LDA Plot Booking Loan: एलडीए की संपत्तियों के लिए पंजीकरण धनराशि पर अब दो बैंकों से मिलेगा लोन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से एमओयू
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की संपत्तियों के पंजीकरण के लिए अब पीएनबी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से लोन मिलेगा। आवंटन के बाद शेष राशि के लिए भी कागजी औपचारिकताएं आसान होंगी।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अपना घर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान अथवा भूखंड खरीदने की योजना बना रहे नागरिकों के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने वित्तीय पहुंच को और अधिक सरल बना दिया है। प्राधिकरण की आवासीय व व्यावसायिक योजनाओं में आवेदन करते समय जमा की जाने वाली अनिवार्य पंजीकरण धनराशि (रजिस्ट्रेशन मनी) के लिए अब आवेदकों को दो प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण की सुविधा उपलब्ध होगी। पूर्व में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ हुए अनुबंध के बाद अब एलडीए ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ भी एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से उन मध्यमवर्गीय और आम नागरिकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी, जो एकमुश्त बड़ी पंजीकरण राशि की तात्कालिक व्यवस्था न हो पाने के कारण प्राधिकरण की विभिन्न संपत्तियों के लिए आवेदन करने से वंचित रह जाते थे। इसके साथ ही, संपत्ति का आवंटन होने के उपरांत शेष धनराशि के भुगतान के लिए भी बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को बेहद सुगम बना दिया गया है।
एकमुश्त पंजीकरण राशि की आर्थिक बाधा होगी दूर
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर शहर के विभिन्न हिस्सों में विकसित आवासीय योजनाओं, व्यावसायिक परिसरों, बहुमंजिला फ्लैटों और भूखंडों के लिए पंजीकरण खोले जाते हैं। किसी भी योजना में भाग लेने के लिए संपत्ति की कुल अनुमानित लागत का एक निश्चित प्रतिशत (पंजीकरण शुल्क) अग्रिम रूप से जमा करना अनिवार्य होता है।
पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था के अंतर्गत बैंक सामान्यतः संपत्ति आवंटित होने के बाद ही आवंटन पत्र (अलॉटमेंट लेटर) के आधार पर गृह ऋण (होम लोन) स्वीकृत करते हैं। पंजीकरण के चरण में किसी भी प्रकार का संस्थागत वित्तीय सहयोग न मिलने से कई जरूरतमंद आवेदक आवेदन करने से चूक जाते थे। अब पीएनबी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया दोनों के साथ साझेदारी होने से आवेदकों के पास वित्तीय विकल्प बढ़ गए हैं। नागरिक अपनी सुविधानुसार दोनों में से किसी भी बैंक से संपर्क कर पंजीकरण राशि के लिए ऋण स्वीकृत करा सकते हैं।
दोबारा कागजी औपचारिकताओं के झंझट से मुक्ति
प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह समझौता केवल पंजीकरण शुल्क तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी चयन और भुगतान प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए तैयार किया गया है। जब किसी आवेदक को लॉटरी अथवा निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से संपत्ति आवंटित हो जाएगी, तो संबंधित बैंक उसी पूर्व-सत्यापित रिकॉर्ड और जारी आवंटन पत्र के आधार पर शेष बची धनराशि के लिए भी दीर्घकालिक ऋण तुरंत प्रोसेस कर देगा।
इससे आवेदकों को बार-बार बैंक के चक्कर काटने और नए सिरे से विस्तृत केवाईसी (KYC), आय प्रमाण पत्र अथवा अन्य दस्तावेजों की फाइल तैयार करने के मानसिक व प्रशासनिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। न्यूनतम कागजी कार्रवाई और एकल खिड़की समन्वय के माध्यम से समय की भारी बचत होगी।
आवंटन न होने पर पारदर्शी धनवापसी व्यवस्था
योजनाओं में संपत्तियों की संख्या सीमित होने और आवेदकों की संख्या अधिक होने की स्थिति में कई नागरिकों को लॉटरी में संपत्ति आवंटित नहीं हो पाती है। इस बिंदु पर भी प्राधिकरण और दोनों बैंकों के बीच स्पष्ट सहमति बनी है। वित्त नियंत्रक के अनुसार, यदि किसी आवेदक को संपत्ति का आवंटन नहीं होता है, तो एलडीए द्वारा सीधे संबंधित बैंक खाते में पंजीकरण धनराशि वापस (रिफंड) भेज दी जाएगी।
इस प्रक्रिया से आवेदक को अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए किसी लंबी औपचारिक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। बैंक सीधे अपने बहीखाते में ऋण खाते का समायोजन कर लेगा, जिससे ब्याज और लेन-देन का बोझ आवेदक पर नहीं पड़ेगा। यह पारदर्शी प्रक्रिया वित्तीय अनियमितताओं और देरी की आशंकाओं को पूरी तरह समाप्त करती है।
रियल एस्टेट बाजार और नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव
एलडीए की इस पहल से लखनऊ के रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ प्राधिकरण की संपत्तियों के प्रति जन-भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सुशांत गोल्फ सिटी, जानकीपुरम, गोमती नगर विस्तार, कानपुर रोड और अयोध्या रोड जैसी प्रमुख योजनाओं में उपलब्ध संपत्तियों के लिए प्रतिस्पर्धा और अधिक व्यापक होगी।
आवेदक अब अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार संपत्ति का चयन कर सकेंगे और बैंकों के प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों का तुलनात्मक लाभ भी उठा सकेंगे। एलडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में नागरिकों की सुविधा के अनुरूप अन्य वित्तीय संस्थानों और बैंकों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने पर विचार किया जाएगा।
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