Sitapur: नवम पड़ाव पर पहुंचे परिक्रमार्थी नैमिषारण्य में 84 कोसी परिक्रमा का पुनः आगमन परिक्रमार्थियों और श्रद्धालुओं में दिखा जोश और उल्लास। 

विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य मैं सतयुगनी 84 कोसीय परिक्रमा परंपरागत रूप से चली आ रही प्रतिवर्ष नैमिषारण्य मिश्रिख 84 कोसी

Feb 27, 2026 - 11:35
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Sitapur: नवम पड़ाव पर पहुंचे परिक्रमार्थी नैमिषारण्य में 84 कोसी परिक्रमा का पुनः आगमन परिक्रमार्थियों और श्रद्धालुओं में दिखा जोश और उल्लास। 
नवम पड़ाव पर पहुंचे परिक्रमार्थी नैमिषारण्य में 84 कोसी परिक्रमा का पुनः आगमन परिक्रमार्थियों और श्रद्धालुओं में दिखा जोश और उल्लास। 

 रिपोर्ट- सुरेंद्र मोठी 

नैमिषारण्य/मिश्रिख सीतापुर: विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य मैं सतयुगनी 84 कोसीय परिक्रमा परंपरागत रूप से चली आ रही प्रतिवर्ष नैमिषारण्य मिश्रिख 84 कोसी परिक्रमा का आयोजन होता है यह परिक्रमा 15 दिन बराबर चलती हैं जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचकर पैदल परिक्रमा करते हैं यह परिक्रमा 11 पड़ाव से होकर गुजरती है जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं परिक्रमा सर्वप्रथम नैमिषारण्य से चलकर सीतापुर हरदोई के विभिन्न पड़ाव से होकर ऋषि मुनियों के पावन तपस्थली नैमिषारण्य तीर्थ में पुनः आगमन होता है इस पड़ाव का महत्व है कि यह परिक्रमा इस पड़ाव से उठती है और पुनः नवमी को यहां आगमन होता हैं।

इस लिए इसको नवम परिक्रमा पड़ाव कहा जाता है परिक्रमा में सभी साधु संतों व श्रद्धालुओं के चेहरे पर सूर्य के समान आध्यामिक तेज चमक रहा थे जैसे कोई सतयुग की लीला का चलचित्र वापस आ गया हो अपने तपोबल से नैमिषारण्य की पवित्र भूमि एक बार फिर से सतयुग का दर्शन करा रहीं हो नैमिष वासी व स्थानीय लोगों ने साधु संतों का दर्शन कर भावविहोर दिखे सभी श्रद्धाल नवम पड़ाव पहुंचकर नैमिष के आर्यांवन तपोभूमि पर रात रूककर आराम करते हैं सुबह ब्रम्हमुहर्त में आदि गंगे गोमती नदी के राजघाट में स्नान कर नैमिषारण्य के तमाम धार्मिक स्थलों का दर्शन करते हैं। नैमिषारण्य तीर्थ में परिक्रमा के पुनः आगमन पर भगवान नैमिष नाथ एवं विष्णु भगवान की झाकी निकलती हैं जो साल में एक बार परिक्रमा के समय श्रद्धालुओ को दर्शन कराते हैं भगवान नैमिष नाथ जी की झाकी नीमसार चक्र कुंड परिसर में पहुंचती है जहां पर सभी श्रद्धालुओ के द्वारा उनका पूजन अर्चन किया जाता है जिसमें स्थानीय लोग बढ़चढकर हिस्सा लेते हैं सभी श्रद्धालु/परिक्रमार्थी भगवान का दर्शन करते हुए आगे की परिक्रमा जारी रखते हैं सभी श्रद्धालु,परिक्रमार्थी नैमिषारण्य से चलकर दशम पड़ाव कोल्हू बरेठी पहुंचती हैं जहाँ सभी श्रद्धालु परिक्रमार्थी यह से होते हुए 11वे पड़ाव मिश्रिख पहुंचती है जहां पर सभी परिक्रमार्थी 5 दिवसीय रुककर पंचकोसी परिक्रमा पूर्ण करते हैं, जिसमें महर्षि दधीचि जी,सीताकुंड, आदि तमाम धार्मिक स्थलों का दर्शन कर अपने परिवार के लिए  सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, इस 84 कोसी परिक्रमा मेला के दौरान सभी मुख्य पड़ाव व मार्ग पर सीतापुर एवं हरदोई जिले के प्रशासनिक  अधिकारियों तैनात रहे।

84 कोसी परिक्रमा के नावें दिवस पर नवम पड़ाव नैमिषारण्य तीर्थ में सभी श्रद्धालुओं का सुबह से आना प्रारंभ हो गया और अपने अपने आश्रम में एवं अपने यजमान के वहां आश्रय लेकर अपने खाने-पीने की व्यवस्था का इंतजाम व सभी श्रद्धालुओं भजन कीर्तन करते हुए नजर आए राज्य विभिन्न जिलों के आश्रम से आए साधु संतों में बाबा मोहनदास ने बताया कि परिक्रमा के सभी पड़ाव पर स्वास्थ विभाग की तरफ से सुविधाओं का सहयोग मिला लेकिन कही कही स्वास्थ विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठता नजर आया , बाबा महेश्वर दास,ज्ञान दास ने कहा हम सभी जिला प्रशासन के सहयोग से खुश हैं पहली बार इतनी सुरक्षा के बीच परिक्रमा करते हुए सुकून मिला, इंदर दास, राम भूषण दास व झम्मन दास ने बताया परिक्रमा के हर पड़ाव पर जिला प्रशासन की तरफ से मूलभूत सुविधाएं व पुलिस प्रशासन का सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा एवं मेले में चारों ओर ड्रोन कैमरे से निगरानी रही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिक्रमा के दौरान सैकड़ों पुलिस कर्मी , व कुछ पुलिस कर्मी सादी वर्दी मैं भी तैनात दिखे परिक्रमा के दौरान प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छ जल,शौचालय आदि की उत्तम व्यवस्था रही।

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