फिल्म 'जुदाई' के सेट पर पनपा था श्रीदेवी और बोनी कपूर का इश्क, पर्दे के पीछे छिपी थी एक परिवार के टूटने की दास्तां

श्रीदेवी और अनिल कपूर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया था, लेकिन सेट पर मौजूद लोग इस बात को महसूस कर रहे थे कि बोनी कपूर अपनी फिल्म की लीड एक्ट्रेस के प्रति काफी समर्पित और सुरक्षात्मक हो गए थे। अनिल कपूर, जो बोनी कपूर के

By INA News Desk
May 9, 2026 - 09:26
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फिल्म 'जुदाई' के सेट पर पनपा था श्रीदेवी और बोनी कपूर का इश्क, पर्दे के पीछे छिपी थी एक परिवार के टूटने की दास्तां
फिल्म 'जुदाई' के सेट पर पनपा था श्रीदेवी और बोनी कपूर का इश्क, पर्दे के पीछे छिपी थी एक परिवार के टूटने की दास्तां

  • 'मुझे एक पल चैन ना आए' गाने से जसपिंदर नरूला ने किया था आगाज, फिल्म की शूटिंग के दौरान बदल रहे थे रिश्तों के समीकरण
  • जब परदे पर श्रीदेवी और अनिल कपूर रच रहे थे इतिहास, तब बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना शौरी कपूर का बिखर रहा था आशियाना

भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 1997 में आई फिल्म 'जुदाई' एक मील का पत्थर मानी जाती है, लेकिन इस फिल्म के निर्माण के दौरान जो वास्तविक जीवन के घटनाक्रम चल रहे थे, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थे। राज कंवर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में श्रीदेवी, अनिल कपूर और उर्मिला मांतोडकर मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती थी जो पैसों के लालच में अपने पति का सौदा कर देती है। विडंबना यह थी कि जहां पर्दे पर रिश्तों के टूटने और बिखरने का खेल चल रहा था, वहीं फिल्म के सेट पर निर्माता बोनी कपूर और अभिनेत्री श्रीदेवी के बीच एक ऐसा प्रेम संबंध परवान चढ़ रहा था, जिसने बॉलीवुड के गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। यह फिल्म श्रीदेवी के करियर की एक महत्वपूर्ण फिल्म थी, जिसके बाद उन्होंने एक लंबा ब्रेक लिया था।

फिल्म 'जुदाई' का संगीत उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था और विशेष रूप से 'मुझे एक पल चैन ना आए' गाने ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। इस गाने के माध्यम से गायिका जसपिंदर नरूला ने बॉलीवुड की पार्श्व गायकी की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था। उनकी बुलंद और रूहानी आवाज ने इस गाने को विरह और तड़प का एक जीवंत दस्तावेज बना दिया था। उस समय किसी को यह अंदाजा नहीं था कि जसपिंदर की आवाज में जो दर्द महसूस हो रहा है, वह असल जिंदगी में फिल्म से जुड़े एक परिवार के भीतर घटित हो रहा है। संगीत के स्तर पर फिल्म ने जितनी ऊंचाइयां छुईं, परदे के पीछे की उलझनों ने भी उतनी ही सुर्खियां बटोरीं। यह गाना आज भी प्रेम और जुदाई के सबसे बेहतरीन गीतों में गिना जाता है।

