूमिंग जैसी व्यवस्थाओं का निरंतर पालन

इन पर्यावरण-अनुकूल उपायों और नवाचारों ने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना को एक टिकाऊ, स्वच्छ और आधुनिक परिवहन प्रणाली के रूप में स्थापित किया है - जो न केवल शहर के विकास को गति दे रही है, बल्कि भविष्य के लिए हरित और स्वस्थ वातावरण का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।

Also Click : Saharanpur : ऑपरेशन सवेरा के तहत बेहट पुलिस ने चरस तस्कर को पकड़ा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow