Lucknow : न्यूजीलैंड की तकनीक से उत्तर प्रदेश के शहद उत्पादन और निर्यात को मिलेगी नई ताकत
इस दल ने रायबरेली के शिवगढ़ में बन रहे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी’ का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने बाराबंकी में मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे निमित्त सिंह के केंद्र का भी दौरा किया और वहां शहद तैयार करने के तरीकों को समझा। दौरे के
भारत और न्यूजीलैंड के बीच शहद उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। इसके तहत दोनों देश मिलकर ‘हनी एक्शन प्लान’ पर काम कर रहे हैं। इसी सिलसिले में न्यूजीलैंड उच्चायोग के पांच सदस्यीय दल ने उत्तर प्रदेश का दौरा कर शहद उत्पादन और उसे तैयार करने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दल में ईशान जयवर्धन, बायरन पीटर टेलर, मेलानी फिलिप्स, प्रियम अरोरा और सुदेशना रे शामिल रहे।
इस दल ने रायबरेली के शिवगढ़ में बन रहे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी’ का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने बाराबंकी में मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे निमित्त सिंह के केंद्र का भी दौरा किया और वहां शहद तैयार करने के तरीकों को समझा। दौरे के बाद दल ने उद्यान और कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से मुलाकात की। मंत्री ने रायबरेली में बन रहे केंद्र को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बाराबंकी के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक निमित्त सिंह को जून के महीने में प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने का फैसला लिया ताकि वे वहां की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को सीख सकें।
इसके बाद उद्यान भवन में अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें न्यूजीलैंड के दल ने अपनी तकनीक और अनुभवों के बारे में जानकारी दी। बैठक में शहद की गुणवत्ता सुधारने, निर्यात बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मधुमक्खी पालन को रोजगार से जोड़कर किसानों और उद्यमियों की कमाई बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
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