Pilibhit : गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन में उठाया बीड़ा
तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने 11 मई 2022 को गोमती उद्गम स्थल पर एक कार्यशाला का आयोजन किया था जिसमें गोमती पुनरुद्धार की बात कही थी और माधोटांडा स्थित गोमती नदी के तट पर विधि विधान पूजन
- विधायक,ब्लॉक प्रमुख और सीडीओ, डीसी मनरेगा, एसडीम सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने गोमती की फावड़ा से शुरू की खुदाई
- गोमती उद्गम स्थल से 47.2 किलोमीटर तक होगी जन सहयोगियों, श्रमदानियों एवं मनरेगा से खुदाई
- जनपद के 16 ग्राम पंचायतों में 47.2 किलोमीटर है गोमती का प्रवाह
Report : कुँवर निर्भय सिंह, आईएनए पीलीभीत- उत्तर प्रदेश
पीलीभीत : एक बार फिर से गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने एक साथ मिलकर बीड़ा उठाया है।इसकी शुरुआत माधोटांडा स्थित गोमती नदी के उद्गम झील पर पूरनपुर के विधायक बाबूराम पासवान विकासखंड पूरनपुर के प्रमुख प्रतिनिधि अपूर्ण सिंह , सीडीओ , डीसी मनरेगा एसडीम सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने फावड़ा से खुदाई कार्य शुरू कर दिया। नदी की अविरल धारा लेकर गोमती भक्तों में जागी आस।
लखनऊ की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल से एक बार फिर से गोमती नदी की अविरल धारा के लिए जन प्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन ने एक साथ मिलकर बीड़ा उठाया है। बुधवार को पूरनपुर के विधायक बाबूराम पासवान खंड विकास पूरनपुर के ब्लॉक प्रमुख मानसी अपूर्ण सिंह के प्रतिनिधि अपूर्ण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, डीसी मनरेगा हेमंत कुमार यादव एसडीएम कलीनगर गोमती ट्रस्टी निर्भय सिंह, योगेश्वर सिंह सहित सैकड़ो लोगों ने एक साथ मिलकर गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए गोमती नदी की उद्गम झील की फावड़ा से खुदाई शुरू कर किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गोमती नदी के उद्गम झील पर विधि विधान हवन पूजन के साथ किया गया। साथ ही एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया जिसमें विधायक बाबूराम पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार नदियों के प्रति सजग है किसी क्रम में गोमती को प्रमुखता से लिया गया है यहां सरकार के द्वारा कई कार्य कराए गए हैं नदी की अवरिल धारा के लिए सरकार प्रयासरत जिला प्रशासन के द्वारा नदी के पुनरुद्धार के लिए जो योजना बनी है उस पर कार्य किया जा रहा है गोमती नदी की धारा अविरल होगी साथ ही गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा का देश प्रदेश में ही नहीं विश्व में एक अपना अलग स्थान होगा। यहां के विकास के लिए उन्होंने और यहां के सांसद केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत सरकार से बड़ा बजट स्वीकृत करवाया है। जिसका सर्वे के साथ डीपीआर बनाया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने कहा कि नदी के प्रवाह क्षेत्र को चौड़ीकरण, खुदाई और उसके तट को मजबूत किया जाएगा। नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एवं नदी के आस पड़ोस के पोखर और तालाबों को भी चिन्हित करके खुदवाया जाएगा। डीसी मनरेगा हेमंत कुमार यादव ने 16 ग्राम पंचायत से गुजरने वाली गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए बनाई गई प्रशासनिक योजना के बारे में बताते हुए कहा कि का मानव जीवन के लिए बड़ा ही महत्व है। गोमती नदी पीलीभीत की पौराणिक धरोहर है इसको संरक्षित करने का कार्य हम सभी का है जिला अधिकारी के दिशा निर्देशन में गोमती नदी के पुनरुद्धार की योजना बनाई गई है इस प्रकार किया जाएगा आज इसकी शुरुआत हो गई है।
आयोजन में आए हुए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों का एसडीएम कलीनगर प्रमेश कुमार ने आभार जताया। गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए एक बार फिर उठी कवायत से गोमती भक्तों में गोमती की अविरल धारा की एक बार फिर आशा जाग गई। इस अवसर पर सचिव रामकिशोर ,निर्भय सिंह, योगेश्वर सिंह रामौतार सिंह, भाजपा हृदयेश त्रिगुणात,सुजन सिंह चौहान,श्री राम कश्यप, शिवकुमार भारती, शक्ति सिंह आकाश कश्यप, गोविंदा राठौर, नरेश वीर बहादुर कुशवाहा सहित आदि लोग मौजूद रहे।
