वन स्टॉप सेंटर पर एक साल से भुगतान न मिलने पर ठेकेदार ने बंद की खाने-नाश्ते की सप्लाई, डीपीओ पर गंभीर आरोप
सम्भल: महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पीड़ित महिलाओं
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पीड़ित महिलाओं को भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार ने करीब एक वर्ष से भुगतान न मिलने के कारण सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी है। इसके चलते वन स्टॉप सेंटर में रह रही पीड़ित महिलाओं के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है और वहां तैनात महिला कर्मचारी भी भारी परेशानी का सामना कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से पीड़िताओं के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था उनके मामलों की जांच कर रहे पुलिस विवेचक अपने स्तर पर कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि भोजन आपूर्ति करने वाले ठेकेदार मुनेश कुमार का करीब 7 लाख 21 हजार 800 रुपये का भुगतान एक साल से लंबित है। ठेकेदार मुनेश कुमार ने जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल से शिकायत कर आरोप लगाया है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) चंद्रभूषण यादव द्वारा लंबे समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेकेदार ने जल्द भुगतान कराए जाने की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने भुगतान न होने के आरोपों की जांच कराने की बात कही है। वहीं, डीपीओ चंद्रभूषण यादव पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर 60 लाख रुपये के कथित भ्रष्टाचार का मामला भी चर्चा में रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी शासन को पत्र भेजकर डीपीओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जनपद से उनके स्थानांतरण की सिफारिश भी कर चुके हैं। अब सवाल यह है कि महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए बनाए गए वन स्टॉप सेंटर में यदि पीड़िताओं को समय पर भोजन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कौन तय करेगा। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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