Sambhal : चांद नहीं आया नजर, 28 मई को मनाई जाएगी ईद-उल-अज़हा
कमेटी के सदर मुफ़्ती आलम रज़ा नूरी ने बताया कि आसमान साफ़ होने के बावजूद सम्भल में चांद नजर नहीं आया और दूसरे शहरों से भी कोई सुबूत मौसूल नहीं हुआ। इसके बाद फैसला लिया गया कि 28 मई, बृहस्पतिवार को ईद-उल-अज़हा मनाई जा
रूयते हिलाल कमेटी का ऐलान, उलेमाओं ने दी अमन, सफाई और कानून पालन की नसीहत
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में मरकज़ी रूय्यत-ए-हिलाल कमेटी की अहम बैठक मरकज़ी मदरसा अहल-ए-सुन्नत अजमल उलूम में आयोजित की गई, जिसमें जिले भर के उलेमा और कमेटी सदस्य शामिल हुए। बैठक के बाद कमेटी ने ऐलान किया कि सम्भल समेत मुल्क के किसी हिस्से से चांद दिखाई देने की तस्दीक नहीं हुई है।
कमेटी के सदर मुफ़्ती आलम रज़ा नूरी ने बताया कि आसमान साफ़ होने के बावजूद सम्भल में चांद नजर नहीं आया और दूसरे शहरों से भी कोई सुबूत मौसूल नहीं हुआ। इसके बाद फैसला लिया गया कि 28 मई, बृहस्पतिवार को ईद-उल-अज़हा मनाई जाएगी।
मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी अल्लाह की रज़ा के लिए की जाए, दिखावे के लिए नहीं। उन्होंने लोगों से कहा कि कुर्बानी की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से भी ईद के मौके पर बेहतर सफाई, पानी और बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करने और ऐसा कोई कार्य न करने की अपील की जिससे समाज या मजहब की बदनामी हो।
वहीं ईदगाह के इमाम मौलाना मोहम्मद ज़हीरुल इस्लाम ने भी लोगों को ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद देते हुए अमन और भाईचारे की दुआ की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी पर्दे के अंदर और पूरी एहतियात के साथ की जाए। खून को नालियों में न बहाया जाए और सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाए, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। उलेमाओं ने साफ कहा कि ईद की खुशियों के बीच कानून, सफाई और सामाजिक सौहार्द का ख्याल रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
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