Barabanki News : गाढ़ेवीर बाबा मंदिर के अमृत सरोवर में मछली पालन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अमृत सरोवर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का भी हिस्सा है। मछली...
By INA News Barabanki.
बाराबंकी : विकास खंड बंकी की ग्राम पंचायत असेनी में स्थित प्राचीन गाढ़ेवीर बाबा मंदिर के अमृत सरोवर में मछली पालन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। इस पवित्र सरोवर को आस्था का केंद्र मानने वाले ग्रामीणों ने मछली पालन को धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी को सैकड़ों हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गाढ़ेवीर बाबा मंदिर और उससे जुड़ा अमृत सरोवर ग्रामीणों के लिए सैकड़ों वर्षों से आस्था और श्रद्धा का प्रतीक रहा है। इस सरोवर के आसपास मेला, भंडारा और विभिन्न धार्मिक आयोजन नियमित रूप से होते रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दिवाकर सिंह ने तालाब का पट्टा लेकर अमृत सरोवर में मछली पालन शुरू करवाया और इसकी खुदाई करवाई, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। इस कार्य से नाराज ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर विरोध जताया और जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अमृत सरोवर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का भी हिस्सा है। मछली पालन जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए इस पवित्र स्थल का उपयोग ग्रामीणों को अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे आस्था के साथ छेड़छाड़ और पवित्रता का अपमान करार दिया। ग्रामीणों ने मांग की कि मछली पालन तुरंत बंद किया जाए और सरोवर की मूल स्थिति बहाल की जाए।
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जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह के कार्यों से न केवल उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक तनाव भी बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि मामले की गहन जांच की जाए और दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गाढ़ेवीर बाबा मंदिर और अमृत सरोवर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह स्थल न केवल स्थानीय ग्रामीणों के लिए, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी श्रद्धा का केंद्र है। मछली पालन जैसे कार्यों से इसकी पवित्रता को नुकसान पहुंचने की आशंका ने ग्रामीणों को एकजुट होने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की तत्काल जांच की जाए और ग्रामीणों की शिकायतों का निवारण किया जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करना उनकी प्राथमिकता है।
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