पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्या पर बवाल: शहजाद पूनावाला ने 'TMC' को बताया 'टोटल माफिया कल्चर'।
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा के खूनी खेल और तीखे बयानों की तपिश से झुलस रही है। राज्य विधानसभा चुनाव
- सुवेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या से गरमाई सियासत, भाजपा का दावा- यह सुनियोजित सुपारी किलिंग है
- बंगाल में 'जंगलराज' का आरोप, भाजपा नेता का संकल्प- प्रदेश में सरकार बनते ही अपराधियों को दी जाएगी कड़ी सजा
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा के खूनी खेल और तीखे बयानों की तपिश से झुलस रही है। राज्य विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद उपजी परिस्थितियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और विपक्ष के पूर्व नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में भूचाल ला दिया है। इस घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया है। पूनावाला ने प्रदेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया और इस हत्याकांड को 'टारगेटेड सुपारी किलिंग' की संज्ञा दी है, जिसके बाद से ही पूरे उत्तर 24 परगना जिले में तनाव व्याप्त है। शहजाद पूनावाला ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक अर्थ अब 'टोटल माफिया कल्चर' में बदल चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की गई है, वह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि एक पूर्व नियोजित और लक्षित हमला है। पूनावाला के अनुसार, पिछले 15 वर्षों के दौरान राज्य में जिस प्रकार का शासन मॉडल विकसित किया गया है, उसने लोकतंत्र की जगह 'महाजंगलराज' को स्थापित कर दिया है। भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोधियों को रास्ते से हटाने के लिए इस तरह की 'सुपारी किलिंग' का सहारा लेना टीएमसी की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है, जिससे राज्य का आम नागरिक और विपक्षी कार्यकर्ता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। घटना के विवरण के अनुसार, चंद्रनाथ रथ जब बुधवार रात करीब 10:30 बजे उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे, तब मोटरसाइकिल पर आए अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। हमलावरों ने बेहद पेशेवर तरीके से वारदात को अंजाम दिया, जहां उन्होंने रथ की गाड़ी को बीच सड़क पर जबरन रुकवाया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, उन्हें निशाना बनाकर तीन से चार राउंड फायरिंग की गई, जिसमें से तीन गोलियां उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में लगीं। इस हमले के समय गाड़ी में उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हमला इतनी तेजी और सटीक योजना के साथ किया गया कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
शहजाद पूनावाला ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह हत्याकांड केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो राज्य की सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के सहायक के रूप में चंद्रनाथ रथ कई महत्वपूर्ण राजनीतिक अभियानों और रणनीतियों का हिस्सा रहे थे, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाना विरोधियों की एक सोची-समझी चाल लगती है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने से पहले दो-तीन दिनों तक बाकायदा इलाके की 'रेकी' की थी, जिससे साफ पता चलता है कि वे रथ की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। यह स्थिति राज्य की पुलिस और खुफिया तंत्र की विफलता को भी दर्शाती है कि अपराधी खुलेआम हथियारों के साथ सड़कों पर घूम रहे हैं और वारदात को अंजाम दे रहे हैं। जब चुनाव के नतीजों के बाद जश्न के बजाय गोलियों की गूंज सुनाई देने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र गहरे संकट में है। एक पूर्व वायुसेना कर्मी से राजनीतिक रणनीतिकार बने व्यक्ति की इस तरह सरेआम हत्या प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। पूनावाला ने राज्य सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पश्चिम बंगाल की मिट्टी खून से लाल हो गई है। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हिंसा की तुलना अतीत के उन दौरों से की जहां विचारधारा की लड़ाई को बंदूकों के दम पर जीतने की कोशिश की जाती थी। भाजपा नेता के अनुसार, टीएमसी ने अपने 15 साल के कार्यकाल में जो तंत्र खड़ा किया है, उसमें माफियाओं और असामाजिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि 'मां, माटी, मानुष' का नारा देने वाली पार्टी अब केवल माफियाओं के हितों की रक्षा करने वाली मशीन बन गई है। यह हिंसा उस हताशा का परिणाम है जो विपक्षी दलों की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बीच उनके बढ़ते समर्थन को देखकर सत्ताधारी दल के भीतर पनप रही है।
भाजपा नेता ने भविष्य की चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों या उन्हें कितना भी ऊंचा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो, आने वाले समय में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संकल्प लिया कि जब भी प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, तो इन सभी राजनीतिक हत्याओं और हिंसा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों को पाताल से भी खोजकर सलाखों के पीछे डाला जाएगा। पूनावाला ने कहा कि न्याय की प्रक्रिया में देरी हो सकती है, लेकिन लोकतंत्र में हिंसा का स्थान लेने वाले तत्वों का अंत निश्चित है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि भाजपा इस लड़ाई को कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेगी, लेकिन अपने साथियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देगी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय भाजपा समर्थकों ने इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जो पेशेवर शूटरों के शामिल होने की ओर इशारा करती है। राज्य प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने भी अपने सहयोगी की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' बताया है।
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