Special Article: गुजरात नगर निगम में भाजपा की  ऐतिहासिक विजय। 

गुजरात नगर निगम, पंचायत तथा पालिका चुनावों ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गुजरात में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा

May 2, 2026 - 11:21
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Special Article: गुजरात नगर निगम में भाजपा की  ऐतिहासिक विजय। 
गुजरात नगर निगम में भाजपा की  ऐतिहासिक विजय। 

लेखक- मृत्युंजय दीक्षित

गुजरात नगर निगम, पंचायत तथा पालिका चुनावों ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गुजरात में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा बाना रहने का स्पष्ट संकेत दे दिया है। भाजपा  ने अहमदाबाद, सूरत, बडोदरा,  राजकोट समेत सभी 15 नगर निगमों व 34 जिला पंचायत में अपना नियंत्रण बरकरार रखा। जिला पंचायत, नगर पालिका व तहसील पंचायत में 90 प्रतिशत से भी अधिक सीटों पर कमल खिला है। भाजपा ने मोरबी व पोरबंदर मनपा मे क्लीन स्वीप किया है।अहमदाबाद में एआईएमआईएम का भी सफाया हो गया और आप का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा। सभी नए बने नगर निगम नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर में भाजपा का कमल खिल गया।

गुजरात में भाजपा की यह जीत इसलिए भी बड़ी हो गई है क्योंकि इस बार प्रधानंमत्री मोदी व गृहमंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार के परिदृश्य में शामिल नहीं  हुए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल व भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की जोड़ी का यह पहला चुनाव था। इन चुनाव परिणामों से भाजपा नेतृत्व को काफी राहत का अनुभव हुआ है। इसका एक कारण नयी पीढ़ी का धीरे धीरे सक्षम होना और स्थानीय चुनावों का नेतृत्व करने का सामर्थ्य जुटा लेना भी है। यदि दूसरी पंक्ति का नेतृत्व चुनावी रणनीति में निपुण होगा तो भाजपा का विजय रथ ऐसे ही आगे बढ़ता जाएगा।
विगत वर्षों  से गुजरात में आप और कांग्रेस ने सक्रियता दिखाई है और ऐसा प्रातीत हो रहा था कि यह दल भाजपा के खिलाफ वातारण तैयार करने में कुछ हद तक सफल हो रहे हैं  किंतु गुजरात की जनता ने एक बार फिर लिख कर दे दिया है कि वहां अभी भाजपा का गढ़ हिलाने के लिए कांग्रेस, आप व अन्य दलों को बहुत पसीना बहाना होगा। सूरत नगर निगम में आप जैसे दलों का सफाया हो जाना इस बात का प्रमाण है कि वहां  अब भी हिन्दुत्व की विचारधारा की जड़ें मजबूत हैं। मतदान के कुछ दिन पूर्व ही एक मुस्लिम ने नाबालिग हिंदू बालिका के साथ छेड़खानी की थी जिसके सूरत का हिन्दू सड़कों पर उतर आया था। यही  हिन्दू मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के विरोध में भी खड़ा हुआ। गुजरात में आप की हालत खस्ता होने के पीछे एक बड़ा कारण  आप के सात राज्यसभा सांसदों  का भाजपा में शामिल होना भी रहा। 

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में जब कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की अयोध्या और गुजरात की एक सीट पर भाजपा को हराने में सफलता प्राप्त कर ली तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों  में भाजपा को हराने की बात कहकर कई बार गुजरात का दौरा किया था। राहुल सपा संसद  अवधेश प्रसाद को भी गुजरात लेकर गए और अहंकार पूर्ण शब्दों में कहा कि हमने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी जी के हिन्दुत्व की विचारधारा को उनके मुख्य केंद्र में ही पटखनी दे दी है, अब गुजरात की बारी है। गुजरात के हिन्दुओं को अपने अग्रज आडवाणी जी पर की गई यह टिप्पणी अच्छी नहीं लगी और उन्होंने मौका मिलते ही राहुल गाँधी को पटकनी दे दी । 

गुजरात में मिली इस अपार सफलता पर भाजपा के राज्य  नेताओं  ने कहा कि यह विकास की राजनीति की जीत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है । गुजरात की छवि को खराब करने वाले कांग्रेस और आप को अपना बोरिया बिस्तर समेट लेना चाहिए। इन पारिणामों ने साफ कर दिया है कि गुजरात राज्य में भाजपा की पकड़ शहरों से लेकर गांवों तक बनी हुई है । कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही राज्य मे नैरेटिव की लड़ाई भाजपा से हार गयीं । इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि भाजपा सतर्क और सचेष्ट रही तो राज्य में वर्ष 2027 का विधान सभा चुनाव भी आसानी से निकल लेगी। 

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