- वर्ष 2018 में गोमती नदी के उद्गम सहित 18 स्थानो पर एक साथ शुरू हुआ था गोमती पुनरुद्धार अभियान
2 अप्रैल सन 2018 को भी तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ अखिलेश मिश्रा के आह्वान पर हजारों गोमती भक्तों एवं श्रमदानी फावड़ा लेकर गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा पर पहुंचे थे जहां विधि विधान पूर्वक पूजा नाथ करने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अखिलेश मिश्रा ने गोमती पुनरुद्धार का कार्य शुरू किया था उन्होंने जनपद में गोमती पर 18 स्थान पर एक साथ खुदाई का काम शुरू करवाया था उस समय जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों को पांच पांच किलोमीटर गोमती खुदाई का कार्य मशीनों से करने का आवाह्न किया था सभी लोगों ने इसमें सहयोग किया था।
इसके साथ ही गोमती सेवा मंडल, गोमती आरती मंडल, गायत्री परिवार, मैन फार गोमती नामक आदि स्वयं सेबी संस्थाओं सहित पुलिस और पीआरडी के जवानों ने भी गोमती खुदाई अभियान में अपनी महत्वपूर्ण योग दान किया था। उन्होंने गोमती उद्गम तीर्थ स्थल के सम्पूर्ण विकास के लिए गोमती ट्रस्ट का भी गठन किया था।
- वर्ष 2022 में 47 दिन तक 47 किलोमीटर पैदल यात्रा कर तत्कालीन जिला अधिकारी पुलकित खरे गोमती पुनरुद्धार करवाया था
तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने 11 मई 2022 को गोमती उद्गम स्थल पर एक कार्यशाला का आयोजन किया था जिसमें गोमती पुनरुद्धार की बात कही थी और माधोटांडा स्थित गोमती नदी के तट पर विधि विधान पूजन किया था। माँ आदि गंगा गोमती की अविरल धारा के पुनरूद्धार एवं स्वच्छ करने का महाअभियान का शुभारम्भ श्रमदान कर किया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं फावडा चलाकर सिल्ट की सफाई की थी। सफाई करते हुये लोगों को प्रेरित किया गया और दृढ़ संकल्प होकर समस्त श्रमिकों को कार्य करने की प्रेरणा दी थी।
माँ गोमती की अविरल धारा को पुर्नाजीवित करने हेतु जनपद के 16 ग्राम पंचायत से होकर शाहजहॉपुर की सीमा तक लगभग 47 किलोमीटर तक गोमती नदी की साफ सफाई एवं कब्जा मुक्त कराने का कार्य इस महाअभियान के अन्तर्गत सम्पन्न किया गया था। मनरेगा के अन्तर्गत महायोजना तैयार कर समस्त ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों के माध्यम से एक माह में कार्य कराने का संकल्प आयोजित कार्यशाला में कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कहा था कि मां गोमती की अविरल धारा को प्रवाहित करने में दृढ शक्ति के साथ कार्य करें और लोगों को इसके लिए प्रेरित भी करें। इस महाअभियान से जहां मां गोमती का पुनरूद्धार करने का कार्य होगा, उसके साथ साथ हजारों लोगों को रोजगार भी मुहिया कराने के कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा था कि मां गोमती की अविरल धारा प्रवाहित होने के उपरान्त सभी ग्राम पंचायतों में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी मां गोमती के किनारें प्रतिदिन सभी ग्रामों में एक साथ मां गोमती की आरती सम्पन्न की जायेगी।
तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने गोमती नदी के शाहजहांपुर की सीमा तक 47 किलोमीटर की 47 दिन तक पैदल यात्रा कर पुनरूद्धार का कार्य कराया था। उन्होंने 12 में 2022 से 27 जून 2022 तक इस अभियान को चलाया था। 30 जून 2022 को गोमती उद्गम स्थल पर महा आरती का आयोजन किया था जिसमें जिला स्तर के सभी प्रशासनिक अधिकारी सहित जन प्रतिनिधि सम्मिलित रहे। तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने माधोटांडा,,हरिपुर फुलहर,नवदिया धनेश,देवीपुर,सबलपुर म0 रम्पुरा फकीरे,रम्पुरा फकीरे,उदयकरनपुर,शेरपुर मकरंदपुर,कल्याणपुर, शाहबाजपुर,गोपालपुर, अजीतपुर विल्हा ,टांडा,सुन्दरपुर,सिकरहना,पिपरिया मझरा में गोमती आरती के घाट बनवाए थे। इन घाटों पर प्रतिशाम गोमती आरती सुबह योग पाठशाला एवं राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण का प्रावधान किया था।
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