1997 की क्लासिक फिल्म बॉर्डर 28 साल बाद भी ट्रेंडिंग, देशभक्ति और भावनाओं से भरपूर 2 घंटे 50 मिनट की यह कहानी हंसाती-रुलाती है।
बॉर्डर फिल्म का IMDb पर शानदार रेटिंग, 1997 से लगातार लोकप्रिय और अब दूसरे पार्ट की तैयारी तेज 28 साल पुरानी बॉर्डर फिल्म में देश के जज्बे
बॉर्डर फिल्म का IMDb पर शानदार रेटिंग, 1997 से लगातार लोकप्रिय और अब दूसरे पार्ट की तैयारी तेज 28 साल पुरानी बॉर्डर फिल्म में देश के जज्बे की दास्तान, हल्के-फुल्के पलों से गहरे दर्द तक का सफर और सीक्वल बॉर्डर 2 जल्द आने वाला
साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म बॉर्डर ने भारतीय सिनेमा में एक खास जगह बनाई है। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला पोस्ट की वास्तविक घटना पर आधारित है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे भारतीय सेना के जवान एक छोटी सी पोस्ट पर दुश्मन की बड़ी सेना का मुकाबला करते हैं। यह कहानी देशभक्ति, साहस और बलिदान की मिसाल पेश करती है। फिल्म की शुरुआत से लेकर अंत तक भावनात्मक गहराई बनी रहती है, जहां हल्के क्षण भी हैं जो दर्शकों को हंसाते हैं लेकिन मुख्य प्लॉट दर्द और भावुकता से भरा है। 2 घंटे 50 मिनट की लंबाई में यह पूरी घटना को विस्तार से दिखाती है।
फिल्म रिलीज के 28 साल बाद भी ट्रेंडिंग बनी हुई है। यह समय-समय पर सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा में आती रहती है, खासकर स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस जैसे मौकों पर। दर्शक इसे बार-बार देखते हैं और इसकी क्लिप्स शेयर करते हैं। फिल्म का यह लंबे समय तक लोकप्रिय रहना इसकी मजबूत कहानी और प्रभावशाली प्रस्तुति का प्रमाण है। यह हंसाते-हंसाते रुलाने वाली फिल्मों में से एक मानी जाती है, जहां कॉमेडी के पल कम हैं लेकिन भावनात्मक प्रभाव इतना गहरा है कि आंखें नम हो जाती हैं।
IMDb पर फिल्म को बंपर रेटिंग मिली हुई है, जो दर्शकों की लगातार पसंद को दिखाता है। यह रेटिंग वर्षों से बनी हुई है और नई पीढ़ी भी इसे सराहती है। फिल्म की स्क्रिप्ट, डायलॉग्स और परफॉर्मेंस ने इसे क्लासिक का दर्जा दिया है। युद्ध के दृश्यों को रियलिस्टिक तरीके से दिखाया गया है, जो दर्शकों को जोड़ता है। यह फिल्म सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि मानवीय भावनाओं, दोस्ती और परिवार के प्रति प्रेम को भी उजागर करती है।
फिल्म की सफलता के कारण अब इसका दूसरा पार्ट आने वाला है। बॉर्डर 2 की घोषणा हो चुकी है और यह सीक्वल मूल फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाएगा। इसमें 1971 के युद्ध के अन्य पहलुओं या संबंधित घटनाओं को दिखाया जा सकता है। सीक्वल की तैयारी चल रही है और यह दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा कर रहा है। मूल फिल्म की तरह ही यह भी देशभक्ति और भावनाओं पर केंद्रित होगी।
बॉर्डर फिल्म में कई यादगार दृश्य हैं, जैसे लोंगेवाला पोस्ट का बचाव और सैनिकों की बहादुरी। यह घटना वास्तविक है जहां मुट्ठी भर भारतीय जवानों ने बड़ी संख्या में दुश्मन को रोक दिया था। फिल्म इस ऐतिहासिक फैक्ट को ड्रामेटिक तरीके से पेश करती है। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म की ताकत हैं, जो भावनाओं को और गहरा बनाते हैं।
28 सालों में फिल्म ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। युवा दर्शक इसे देखकर देश के प्रति सम्मान महसूस करते हैं। यह फिल्म युद्ध की भयावहता दिखाती है लेकिन साथ ही सैनिकों के जज्बे को भी उजागर करती है। रिलीज के समय से लेकर अब तक यह बॉक्स ऑफिस और क्रिटिकल सफलता दोनों में मजबूत रही है। सीक्वल की उम्मीद से फिल्म फिर से चर्चा में है।
बॉर्डर 2 के आने से मूल फिल्म की विरासत को नई ऊर्जा मिलेगी। यह सीक्वल दर्शकों को फिर से उन भावनाओं से जोड़ेगा जो 1997 में महसूस हुई थीं। फिल्म की लंबी उम्र और ट्रेंडिंग स्थिति इसका प्रमाण है कि अच्छी कहानी कभी पुरानी नहीं होती। IMDb रेटिंग और लोकप्रियता से साफ है कि यह फिल्म आने वाले समय में भी देखी और सराही जाएगी।
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