Sambhal: लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का फूटा गुस्सा, सम्भल बार एसोसिएशन का प्रदर्शन।
कचहरी में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सम्भल जिला बार एसोसिएशन के वकीलों ने
उवैस दानिश, सम्भल
लखनऊ कचहरी में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सम्भल जिला बार एसोसिएशन के वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद अशरफी ने आरोप लगाया कि लखनऊ प्रशासन और पुलिस ने अधिवक्ताओं के साथ बर्बरता की है। उन्होंने कहा कि वकीलों को चैंबरों से खींचकर पीटा गया और कई अधिवक्ता घायल हुए हैं। उन्होंने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा घायल अधिवक्ताओं को ₹10-10 लाख मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो पूरे उत्तर प्रदेश के वकील सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। जिला बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष मुख्तार फात्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ लगातार अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के लिए लड़ने वाले वकीलों की ही सुनवाई नहीं हो रही है। महिला अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की घटना को उन्होंने बेहद शर्मनाक बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बार एसोसिएशन के सचिव सरफराज नवाज़ ने कहा कि लखनऊ कचहरी में करीब 30 वर्षों से अधिवक्ताओं के चैंबर बने हुए थे, लेकिन प्रशासन ने बुलडोजर और पुलिस बल के दम पर कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला अधिवक्ताओं तक को नहीं छोड़ा गया और कई वकील अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। अधिवक्ताओं ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक और तेज किया जाएगा।
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