Lucknow News: सुशांत गोल्फ सिटी के 2747 बंधक भूखंड होंगे अवमुक्त, एलडीए के प्रस्ताव को कैबिनेट से मिली हरी झंडी
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में अंसल द्वारा बेचे गए 2747 बंधक भूखंडों को एलडीए अवमुक्त करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद एनसीएलटी में रखा जाएगा प्रस्ताव, रजिस्ट्री निरस्त नहीं होगी।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मेसर्स अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की हाई-टेक टाउनशिप 'सुशांत गोल्फ सिटी' में भूखंड खरीदकर फंसे हजारों आवंटियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ा सुरक्षात्मक कदम उठाया है। बिल्डर द्वारा नियमों के विपरीत बेचे गए 2,747 बंधक (मॉर्टगेज) भूखंडों को एलडीए ने चरणबद्ध तरीके से अवमुक्त (रिलीज) करने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने 15 सितंबर 2026 को आयोजित अपनी बैठक में एलडीए के इस जनहितैषी प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय से उन वैध आवंटियों को सीधी राहत मिलेगी, जिनकी गाढ़ी कमाई अंसल समूह की वित्तीय अनियमितताओं और मनमानी के चलते अधर में लटकी हुई थी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों और गृह-स्वामियों के हितों की रक्षा करते हुए इन भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त नहीं की जाएगी। अब एलडीए इस टाउनशिप के अर्द्ध-विकसित और अविकसित क्षेत्रों में विकास कार्यों को पूरा कराने की व्यापक कार्ययोजना नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के समक्ष प्रस्तुत करेगा। ट्रिब्यूनल से अंतिम स्वीकृति मिलते ही धरातल पर निर्माण व प्रमाणन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
गारंटी के तौर पर बंधक थे 3,489 भूखंड, बिल्डर ने बिना अनुमति बेच दिए 2,747 प्लॉट
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, नगर नियोजन और टाउनशिप नीति की शर्तों के तहत किसी भी निजी विकासकर्ता को आंतरिक विकास कार्यों (सड़क, सीवर, बिजली, पेयजल और हरित क्षेत्र) की गारंटी के रूप में कुछ भूखंड विकास प्राधिकरण के पास बंधक रखने होते हैं। यह व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि यदि विकासकर्ता परियोजना बीच में छोड़ दे या गुणवत्तापूर्ण कार्य न कराए, तो विकास प्राधिकरण इन बंधक संपत्तियों को नीलाम कर विकास कार्य अपने स्तर से पूरा करा सके।
नियमों के तहत मेसर्स अंसल प्रॉपर्टीज ने सुशांत गोल्फ सिटी योजना में एलडीए के पास कुल 3,489 भूखंड गारंटी के रूप में बंधक रखे थे। प्रावधानों के मुताबिक बिना प्राधिकरण की अनापत्ति (NOC) और लिखित अनुमति के इन भूखंडों का विक्रय अथवा निबंधन (रजिस्ट्री) किसी भी दशा में नहीं किया जा सकता था। इसके बावजूद बिल्डर प्रबंधन ने गंभीर अनियमितता करते हुए कुल बंधक भूखंडों में से 2,747 भूखंड आम खरीदारों को बेच दिए। जब यह मामला संज्ञान में आया, तो तकनीकी रूप से इन भूखंडों की रजिस्ट्री की वैधता पर संकट खड़ा हो गया था।
रजिस्ट्री निरस्त करने के बजाय समाधान का रास्ता: कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय
इस पूरे प्रकरण में यदि नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए बैनामों को निरस्त करने की कानूनी कार्रवाई की जाती, तो इसका सीधा और घातक असर उन निर्दोष होम बायर्स पर पड़ता जिन्होंने जीवन भर की बचत इस उम्मीद में लगा दी थी कि उन्हें अपना आशियाना मिलेगा। खरीदारों को कानूनी मुकदमों और आर्थिक बर्बादी से बचाने के उद्देश्य से एलडीए उपाध्यक्ष ने शासन को एक व्यावहारिक प्रस्ताव भेजा, जिसमें आवंटियों की रजिस्ट्री सुरक्षित रखते हुए विकास की वैकल्पिक राह सुझाई गई थी।
प्रदेश मंत्रिमंडल ने 15 सितंबर 2026 की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कैबिनेट की अनुमति के बाद अब प्राधिकरण को यह अधिकार मिल गया है कि वह विकसित क्षेत्रों के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) जारी कर सके। जैसे-जैसे टाउनशिप के पॉकेट और सेक्टर विकसित होते जाएंगे, वैसे-वैसे वहां के बंधक भूखंडों को आनुपातिक आधार पर बंधक-मुक्त किया जाएगा।
विकास कार्य पूरा कराएगा एलडीए, गारंटी राशि देकर भी मुक्त करा सकेंगे भूखंड
योजना के जिन क्षेत्रों में कार्य अधूरा है या जो पॉकेट अभी अविकसित हैं, वहां विकास की बागडोर एलडीए अपने हाथों में लेगा। इसके तहत दोहरी व्यवस्था लागू की जा रही है:
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प्राधिकरण द्वारा विकास: एलडीए स्वयं अधूरे बुनियादी ढांचे (सड़कें, ड्रेनेज, जलापूर्ति) का निर्माण पूरा कराएगा और सेक्टर-वार पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करते हुए भूखंडों को भारमुक्त करेगा।
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भू-स्वामियों द्वारा व्यक्तिगत आवेदन: यदि किसी अर्द्ध-विकसित अथवा अविकसित क्षेत्र का कोई भू-स्वामी पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने से पहले ही अपना भूखंड अवमुक्त कराना चाहता है, तो उसे निर्धारित शर्तों के तहत विकल्प दिया गया है। इसके लिए आवेदक को एलडीए बोर्ड द्वारा तय विकास शुल्क के समतुल्य गारंटी राशि प्राधिकरण में जमा करनी होगी। जब संबंधित क्षेत्र का विकास कार्य पूरा हो जाएगा और पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होगा, तब यह जमा गारंटी राशि भू-स्वामी को वापस लौटा दी जाएगी।
रजिस्ट्री निरस्तीकरण की खबरों का खंडन, अफवाहों से बचने की अपील
एलडीए प्रशासन ने हाल ही में कुछ प्रिंट व डिजिटल माध्यमों में प्रकाशित उन सूचनाओं का कड़ा खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि सुशांत गोल्फ सिटी के 2,747 भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त होने जा रही है। दैनिक समाचार पत्र 'हिन्दुस्तान' के 17 सितंबर 2026 के अंक में छपी खबर को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक करार देते हुए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शासन की नीति आवंटियों को दंडित करने की नहीं, बल्कि उन्हें राहत देने की है।
प्राधिकरण ने आम जनता और निवेशकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट और भ्रामक चर्चाओं पर ध्यान न दें। एलडीए का प्राथमिक उद्देश्य टाउनशिप में अटके बुनियादी विकास को समयबद्ध ढंग से पूरा कराना और खरीदारों को उनके भूखंडों पर निर्विवाद मालिकाना हक दिलाना है। एनसीएलटी की कार्यवाही के साथ समन्वय बनाकर इस पूरी परियोजना को पारदर्शी तरीके से अंतिम रूप दिया जाएगा।
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