Pilibhit: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वनाग्नि प्रबन्धन कार्यशाला का हुआ आयोजन।

फायर सीजन की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विश्व प्रकृति निधि (WWF) के सहयोग

Mar 19, 2026 - 18:55
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Pilibhit: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वनाग्नि प्रबन्धन कार्यशाला का हुआ आयोजन।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वनाग्नि प्रबन्धन कार्यशाला का हुआ आयोजन।

रिपोर्ट- कुँवर निर्भय सिंह 

पीलीभीत: फायर सीजन की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विश्व प्रकृति निधि (WWF) के सहयोग से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वनाग्नि प्रबंधन पर  कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला टाइगर रिजर्व मुख्यालय में आयोजित की गई। प्रधान वन संरक्षक सुनील चौधरी ने इसका उद्घाटन किया। कार्यशाला में माला, महोफ, बराही, हरिपुर और दियोरिया रेंज के लगभग 100 कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम  में फील्ड डायरेक्टर एवं मुख्य वन संरक्षक पी.पी. सिंह ने कहा कि अग्नि प्रबंधन कार्यों को गंभीरता से करना आवश्यक है। उन्होंने जंगल को आग से बचाने के लिए “कूल बर्निंग” और “कंट्रोल बर्निंग” तकनीकों की जानकारी देते हुए इनके महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने कहा कि जंगल की आग केवल घास और पत्तियों को ही नहीं जलाती, बल्कि जैव विविधता को भी भारी नुकसान पहुंचाती है। इससे रेंगने वाले जीवों और घास के मैदानों में रहने वाले पक्षियों पर विशेष रूप से दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि समय रहते आग पर नियंत्रण कर जैव विविधता को सुरक्षित रखा जा सकता है। प्रभागीय निदेशक भारत कुमार डी.के. ने कहा कि आग के विकराल रूप लेने से पहले ही उसे नियंत्रित करना जरूरी है, जिसके लिए समय प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार (WWF) ने प्रतिभागियों को अग्नि के प्रकार, अग्निशमन तकनीक, मॉप-अप प्रक्रिया, धुएं से आग की पहचान, अग्नि त्रिकोण तथा अग्नि पट्टियों के महत्व पर प्रशिक्षण दिया। फायर पुलिस अधिकारी आबिद अली खान ने समय प्रबंधन, मानव सुरक्षा और अग्नि नियंत्रण के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी।

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