Lucknow: योगी सरकार का बड़ा कदम: आयुष छात्रों को मिलेगी 3-डी एनाटोमेज टेबल की सुविधा।

योगी सरकार आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार

May 16, 2026 - 18:21
 0  2
Lucknow: योगी सरकार का बड़ा कदम: आयुष छात्रों को मिलेगी 3-डी एनाटोमेज टेबल की सुविधा।
योगी सरकार का बड़ा कदम: आयुष छात्रों को मिलेगी 3-डी एनाटोमेज टेबल की सुविधा।
  • योगी सरकार आयुष छात्रों को देगी 3-डी एनाटोमेज टेबल की सुविधा 
  • 3-डी एनाटोमेज टेबल से छात्र बिना शव के सीख सकेंगे मानव शरीर रचना विज्ञान
  • लखनऊ के आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी कॉलेजों को मिलेगी सुविधा, वर्चुअल डिसेक्शन के जरिए छात्र समझ सकेंगे शरीर की जटिल संरचना 
  • उत्तर प्रदेश बनेगा देश का चौथा राज्य, जहां होगी 3-डी एनाटोमेज टेबल की सुविधा

लखनऊ। योगी सरकार आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार आयुष चिकित्सा संस्थानों में अध्ययन और प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक 3-डी एनाटोमेज टेबल (डिजिटल शवगृह) उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से जुड़े चिकित्सकों एवं छात्रों को मानव शरीर रचना का आधुनिक और वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध कराना है।

दरअसल, चिकित्सा शिक्षा में शवों की उपलब्धता लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में आयुष संस्थानों में भी शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) की पढ़ाई के लिए सीमित संसाधनों के कारण छात्रों को व्यावहारिक अध्ययन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने आधुनिक डिजिटल तकनीक को चिकित्सा शिक्षा से जोड़ने की रणनीति तैयार की है। इसे अपनाने वाला उत्तर प्रदेश देश का चौथा राज्य होगा।

  • डिजिटल शवगृह के नाम से भी जाना जाता है 3-डी एनाटोमेज टेबल

आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी ने बताया कि योगी सरकार ने चिकित्सा शिक्षा में शवों की उपलब्धता की कमी को देखते हुए आयुष संस्थान के छात्रों को एनाटॉमी की पढ़ाई के लिए 3-डी एनाटोमेज टेबल उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत लखनऊ स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, राजकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज तथा राजकीय तकमील-उत्तिब यूनानी कॉलेज में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आयुष क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे छात्र और प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर बिना वास्तविक शव (कैडेवर) के भी मानव शरीर की आंतरिक संरचना को अत्यंत सूक्ष्मता से समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि 3-डी एनाटोमेज टेबल एक अत्याधुनिक डिजिटल उपकरण है, जिसे “डिजिटल शवगृह” भी कहा जाता है। यह विशाल टच-स्क्रीन आधारित प्रणाली होती है, जिसमें वास्तविक मानव शरीर के हाई-रिजॉल्यूशन 3-डी मॉडल उपलब्ध रहते हैं। छात्र व चिकित्सक इसमें मानव शरीर की त्वचा, मांसपेशियां, नसें, रक्त वाहिकाएं और हड्डियों को परत-दर-परत देखकर अध्ययन कर सकते हैं।

  • डिजिटल मॉडल से विभिन्न अंगों का अध्ययन

आयुष महानिदेशक ने बताया कि 3-डी एनाटोमेज टेबल की सबसे बड़ी विशेषता आभासी विच्छेदन (वर्चुअल डिसेक्शन) है। इसमें वास्तविक शव की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि डिजिटल मॉडल के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों का अध्ययन किया जाता है। विद्यार्थी स्क्रीन पर अंगुलियों के स्पर्श से शरीर के किसी भी हिस्से को घुमा सकते हैं, ज़ूम कर सकते हैं और अलग-अलग कोणों से देख सकते हैं। इसके अलावा एक्स-रे व्यू जैसी सुविधाओं के माध्यम से शरीर के भीतर की संरचनाओं को भी विस्तार से समझा जा सकता है। यह तकनीक केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा उपचार और सर्जरी की योजना बनाने में भी उपयोगी साबित हो रही है। इसमें मरीजों के सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन को अपलोड कर उनका त्रि-आयामी मॉडल तैयार किया जा सकता है। इससे चिकित्सकों को बीमारियों का अधिक सटीक विश्लेषण करने और उपचार की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलती है।

  • 3-डी एनाटोमेज टेबल की सुविधा वाला देश का चौथा राज्य होगा यूपी

3-डी एनाटोमेज टेबल चिकित्सा छात्रों को मानव शरीर की जटिल संरचनाओं को वास्तविक रूप में समझने में मदद करती है। इससे विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ बढ़ती है और वे भविष्य में अधिक दक्ष चिकित्सक और सर्जन बन सकते हैं। वर्तमान में देश के चुनिंदा संस्थानों में ही यह सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में ‘शरीर रचना’ विभाग में इसके माध्यम से वर्चुअल विच्छेदन कराया जाता है। इसके अलावा जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान तथा कर्नाटक के हासन स्थित एसडीएम आयुर्वेद कॉलेज में भी यह तकनीक उपयोग में लाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में यह सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश देश का चौथा राज्य बन जाएगा, जहां आयुष चिकित्सा शिक्षा में 3-डी एनाटोमेज टेबल का उपयोग किया जाएगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।