ताइक्वांडो में स्वर्ण पदक जीतकर मधु सिंह बनीं हेड कांस्टेबल, पुलिस कमिश्नर ने कंधे पर सितारे लगाकर बढ़ाया मान
पुलिस विभाग में इस तरह की पदोन्नति को 'आउट ऑफ टर्न प्रमोशन' की श्रेणी में रखा जाता है, जो विशेष रूप से उन कर्मियों को दिया जाता है जो खेल, वीरता या किसी असाधारण कार्य के माध्यम से विभाग का नाम रोशन करते हैं। मधु सिं
- नोएडा पुलिस की महिला सिपाही मधु सिंह ने रचा इतिहास, खेल के मैदान में जीत के बाद विभाग में मिला बड़ा सम्मान
- खाकी का गौरव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली मधु सिंह को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन, विभाग में खुशी की लहर
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में तैनात महिला पुलिसकर्मी मधु सिंह ने अपनी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण से न केवल पुलिस विभाग का सिर फख्र से ऊंचा किया है, बल्कि प्रदेश की युवा महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश की है। नोएडा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत मधु सिंह को उनकी खेल संबंधी उत्कृष्ट उपलब्धियों के आधार पर विभाग द्वारा प्रोन्नति प्रदान की गई है। उन्होंने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पुलिस विभाग के साथ-साथ राज्य का नाम भी रोशन किया है। विभाग ने उनके इस जज्बे को देखते हुए उन्हें समय से पूर्व प्रमोशन देने का फैसला किया, जो पुलिस सेवा में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की सरकार की नीति का हिस्सा है।
मधु सिंह की इस सफलता की कहानी उनकी खेल के प्रति अटूट निष्ठा से जुड़ी हुई है। उन्होंने वर्ष 2025 में आयोजित ताइक्वांडो चैंपियनशिप के दौरान अपने शानदार कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और कांस्य पदक अपने नाम किए थे। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन एक सक्रिय पुलिस सेवा में रहते हुए खुद को खेल के लिए तैयार करना और फिर पदक जीतना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। उनकी इस दोहरी भूमिका और खेल के प्रति उनकी एकाग्रता ने उन्हें विभाग के अन्य कर्मियों से अलग खड़ा कर दिया है। पदक जीतने के बाद से ही उनके विभाग में प्रमोशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग चुकी है।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित एक विशेष गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मधु सिंह को सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर ने स्वयं मधु सिंह के कंधे पर हेड कांस्टेबल के पद के सितारे लगाकर उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी। कमिश्नर ने मधु सिंह के संघर्ष और उनकी खेल यात्रा की सराहना करते हुए इसे विभाग के लिए गौरव का क्षण बताया। किसी भी पुलिसकर्मी के लिए उसके उच्च अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से सम्मानित होना और पदोन्नति के सितारे लगवाना उसके करियर का सबसे यादगार पल होता है। मधु सिंह की यह प्रोन्नति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर में एक बड़ा उछाल है, बल्कि यह खेल के क्षेत्र में सक्रिय अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी। मधु सिंह ने ताइक्वांडो की वैश्विक स्पर्धाओं में अपनी तकनीक और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन कर प्रतिद्वंदियों को पछाड़ा। उनकी इस जीत ने सिद्ध कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो खाकी की ड्यूटी के साथ-साथ खेल की दुनिया में भी शिखर तक पहुँचा जा सकता है।
पुलिस विभाग में इस तरह की पदोन्नति को 'आउट ऑफ टर्न प्रमोशन' की श्रेणी में रखा जाता है, जो विशेष रूप से उन कर्मियों को दिया जाता है जो खेल, वीरता या किसी असाधारण कार्य के माध्यम से विभाग का नाम रोशन करते हैं। मधु सिंह ने ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2025 में जो प्रदर्शन किया, उसने चयन समिति को प्रभावित किया और उनके नाम की सिफारिश प्रोन्नति के लिए की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस बल में पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, और मधु सिंह का प्रमोशन इसी कड़ी का एक हिस्सा है। इससे पुलिस बल के भीतर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा और अधिक से अधिक युवा पुलिसकर्मी खेलों की ओर आकर्षित होंगे।
मधु सिंह की इस यात्रा में उनके सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नोएडा पुलिस प्रशासन ने उन्हें अभ्यास के लिए आवश्यक समय और सुविधाएं प्रदान कीं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर सकीं। ताइक्वांडो जैसे खेल में अत्यधिक अनुशासन और नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। ड्यूटी की व्यस्तताओं के बीच मधु ने अपनी फिटनेस और तकनीक पर लगातार काम किया। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि यदि संस्थान का सहयोग मिले, तो एक कर्मचारी अपनी प्रतिभा के दम पर संगठन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकता है। इस सफलता का व्यापक असर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों पर भी पड़ रहा है। विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों के बीच मधु सिंह एक 'रोल मॉडल' के रूप में उभरी हैं। उनकी पदोन्नति ने यह संदेश दिया है कि सरकार और प्रशासन न केवल मेडल जीतने पर सम्मान देते हैं, बल्कि करियर की उन्नति में भी पूरा सहयोग करते हैं। मधु सिंह की कहानी उन रूढ़ियों को तोड़ती है जो मानती हैं कि सरकारी नौकरी में आने के बाद खेल करियर समाप्त हो जाता है। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए आने वाले समय में नोएडा पुलिस की खेल विंग में और अधिक संसाधनों के विस्तार की संभावना जताई जा रही है।
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