Politicians React to Uma Shankar Singh Death: उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती, सीएम योगी और दिग्गजों ने जताया गहरा दुख, सोशल मीडिया पर उमड़ा श्रद्धांजलि का सैलाब
रसड़ा से तीन बार के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर सीएम योगी आदित्यनाथ, मायावती और राज्य के कृषि मंत्री सहित तमाम राजनीतिक दिग्गजों ने शोक जताया है।
- Uma Shankar Singh Condolences: उमाशंकर सिंह के निधन पर सीएम योगी और मायावती समेत दिग्गजों ने जताया शोक, जानिए किसने क्या कहा
- Rasra MLA Uma Shankar Singh Death Reactions: रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर उबला शोक का समंदर, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
- Condolences on Uma Shankar Singh Death: रसड़ा के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर देश-प्रदेश के नेताओं ने व्यक्त की संवेदना
बलिया जिले की रसड़ा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता उमाशंकर सिंह के असमय निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। दिल्ली के अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाले 55 वर्षीय उमाशंकर सिंह के निधन की खबर जैसे ही फैली, प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, राज्य के कृषि मंत्री तथा अन्य प्रमुख नेताओं ने सोशल मीडिया संदेशों और वक्तव्यों के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बलिया स्थित उनके आवास और अंतिम दर्शन स्थल पर परिजनों व समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है, जहां विभिन्न दलों के जन प्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
रसड़ा से तीन बार के लोकप्रिय विधायक और उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के प्रमुख स्तंभ उमाशंकर सिंह के निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक जगत में गहरा शोक व्याप गया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के बड़े नेताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनी संवेदनाएं साझा कीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर बसपा अध्यक्ष मायावती और राज्य मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों ने उमाशंकर सिंह के निधन को प्रदेश के लिए एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक क्षति करार दिया है। बलिया में उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों समर्थकों के साथ-साथ कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी पहुंचे हैं।
दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद बलिया लाया गया। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर निवास स्थान पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। राजनीतिक हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया पर भी नेताओं के शोक संदेशों की झड़ी लग गई। नेताओं ने उन्हें एक कर्मठ, मिलनसार और जनता के हितों के लिए समर्पित जननेता के रूप में याद किया। मुख्यमंत्री कार्यालय, विभिन्न राजनीतिक दलों के आधिकारिक पेजों और व्यक्तिगत अकाउंट्स के माध्यम से उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रेषित की गईं।
सीएम योगी आदित्यनाथ का शोक संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए गहरा दुख जताते हुए लिखा कि रसड़ा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रतिक्रिया
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने शोक संदेश में लिखा कि बसपा के वरिष्ठ नेता, रसड़ा से विधायक और उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह जी का निधन अत्यंत दुखद है। वे पार्टी के प्रति समर्पित और वफादार नेता थे। उनका असमय चले जाना बहुजन समाज पार्टी और पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं।
कृषि मंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों का संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह जी एक जनप्रिय और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले नेता थे। पूर्वांचल की राजनीति में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। इसके अलावा राज्य के कई अन्य मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अंतिम दर्शन के दौरान उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिजनों से मिलकर सांत्वना जताई।
विपक्षी नेताओं की श्रद्धांजलि
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अन्य दलीय प्रतिनिधियों ने भी उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक जताया। नेताओं ने कहा कि वे दलगत भावनाओं से परे जाकर हर वर्ग के व्यक्ति की सहायता के लिए तत्पर रहते थे। विधानसभा में जनहित के मुद्दों को पूरी प्रखरता से उठाना उनकी पहचान थी।
उमाशंकर सिंह के निधन पर पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं द्वारा व्यक्त की गई संवेदनाएं यह दर्शाती हैं कि उनका प्रभाव केवल अपनी पार्टी या अपने क्षेत्र तक सीमित नहीं था। वे एक ऐसे जननेता थे जिन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मधुर और सम्मानजनक संबंध बनाए रखे थे। उनके जाने से बलिया की राजनीति में जो शून्यता आई है, उसे सभी नेताओं ने स्वीकार किया है। उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे विशाल जनसमूह और नेताओं के जमावड़े ने यह साबित कर दिया कि क्षेत्र में उनकी स्वीकार्यता कितनी व्यापक थी। उमाशंकर सिंह के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कराने के बाद पूर्ण राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है। अंतिम यात्रा में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री और हजारों की संख्या में क्षेत्र के नागरिक शामिल हो रहे हैं। शोक की इस घड़ी में प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों और आम जनता को सहूलियत रहे।
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