Lucknow : पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के लिए नई नीति को योगी कैबिनेट की मंजूरी
इस योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा
- किफायती आवास और किराये के घरों के निर्माण को मिलेगा बढ़ावा, लाभार्थियों को केंद्र व राज्य से आर्थिक सहायता
- लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत किफायती आवास (एएचपी) और किफायती किराया आवास (एआरएच) घटकों के क्रियान्वयन के लिए नई नीति जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में वर्ष 2026 के लिए इन दोनों घटकों के संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। योजना के तहत मध्यम और दुर्बल आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा व्हाइटलिस्टेड परियोजनाओं में काम करने वाले डेवलपर्स को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानचित्र स्वीकृति शुल्क, बाह्य विकास शुल्क में छूट दी जाएगी, वहीं लाभार्थियों को स्टाम्प शुल्क में भी राहत मिलेगी।
किफायती किराया आवास (एआरएच) मॉडल-2 के तहत शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों तथा ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के परिवारों के लिए निजी और सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा किराये के आवास बनाए जाएंगे, जिनका संचालन और रखरखाव भी वही संस्थाएं करेंगी। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से शहरों में सस्ती और सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
- अनधिकृत लोगों से कांशीराम आवास खाली करवाकर पात्र दलितों को आवंटित किए जाएंगे
निर्णय की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बैठक के दौरान कांशीराम आवासों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में बने कांशीराम आवास योजना के कई आवासों पर अनधिकृत कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें खाली कराया जाएगा और उनकी रंगाई-पुताई व मरम्मत कराकर पुनः पात्र दलित परिवारों को आवंटित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। सरकार का उद्देश्य इन आवासों को फिर से जरूरतमंद दलित परिवारों को उपलब्ध कराना है।
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