'रवि किशन जैसे लंबे बाल नहीं, मेरे जैसे छोटे बाल रखें', मुख्यमंत्री योगी का युवाओं को मजाकिया परामर्श।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कड़क अनुशासन के साथ-साथ अपने हाजिरजवाबी और चुटीले अंदाज के लिए भी
- गोरखपुर में सीएम योगी का अनूठा अंदाज, सांसद रवि किशन की मौजूदगी में सादगी और अनुशासन पर दिया जोर
फिल्मी चकाचौंध से दूर रहने की दी सलाह, मुख्यमंत्री ने अपने लुक को बताया युवाओं के लिए बेहतर विकल्प
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कड़क अनुशासन के साथ-साथ अपने हाजिरजवाबी और चुटीले अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का एक नया और अनूठा रूप देखने को मिला, जब उन्होंने गोरखपुर के सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन की मौजूदगी में युवाओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में रवि किशन के फिल्मी अंदाज और उनके लंबे बालों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी नकल करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें अनुशासित जीवन और सादगी अपनानी चाहिए। उन्होंने अपने स्वयं के केश विन्यास (छोटे बालों) का उदाहरण देते हुए इसे सुलभता और अनुशासन का प्रतीक बताया, जिससे वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक युवा सम्मेलन के दौरान मंच से जो बातें कहीं, वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। मुख्यमंत्री जब मंच पर पहुंचे, तो उनके बगल में गोरखपुर के सांसद रवि किशन भी बैठे थे, जो अपने विशेष हेयरस्टाइल और फिल्मी अंदाज के लिए युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। मुख्यमंत्री ने संबोधन के दौरान युवाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि अक्सर किशोर और युवा फिल्मी सितारों के पहनावे और उनके बालों की नकल करते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए चकाचौंध नहीं, बल्कि सादगी की जरूरत होती है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि रवि किशन की नकल करना हर किसी के बस की बात नहीं है और न ही इसकी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को विस्तार देते हुए कहा कि लंबे बालों के रखरखाव में बहुत समय और ऊर्जा व्यर्थ होती है। उन्होंने अपनी ओर इशारा करते हुए कहा कि मेरे जैसे छोटे-छोटे बाल होने चाहिए, जिन्हें संवारने के लिए न तो शीशे की जरूरत होती है और न ही बार-बार कंघी करने की। मुख्यमंत्री का तात्पर्य यह था कि जीवन में समय प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है और युवाओं को अपना ध्यान बाहरी सुंदरता के बजाय अपने चरित्र निर्माण और करियर पर केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने रवि किशन की ओर देखते हुए कहा कि वे एक कलाकार हैं और उनकी अपनी जरूरतें हैं, लेकिन एक आम छात्र या युवा को सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनानी चाहिए ताकि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल पहनावे पर ही नहीं, बल्कि युवाओं के मानसिक दृष्टिकोण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि नकल करना व्यक्तित्व के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। जब युवा किसी फिल्मी सितारे या प्रसिद्ध व्यक्ति की बाहरी बनावट की नकल करने लगता है, तो वह अपनी मौलिकता खो देता है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अनुशासन की शुरुआत व्यक्ति के स्वयं के स्वरूप से होती है। उन्होंने अपने बाल कटवाने के तरीके और अपनी वेशभूषा को सादगी का उदाहरण बताया और कहा कि जब आपका बाहरी स्वरूप जटिलताओं से मुक्त होता है, तो आपका मस्तिष्क भी स्पष्टता के साथ काम करता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रवि किशन की जोड़ी काफी लोकप्रिय मानी जाती है। रवि किशन अक्सर मुख्यमंत्री को अपना 'बड़ा भाई' और 'मार्गदर्शक' बताते हैं। मुख्यमंत्री भी समय-समय पर रवि किशन के फिल्मी संवादों और उनके मजाकिया स्वभाव पर सार्वजनिक मंचों से चुटकी लेते रहते हैं। यह तालमेल न केवल राजनीतिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि जनता के साथ संवाद के दौरान एक हल्का और सहज वातावरण भी पैदा करता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए व्यक्ति को 'रवींद्र नाथ टैगोर' या 'स्वामी विवेकानंद' जैसे महान व्यक्तित्वों के विचारों का अनुसरण करना चाहिए, न कि केवल उनके बाहरी स्वरूप का। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि रवि किशन को फिल्म उद्योग में रहने के कारण अलग दिखना पड़ता है, लेकिन सामान्य नागरिक को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे बाल होने का एक लाभ यह भी है कि आप हर स्थिति के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता पर काम करें, क्योंकि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और देश की बागडोर उन्हीं के हाथों में होगी।
रवि किशन ने भी मुख्यमंत्री की इन टिप्पणियों का हंसते हुए स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस बात को स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी किसी के अपमान के लिए नहीं बल्कि एक बड़े भाई की तरह परामर्श देने के लिए है। उन्होंने कहा कि सादगी ही वह गुण है जो व्यक्ति को भीड़ से अलग बनाती है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और अपनी परंपराओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सभ्यता और फिल्मी चकाचौंध से प्रभावित होकर अपनी पहचान बदलना सही नहीं है। छोटे बाल और सरल पहनावा एक अनुशासित सैनिक और एक समर्पित छात्र की पहचान होती है। संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे हम प्रशासन को सरल और पारदर्शी बना रहे हैं, वैसे ही प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को भी सरल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आप जटिलताओं से दूर रहते हैं, तो आपके पास समाज की सेवा के लिए अधिक समय होता है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन जहां एक तरफ मनोरंजन से भरपूर था, वहीं दूसरी तरफ इसने युवाओं को जीवन के गंभीर मूल्यों की शिक्षा भी दी। यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री ने इस तरह के हल्के-फुल्के अंदाज में बड़ी बात कही हो, इससे पहले भी वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपनी हाजिरजवाबी से लोगों का दिल जीतते रहे हैं।
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