पश्चिम बंगाल में नए युग का सूर्योदय- बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक आज, तय होगा सूबे के नए मुख्यमंत्री का नाम

मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम चल रहा है। शुभेंदु अधिकारी, जो वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। भवानीपुर में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों से

May 8, 2026 - 07:43
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पश्चिम बंगाल में नए युग का सूर्योदय- बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक आज, तय होगा सूबे के नए मुख्यमंत्री का नाम
पश्चिम बंगाल में नए युग का सूर्योदय- बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक आज, तय होगा सूबे के नए मुख्यमंत्री का नाम

  • कोलकाता में जुटे बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक, गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में खुलेगा नेतृत्व का सस्पेंस
  • ऐतिहासिक जीत के बाद सत्ता संभालने की तैयारी, रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर शपथ ग्रहण से पहले आज फाइनल होगा 'चेहरा'

By Saurabh Singh(News Editor & Senior Journalist)

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। मई 2026 के विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत के बाद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज यानी 8 मई 2026 को कोलकाता में अपने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चयन करना है। 294 सीटों वाली विधानसभा में 206 से अधिक सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल करने वाली बीजेपी के लिए यह पल बेहद गौरवशाली है, क्योंकि राज्य के इतिहास में यह पहली बार होगा जब भगवा दल सत्ता की कमान संभालेगा। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित पार्टी मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में नवनिर्वाचित विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद पर्यवेक्षक के तौर पर कोलकाता पहुंच चुके हैं। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह बैठक शाम 4 बजे शुरू होने की संभावना है, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने पहले ही नाम तय कर लिया है और आज की बैठक में केवल उस पर लोकतांत्रिक मुहर लगाई जाएगी। बंगाल की सत्ता पर एक दशक से अधिक समय से काबिज तृणमूल कांग्रेस के किले को ढहाने के बाद, अब बीजेपी एक ऐसे चेहरे को सामने लाना चाहती है जो राज्य की अस्मिता और विकास की नई परिभाषा गढ़ सके।

मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम चल रहा है। शुभेंदु अधिकारी, जो वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। भवानीपुर में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों से पराजित कर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है। उनके पक्ष में सबसे बड़ी बात यह है कि वे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में माहिर माने जाते हैं। हालांकि, पार्टी के भीतर प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल के नामों पर भी चर्चाएं हो रही हैं। अग्निमित्रा पॉल, जो एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रह चुकी हैं, ने भी भारी मतों के अंतर से अपनी सीट बचाई है और महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है।

शपथ ग्रहण की विशेष तैयारी

बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई 2026 को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह दिन बंगाली कैलेंडर के अनुसार 'पच्चीसे बैशाख' है, जो विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का शुभ अवसर है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। आज की बैठक केवल मुख्यमंत्री के चयन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी इस बार 'डिप्टी सीएम' यानी उपमुख्यमंत्री का फार्मूला भी अपना सकती है ताकि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को संतुलित प्रतिनिधित्व दिया जा सके। उत्तर बंगाल, जंगलमहल और मतुआ समुदाय के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में विशेष स्थान मिलने की संभावना है। बैठक के दौरान नवनिर्वाचित विधायकों को पार्टी के अनुशासन और आगामी शासन की प्राथमिकताओं के बारे में भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। बीजेपी नेतृत्व चाहता है कि पहली ही कैबिनेट बैठक से जनता को यह संदेश मिले कि राज्य में 'असल परिवर्तन' की शुरुआत हो चुकी है।

चुनाव परिणामों के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। एक तरफ जहां बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक हार स्वीकार नहीं की है और जनादेश को लेकर सवाल उठाए हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच बीजेपी विधायक दल की बैठक सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित की जा रही है। बैठक स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पार्टी के कार्यकर्ता अपने नए मुख्यमंत्री के नाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। 'जय श्री राम' और 'सोनार बांग्ला' के नारों से कोलकाता की सड़कें गूंज रही हैं। विधायक दल की बैठक समाप्त होने के बाद, नवनिर्वाचित नेता राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। राज्यपाल द्वारा निमंत्रण मिलने के बाद शपथ ग्रहण की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी। आज की यह बैठक बंगाल के भविष्य की दिशा तय करने वाली है। दशकों के वामपंथी शासन और फिर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल के बाद, अब बंगाल एक नए राजनीतिक प्रयोग की ओर बढ़ रहा है। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि मुख्यमंत्री का चयन सर्वसम्मति से हो ताकि सरकार की शुरुआत में ही एकता का मजबूत संदेश जाए। आज की शाम बंगाल के सियासी इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में दर्ज होने वाली है।

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