UP FSDA Action: 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत लखनऊ, गोरखपुर और नोएडा में 10 रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित

यूपी खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत लखनऊ, गोरखपुर और नोएडा में 10 रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित कर दिए। कॉकरोच, गंदगी और क्रॉस-कॉन्टेमिनेशन पर कार्रवाई।

By INA News Desk
Sep 21, 2026 - 00:01
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UP FSDA Action: 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत लखनऊ, गोरखपुर और नोएडा में 10 रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित

लखनऊ। प्रदेश भर में उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और मिलावटरहित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 'शुद्ध ही शुभ है' विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग की विशेष जांच टीमों ने राजधानी लखनऊ, औद्योगिक महानगर नोएडा और गोरखपुर में प्रमुख फास्ट फूड रिटेल चेन व रेस्टोरेंट परिसरों पर सघन छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान रसोई में कीड़े-मकोड़े, चूहों का संक्रमण, सड़े-गले अवयवों का भंडारण और शाकाहारी व मांसाहारी उत्पादों के आपस में मिलने (क्रॉस-कॉन्टेमिनेशन) जैसी गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 10 प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।

प्रशासनिक आदेश के बाद इन सभी 10 प्रतिष्ठानों का संचालन बंद करा दिया गया है। संबंधित संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सुधार नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें निर्देशित किया गया है कि वे जब तक निर्धारित मानकों के अनुसार अपने बुनियादी ढांचे और स्वच्छता व्यवस्था में संपूर्ण सुधार नहीं कर लेते, तब तक उनके लाइसेंस बहाल नहीं किए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

लखनऊ के आठ प्रमुख फूड आउटलेट्स पर गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक अनियमितताएं राजधानी लखनऊ के नामी मॉल्स और प्रमुख बाजारों में स्थित आउटलेट्स पर मिलीं। विभाग द्वारा संकलित आधिकारिक ब्योरे के अनुसार लखनऊ में आठ इकाइयों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई:

  1. मोती महल रेस्त्रां (लुलु मॉल): यहां रसोई में कॉकरोच विचरण करते पाए गए। इसके अलावा कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों के साथ-साथ शाकाहारी व मांसाहारी सामग्रियों को अलग-अलग रखने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। परिसर की स्वच्छता अत्यंत दयनीय स्थिति में मिली।

  2. पिज्जा हट (ठाकुरगंज): जांच में पाया गया कि वेज और नॉनवेज पिज्जा व अन्य सामग्रियों को एक ही ओवन में पकाया जा रहा था, जिससे क्रॉस-कॉन्टेमिनेशन का गंभीर खतरा बना हुआ था।

  3. चंपारण मीट (वास्तु खंड, गोमती नगर): यहां कच्चे मांस और अधपके (सेमी-कुक्ड) मांस का एक साथ अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारण किया गया था। रसोई से दुर्गंध आ रही थी और कई बार इस्तेमाल किया गया गंदा व पुराना तेल उपयोग के लिए रखा मिला।

  4. क्लब जलवा (विभूति खंड, गोमती नगर): इस लाउंज में बासी सेमी-कुक्ड भोजन के साथ कच्चा चिकन, मछली, मोमोज और सब्जियों को एक ही फ्रीजर में अव्यवस्थित तरीके से ठूंसकर रखा गया था। इसके साथ ही सड़ी पत्तागोभी और पुरानी ग्रेवी भी बरामद हुई।

  5. मद्रास डोसा (फन मॉल): अत्यंत खराब स्वच्छता और कीटों का संक्रमण पाया गया। रसोई का बुनियादी ढांचा इतना लचर था कि खाद्य पदार्थों में बाहरी संदूषण आसानी से हो सकता था।

  6. बिंदास बार (समिट बिल्डिंग): रसोई में भारी गंदगी, खुली और दुर्गंधयुक्त नालियां तथा खुले डस्टबिन पाए गए। विभाग ने पाया कि यहां व्यापक स्तर पर डीप क्लीनिंग की सख्त जरूरत है।

  7. विंडीज बर्गर (अलीगंज): यहां पहले से तैयार खाद्य पदार्थों में कृत्रिम संरक्षकों (प्रिजर्वेटिव्स) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था और उसे ताजा तैयार भोजन के रूप में बेचा जा रहा था, जिसकी जानकारी ग्राहकों से छिपाई गई थी।

  8. एमआर ईटिंग पॉइंट (लुलु मॉल): इस आउटलेट पर मरम्मत व निर्माण कार्य के दौरान ही खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण किया जा रहा था, जिससे धूल और रासायनिक कणों के भोजन में मिलने का खतरा था। कार्य पूर्ण होने तक यहां उत्पादन बंद कराया गया।

गोरखपुर और नोएडा में भी मिली गंभीर खामियां

राजधानी के बाहर पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र गोरखपुर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के नोएडा में भी एक-एक प्रतिष्ठान के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए गए:

  • फूड केज (गोरखपुर): गोरखपुर के इस रेस्टोरेंट के किचन और प्रोसेसिंग एरिया में जीवित कॉकरोच रेंगते मिले। जल निकासी की पाइपलाइन पूरी तरह अवरुद्ध थी, जिससे गंदा पानी परिसर में जमा हो रहा था। दूषित वातावरण के चलते खाद्य पदार्थों के संक्रमित होने की प्रबल आशंका को देखते हुए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।

  • एफ बार एंड लाउंज (नोएडा): नोएडा स्थित इस प्रसिद्ध लाउंज में चूहों और कीटों का व्यापक संक्रमण (रोडेंट एंड पेस्ट इंफेस्टेशन) पाया गया। खाद्य भंडारण कक्ष में चूहों की मौजूदगी और गंदगी के कारण तुरंत प्रभाव से लाइसेंस सस्पेंड कर प्रतिष्ठान को सील किया गया।

मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने रेखांकित किया कि ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का उद्देश्य केवल प्रतिष्ठानों को सील करना या दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों (FBOs) को सुरक्षित खाद्य संचालन की कार्यसंस्कृति से जोड़ना है।

विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत मुख्य रूप से इन बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है:

  • भंडारण व तापमान नियंत्रण: कच्चे, पके, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों का पूर्ण पृथक्करण तथा डीप फ्रीजर का मानक तापमान।

  • पेयजल व स्वच्छता: खाना पकाने और बर्तन धोने के लिए स्वच्छ पानी की उपलब्धता तथा बंद ड्रेनेज व्यवस्था।

  • पैकेजिंग व पारदर्शिता: खाद्य-उपयुक्त (फूड ग्रेड) पैकेजिंग का उपयोग और बासी या प्रिजर्वेटिव युक्त खाद्य पदार्थों की स्पष्ट घोषणा।

  • पेस्ट कंट्रोल: किचन और स्टोर रूम में चूहों और कॉकरोच से बचाव के लिए नियमित प्रमाणीकृत पेस्ट कंट्रोल।

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सुधार नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद दोबारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कमियां दूर नहीं पाई गईं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के पंजीकरण और लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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