जहां एक तरफ श्रीदेवी और बोनी कपूर के बीच नजदीकियां बढ़ रही थीं, वहीं दूसरी तरफ बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना शौरी कपूर के जीवन में दुखों का पहाड़ टूट रहा था। उन दिनों फिल्मी गलियारों में यह बात चर्चा का विषय थी कि श्रीदेवी और बोनी कपूर के प्रेम संबंध अब केवल पेशेवर दायरे तक सीमित नहीं रहे थे। मोना शौरी कपूर, जो बोनी कपूर की पहली पत्नी और उनके दो बच्चों की मां थीं, अपने वैवाहिक जीवन को बिखरते हुए देख रही थीं। उनके लिए यह दौर मानसिक रूप से बेहद कष्टदायक था क्योंकि श्रीदेवी न केवल उनकी पसंदीदा अभिनेत्री थीं, बल्कि उनके घर में एक दोस्त की तरह रहती थीं। रिश्तों का यह त्रिकोण उस समय की सबसे बड़ी फिल्मी गपशप बन गया था, जिसने एक सुखी परिवार की नींव हिला दी थी। फिल्म 'जुदाई' की शूटिंग के दौरान ही श्रीदेवी की गर्भावस्था की खबरें भी आने लगी थीं। इसी फिल्म के पूरा होने के कुछ समय बाद उन्होंने बोनी कपूर के साथ अपने रिश्ते को आधिकारिक पहचान दी और फिल्मी दुनिया से कुछ समय के लिए विदा ले ली।

श्रीदेवी और अनिल कपूर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया था, लेकिन सेट पर मौजूद लोग इस बात को महसूस कर रहे थे कि बोनी कपूर अपनी फिल्म की लीड एक्ट्रेस के प्रति काफी समर्पित और सुरक्षात्मक हो गए थे। अनिल कपूर, जो बोनी कपूर के छोटे भाई हैं, उनके लिए भी यह स्थिति काफी असहज थी क्योंकि वे एक तरफ अपने भाई के पेशेवर हितों को देख रहे थे और दूसरी तरफ परिवार में मचे घमासान से भी वाकिफ थे। फिल्म में उर्मिला मांतोडकर ने दूसरी पत्नी की भूमिका निभाई थी, जो संयोगवश असल जिंदगी में हो रहे बदलावों से मेल खाती दिख रही थी। सेट पर रोमांस की शूटिंग और असल जिंदगी में पनपते प्रेम के बीच एक महीन रेखा थी जो उस समय पूरी तरह धुंधली हो चुकी थी।

मोना शौरी कपूर के लिए वह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। उन्होंने एक साक्षात्कार में बिना किसी का नाम लिए अपने टूटे हुए दिल की व्यथा साझा की थी। उनका मानना था कि उनके विश्वास के साथ जो हुआ वह उनकी कल्पना से परे था। जिस घर में उन्होंने श्रीदेवी को शरण दी थी और उन्हें अपनी छोटी बहन जैसा माना था, वहीं से उनके सुहाग का रास्ता बदल गया। मोना के आंसू और उनका संघर्ष उस समय मीडिया की चकाचौंध के पीछे कहीं दब गया था, क्योंकि पूरी दुनिया श्रीदेवी और बोनी कपूर की नई शुरुआत और फिल्म 'जुदाई' की सफलता का जश्न मना रही थी। मोना ने उस कठिन दौर में भी अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान केंद्रित किया और खुद को एक मजबूत महिला के रूप में स्थापित किया। फिल्म 'जुदाई' की सफलता ने श्रीदेवी को एक बार फिर नंबर वन की स्थिति पर पहुंचा दिया था। उनकी अदाकारी की सराहना हर तरफ हो रही थी, लेकिन इस सफलता की कीमत एक परिवार ने अपना आशियाना खोकर चुकाई थी। फिल्म के रिलीज होने के कुछ समय बाद ही बोनी और श्रीदेवी ने शादी कर ली, जिससे मोना शौरी कपूर का वैवाहिक जीवन आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया। बॉलीवुड के इतिहास में यह किस्सा हमेशा उन उदाहरणों में शामिल रहेगा जहां परदे की काल्पनिक कहानियों और असल जिंदगी की कड़वी सच्चाइयों का आमना-सामना हुआ था। 'जुदाई' केवल एक फिल्म नहीं रह गई थी, बल्कि यह बोनी कपूर, श्रीदेवी और मोना कपूर के जीवन का एक टर्निंग पॉइंट बन गई थी।

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