Balrampur : देवीपाटन शक्तिपीठ में मकर संक्रांति पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, नेपाल से भी पहुंचे हजारों भक्त
यह शक्तिपीठ केवल भारत तक सीमित नहीं है। पड़ोसी देश नेपाल से भी हजारों श्रद्धालु पैदल और निजी वाहनों से यहां पहुंचे। मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ की इस तपस्थली पर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर स्थित प्रसिद्ध देवीपाटन शक्तिपीठ में मकर संक्रांति का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले ऐतिहासिक सूर्य कुंड में पवित्र स्नान किया। मान्यता है कि सूर्यपुत्र कर्ण ने इसी कुंड में स्नान कर भगवान भास्कर की उपासना की थी। इस दिन यहां स्नान करने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है और पुण्य प्राप्त होता है। स्नान के बाद भक्तों ने गर्भगृह में माता पाटेश्वरी के दर्शन किए और गुरु गोरखनाथ को दाल, चावल तथा तिल की खिचड़ी चढ़ाई।
यह शक्तिपीठ केवल भारत तक सीमित नहीं है। पड़ोसी देश नेपाल से भी हजारों श्रद्धालु पैदल और निजी वाहनों से यहां पहुंचे। मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ की इस तपस्थली पर खिचड़ी चढ़ाने से कष्ट दूर होते हैं। मंदिर परिसर में जय गुरु गोरखनाथ और जय माता दी के उद्घोष गूंजते रहे। मंदिर के मुख्य पुजारी योगी याद नाथ ने बताया कि देवीपाटन का सीधा संबंध गुरु गोरखनाथ पीठ गोरखपुर से है। गोरखपुर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा शुरू होते ही यहां भी विधिवत पूजन और खिचड़ी अर्पण होता है। नेपाल के राजपरिवार से भी इस मंदिर का पुराना नाता है, इसलिए नेपाली श्रद्धालु अपनी कुलदेवी माता पाटेश्वरी के आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में आते हैं।
भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। स्वयंसेवकों ने जगह-जगह खिचड़ी भोज का आयोजन किया और जरूरतमंदों को कंबल तथा अनाज का दान दिया।
What's Your Reaction?