सहारनपुर में एक परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत से इलाके में दहशत का माहौल फैला।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा इलाके में कौशिक विहार कॉलोनी में एक बंद घर से एक परिवार के पांच सदस्यों के शव बरामद होने से पूरे
- एक ही कमरे में मिले पांच शव, सभी के माथे पर गोली के निशान, पुलिस जांच में हत्या-आत्महत्या का शक
- उत्तर प्रदेश के सरसावा इलाके में बंद घर से बरामद हुए शव, तीन तमंचे मिलने से जांच में नया मोड़
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा इलाके में कौशिक विहार कॉलोनी में एक बंद घर से एक परिवार के पांच सदस्यों के शव बरामद होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शवों की पहचान अशोक नाम के व्यक्ति, उनकी पत्नी अंजिता, मां विद्यावती और दो बेटों कार्तिक तथा देव के रूप में हुई है। सभी शव एक ही कमरे में मिले, जहां अशोक और अंजिता के शव फर्श पर पड़े थे, जबकि विद्यावती और दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि सभी के माथे पर गोली के घाव थे, जो मौत का कारण लगते हैं। पुलिस ने मौके से तीन तमंचे बरामद किए हैं, जो घटना की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। अशोक सरकारी नौकरी में अमीन के पद पर कार्यरत थे और परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य थे। घटना की सूचना पड़ोसियों से मिली, जिन्होंने घर बंद होने और कोई हलचल न होने पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने घर को सील कर दिया और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या यह मामला सामूहिक हत्या का है या फिर हत्या के बाद आत्महत्या का। अधिकारियों का मानना है कि अशोक ने पहले परिवार के अन्य सदस्यों को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली। हालांकि, सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है, जिसमें घरेलू विवाद, आर्थिक दबाव या किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका शामिल है। परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और उनके कॉल रिकॉर्ड तथा मैसेज की जांच हो रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना के समय की कोई जानकारी मिल सके। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि परिवार सामान्य रूप से रहता था और किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी।
अशोक की उम्र लगभग 40 वर्ष थी, जबकि उनकी पत्नी अंजिता की उम्र 37 वर्ष बताई जा रही है। उनकी मां विद्यावती की उम्र 70 वर्ष के आसपास थी। दोनों बेटे कार्तिक 16 वर्ष के थे और देव 13 वर्ष के। कार्तिक स्थानीय इंटर कॉलेज में दसवीं कक्षा में पढ़ते थे, जबकि देव नौवीं कक्षा में थे। घटना स्थल पर शवों की स्थिति से लगता है कि गोली मारने का क्रम अलग-अलग समय पर हुआ हो सकता है। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि अशोक ने पहले अपनी मां, पत्नी और बेटों को निशाना बनाया और उसके बाद खुद पर गोली चलाई। हालांकि, एक रिपोर्ट में अशोक के सीने पर गोली का घाव होने का जिक्र है, जबकि अन्य सदस्यों के माथे पर। तीन तमंचों का मिलना इस मामले को और जटिल बनाता है, क्योंकि इससे यह सवाल उठता है कि क्या एक से अधिक व्यक्ति शामिल थे या फिर सभी हथियार एक ही व्यक्ति के पास थे। जांच टीम ने घर के हर कोने की तलाशी ली और कोई सुसाइड नोट या अन्य लिखित सबूत नहीं मिला। परिवार के आर्थिक हालात की जांच की जा रही है, जिसमें कर्ज या नौकरी से जुड़े तनाव की संभावना देखी जा रही है। अशोक को उनके पिता की मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी, जो नकुड़ तहसील में थी। पुलिस का कहना है कि परिवार में किसी तरह का झगड़ा या गुस्से में फायरिंग की आशंका भी जांच के दायरे में है। बाहरी व्यक्ति द्वारा घर में घुसकर वारदात करने की संभावना को भी नकारा नहीं गया है, इसलिए आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सभी मौतें गोली के घाव से हुई हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और कारण की पुष्टि होगी। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं, जिसमें तमंचों की जांच शामिल है। यह देखा जा रहा है कि तमंचे लाइसेंसी थे या नहीं और उनका इस्तेमाल कैसे हुआ। परिवार के सदस्यों के बीच किसी विवाद या लेन-देन की जांच हो रही है। पुलिस का मानना है कि यह मामला हत्या-आत्महत्या का लगता है, लेकिन सभी एंगल से जांच जारी है। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार शांत स्वभाव का था और किसी से दुश्मनी नहीं थी। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए, लेकिन पुलिस ने क्षेत्र को घेर लिया। जांच में परिवार के रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि कोई छिपा हुआ विवाद सामने आए। अशोक की नौकरी से जुड़े दबाव या घरेलू तनाव को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। तीन तमंचों से फायरिंग की संभावना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने घर को पूरी तरह सील कर दिया है और कोई भी व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता। फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो गोली के प्रकार और दूरी की जानकारी देगी। दोनों बच्चों के स्कूल रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं ताकि कोई स्कूल से जुड़ा तनाव सामने आए या नहीं। परिवार के मोबाइल फोन से कॉल डिटेल्स निकाली जा रही हैं, जिसमें हाल की कॉल्स और मैसेज महत्वपूर्ण हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। इलाके में सीसीटीवी की कमी होने से जांच में थोड़ी मुश्किल आ रही है, लेकिन उपलब्ध फुटेज की जांच हो रही है। परिवार के आर्थिक लेन-देन की जांच के लिए बैंक रिकॉर्ड भी मंगाए गए हैं। कर्ज की स्थिति या किसी दबाव की पुष्टि रिपोर्ट से होगी।
जांच टीम ने बताया कि शवों की स्थिति से लगता है कि घटना रात के समय हुई हो सकती है। अशोक के शव पर गोली का घाव अलग होने से यह संकेत मिलता है कि उन्होंने खुद पर फायर किया। अन्य सदस्यों के माथे पर घाव होने से करीब से गोली मारने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने सभी तमंचों को जब्त कर लिया है और उनकी बैलिस्टिक जांच होगी। परिवार में किसी मानसिक दबाव या स्वास्थ्य समस्या की भी जांच की जा रही है। रिश्तेदारों से पूछताछ में कोई बड़ा विवाद नहीं मिला, लेकिन जांच जारी है। इलाके की सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि कोई अफवाह न फैले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण की पुष्टि होगी। पुलिस का कहना है कि जांच में तेजी लाई जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। परिवार के सदस्यों के बीच संबंधों की जांच हो रही है। तीन तमंचों का मिलना इस मामले में महत्वपूर्ण है, जो जांच को नई दिशा दे सकता है। बाहरी हमले की संभावना पर भी काम किया जा रहा है।
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