Pilibhit : पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ मित्रों की इको विकास समितियों का हुआ गठन
विश्व वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत सप्त सरोवर पर सभी पांचो इको विकास समितियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार
Report : कुँवर निर्भय सिंह, आईएनए पीलीभीत- उत्तर प्रदेश
पीलीभीत : टाइगर रिजर्व में बाघ मित्रों के काम एवं उनके सहयोग को देखते हुए विश्व प्रकृति निधि भारत की ओर से इको विकास समितियों का गठन किया गया।इन समितियों को रजिस्ट्रार, फर्म्स समिति एवं चिट्स के द्वारा पंजीकृत भी करा दिया गया है।यह पंजीकरण पांच वर्षों के लिए मान्य है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ मित्र कार्यक्रम वर्ष 2019 में प्रारंभ किया गया था ।वर्तमान में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 130 बाघ मित्र कार्यरत हैं। बाघ मित्र निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य कर रहे हैं। जिसका सुखद परिणाम मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण में मिल रहा है। बाघ मित्र कार्यक्रम को संगठनात्मक रुप प्रदान करते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों रेंजो में डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इण्डिया के द्वारा रेंज स्तरीय बाघ मित्र इको विकास समिति का गठन कर सभी को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत कराया गया है।
विश्व वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत सप्त सरोवर पर सभी पांचो इको विकास समितियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार विश्व प्रकृति निधि भारत के द्वारा समिति गठन का उद्देश्य, प्रबंधन, कर्तव्य और अधिकार पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर मुख्य अतिथि उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान ने कहा आप सामाजिक तानों पर ध्यान न देकर निस्वार्थ भाव से कार्य करते है। आप की निस्वार्थ भाव सेवा वन्यजीव संरक्षण में अतुलनीय हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी देवल कदम, राहुल कुमार , बराही समिति के अध्यक्ष अतुल सिंह, विपिन कुमार दियूरिया , बनबारी लाल लाल पुर, शत्रुघ्न महोफ, चितरंजन हरीपुर, श्याम बिहारी माला, सचिव वन दरोगा राम भरत यादव, राम बहादुर, रघुबीर सिंह, सुरेंद्र गौतम, पुष्पेन्द्र कुमार सहित बाघ मित्र उपस्थित रहे।
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