Lucknow : उन्नत बीज, अधिक उत्पादन, समृद्ध किसान, गन्ना खेती में तकनीकी क्रांति की ओर ऐतिहासिक कदम
आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उ.प्र. ने बताया कि इन एमओयू के माध्यम से प्रदेश में गन्ना बीज उत्पादन प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाएगा। नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट की खाली पड़ी कृषि भूमि के स
- टिश्यू कल्चर तकनीक के समुचित उपयोग को बढ़ावा देने हेतु एडवाजरी एवं प्रशिक्षण सेवा को सुगम बनाने के लिए शोध परिषद व हैदरगढ़ चीनी मिल के मध्य ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन
- एनएसआई कानपुर और गन्ना शोध परिषद के साथ समझौता ज्ञापन से ब्रीडरशीड की उपलब्धता में 12,000 कु. की वृ़िद्ध मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा फायदा
- प्रदेश के गन्ना किसानों को पर्याप्त मात्रा में मिलेगा रोगमुक्त उन्नत बीज
- उन्नत बीज गन्ना उत्पादन हेतु टिश्यू कल्चर तकनीक को बढ़ावा देने से महत्वपूर्ण गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में होगी वृद्धि
- गन्ना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, वैज्ञानिक तकनीक से बदलेगी गन्ना खेती से किसानों की तकदीर
लखनऊ : प्रदेश के गन्ना किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने तथा गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनाने की दिशा में गन्ना विकास विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में गन्ना विकास विभाग एवं नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) के बीच ब्रीडर गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। इससे नये किस्मों के बीज की उपलब्धता बढ़ाने तथा किस्मों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एडवाइजरी तथा प्रशिक्षण सुविधायें सुगम बनाने हेतु उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद एवं बलरामपुर चीनी मिल की इकाई हैदरगढ़ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है, इस समझौते से टिश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से उन्नत गन्ना किस्मों के रोगमुक्त गन्ना पौध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा टिश्यू कल्चर लैब की क्रियाशीलता सुनिश्चित होगी।
माननीय गन्ना मंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और गन्ना खेती को अधिक आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ब्रीडर बीज उत्पादन और टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों को उच्च गुणवत्ता, प्रमाणित और रोगमुक्त गन्ना बीज उपलब्ध होगा, जिससे गन्ना उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्हांेने कहा कि यह पहल प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और गन्ना खेती को अधिक प्रतिस्पर्धी एवं टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उ.प्र. ने बताया कि इन एमओयू के माध्यम से प्रदेश में गन्ना बीज उत्पादन प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाएगा। नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट की खाली पड़ी कृषि भूमि के सकरात्मक उपयोग एवं वैज्ञानिक दक्षता के प्रयोग से ब्रीडर गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदेश के ब्रीडर शीड के उपलब्धता में लगभग 12,000 कु. की वृद्धि होगी जिसका फायदा मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा, उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल के सहयोग से टिश्यू कल्चर तकनीक पर काम करने वाली चीनी मिलों के कार्मिकों को प्रशिक्षण एवं लैब संचालन के सम्बन्ध में तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सलाह भी उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे नई किस्मों के बीज की उपलब्धता बढ़ाई जा सकेगी और अधिक से अधिक किसान इस उन्नत विधियों को अपनाकर लाभान्वित हो सकेंगे। यह तकनीक किसानों की आय बढ़ाने और चीनी उद्योग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह पहल प्रदेश के गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता एवं अधिक आय प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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