नितिन नवीन निर्विरोध बने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, 45 वर्ष की उम्र में पार्टी की कमान संभाली, कोई अन्य उम्मीदवार नहीं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नवीन को निर्विरोध चुना गया है। नामांकन प्रक्रिया में उनके
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में नितिन नवीन का निर्विरोध चुनाव, 37 नामांकन पत्रों के साथ 20 जनवरी को पदभार ग्रहण
- 1980 से 2026 तक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची, नितिन नवीन बने 12वें अध्यक्ष, पीएम मोदी ने किया प्रस्ताव
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नवीन को निर्विरोध चुना गया है। नामांकन प्रक्रिया में उनके पक्ष में 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल हुए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रस्ताव शामिल थे। कोई अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा, जिसके कारण नितिन नवीन को पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। वे 45 वर्ष की उम्र में इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेता हैं। पदभार ग्रहण समारोह 20 जनवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। नितिन नवीन दिसंबर 2025 में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए थे और अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बन गए हैं।
नितिन नवीन बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए हैं। वे पूर्व में बिहार सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री रह चुके हैं। पार्टी के संगठन पर्व के तहत 36 में से 30 राज्यों में संगठन चुनाव पूर्ण होने के बाद अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी। नामांकन, जांच और वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोई अन्य नाम नहीं आने से निर्विरोध चुनाव हुआ। रिटर्निंग अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह चुनाव पार्टी में अगली पीढ़ी के नेतृत्व की ओर संकेत करता है। नितिन नवीन ने बिहार में संगठन मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और युवा मोर्चा से जुड़े रहकर कार्य किया है।
भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी और तब से अब तक कुल 12 नेता इस पद पर रह चुके हैं। सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी 1980 से 1986 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उसके बाद लालकृष्ण आडवाणी ने 1986 से 1990 तक पद संभाला। मुरली मनोहर जोशी 1991 से 1993 तक अध्यक्ष रहे। लालकृष्ण आडवाणी ने दूसरी बार 1993 से 1998 तक जिम्मेदारी संभाली। कुशाभाऊ ठाकरे 1998 से 2000 तक अध्यक्ष रहे। उसके बाद बंगारू लक्ष्मण 2000 से 2001 तक पद पर थे। के. जानकी रामनाथ 2001 से 2004 तक अध्यक्ष रहे। फिर लालकृष्ण आडवाणी ने तीसरी बार 2004 से 2005 तक कार्य किया। राजनाथ सिंह ने 2005 से 2009 तक पद संभाला। नितिन गडकरी 2009 से 2013 तक अध्यक्ष रहे। अमित शाह 2014 से 2019 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। जगत प्रकाश नड्डा 2020 से जनवरी 2026 तक पद पर रहे। अब नितिन नवीन ने पदभार संभाला है।
पार्टी के इतिहास में लालकृष्ण आडवाणी तीन बार अध्यक्ष रहे हैं, जबकि राजनाथ सिंह और अमित शाह ने दो-दो बार जिम्मेदारी संभाली है। अटल बिहारी वाजपेयी पहले अध्यक्ष थे जिन्होंने पार्टी की नींव रखी। विभिन्न अध्यक्षों के कार्यकाल में पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया और कई बार केंद्र में सरकार बनाई। नितिन नवीन का चुनाव पार्टी की 45 वर्षीय यात्रा के साथ उनकी उम्र का संयोग दर्शाता है। नामांकन में 37 सेट पत्रों के साथ व्यापक समर्थन मिला। पदभार ग्रहण के समय पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
नितिन नवीन को दिसंबर 2025 में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, जो अध्यक्ष पद के लिए उनकी तैयारी का संकेत था। नामांकन प्रक्रिया में कोई विरोध नहीं होने से चुनाव निर्विरोध पूरा हुआ। पार्टी ने इस बदलाव को अगली पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में देखा है। नितिन नवीन बिहार से आते हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। वे पार्टी के युवा चेहरे के रूप में उभरे हैं।
भाजपा ने संगठन चुनावों के बाद अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी की। नितिन नवीन के निर्विरोध चुनाव से पार्टी में एकता का संदेश गया है। पदभार ग्रहण 20 जनवरी को होगा। पार्टी अब आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटेगी। नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी का फोकस संगठन मजबूती पर रहेगा।
यह बदलाव भाजपा के 45 वर्ष पूरे होने के साथ हुआ है। नितिन नवीन 12वें अध्यक्ष हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्षों ने विभिन्न दौर में योगदान दिया। अब नई जिम्मेदारी नितिन नवीन के कंधों पर है।
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