Deoband : भूमि विवाद में नौ दिन बाद अनुसूचित जाति पक्ष की प्राथमिकी दर्ज
पीड़ित नीरज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका चचेरा भाई नरेश चक संख्या 2125 की जमीन पर लंबे समय से काबिज है। आरोप है कि गांव का मिंटू उर्फ रविंद्र राणा इस जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहता है और पहले भी कई बार ऐसी कोशिश कर चुका है। शिका
देवबंद के लालवाला गांव में जमीन के मालिकाना हक को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने नौ दिन बाद अनुसूचित जाति पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में दस लोगों को नामजद करते हुए कुल 25 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पीड़ित नीरज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका चचेरा भाई नरेश चक संख्या 2125 की जमीन पर लंबे समय से काबिज है। आरोप है कि गांव का मिंटू उर्फ रविंद्र राणा इस जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहता है और पहले भी कई बार ऐसी कोशिश कर चुका है। शिकायत के अनुसार, नौ मई को रविंद्र अपने साथियों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंचा था। जब पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की। इतना ही नहीं, जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की गई, जिसमें पीड़ित बाल-बाल बच गया। इसके बाद आरोपियों ने पथराव किया, जिसमें परिवार के सुरेंद्र, राजकुमार, आकाश, कलावती, सुषमा, सविता, शिब्बो, मांगी और योगेश घायल हो गए।
पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मिंटू उर्फ रविंद्र राणा, उसके बेटों मयंक व दिव्यम समेत शेखर, सागर सोलंकी, मुकुल, सिद्धार्थ, जॉनी, धर्मवीर और मोनू सहित 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि पुलिस ने इससे पहले दूसरे पक्ष के रविंद्र की शिकायत पर अनुसूचित जाति के 21 नामजद सहित 71 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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