Barabanki : सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, बाराबंकी में छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत हुई कार्रवाई

मनोज यादव समाजवादी पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से बात करते हैं। गिरफ्तारी की खबर आने के बाद बाराबंकी पु

Feb 14, 2026 - 00:42
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Barabanki : सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, बाराबंकी में छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
Barabanki : सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, बाराबंकी में छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत हुई कार्रवाई

  • समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज यादव दो दिन लापता रहने के बाद पुलिस हिरासत में, विधवा महिला की शिकायत पर गिरफ्तारी
  • बाराबंकी के सफदरगंज थाने में दर्ज केस, सपा नेता मनोज यादव पर छेड़छाड़ और हत्या की धमकी देने का आरोप

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी छेड़छाड़ के आरोप और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में की गई है। घटना सफदरगंज थाना क्षेत्र की है जहां एक विधवा महिला ने मनोज यादव पर छेड़छाड़ करने और उसके पुत्र को हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया था। गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह हुई जब पुलिस ने मनोज यादव को हिरासत में लिया। इससे एक दिन पहले मनोज यादव की पत्नी ने लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इस मामले की शुरुआत सफदरगंज थाना क्षेत्र की एक विधवा महिला की शिकायत से हुई। महिला ने पुलिस को बताया कि मनोज यादव ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी और जब उसके पुत्र ने विरोध किया तो उसे हत्या की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने छेड़छाड़ की धारा और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच के दौरान मनोज यादव की तलाश शुरू की थी। मनोज यादव दो दिन से लापता बताए जा रहे थे और उनकी पत्नी ने लखनऊ में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर भी जांच की लेकिन गिरफ्तारी बाराबंकी के मामले में हुई।

बाराबंकी पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह मनोज यादव को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय मनोज यादव बाराबंकी क्षेत्र में ही थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मामले में विधवा महिला की शिकायत को मुख्य आधार बनाया गया है। पुलिस ने कहा कि शिकायत में दिए गए विवरणों की जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मनोज यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और वे पार्टी के विभिन्न मुद्दों पर बयान देते रहते हैं। गिरफ्तारी के बाद पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

गिरफ्तारी

मनोज यादव की गिरफ्तारी से एक दिन पहले उनकी पत्नी ने लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि मनोज यादव दो दिन से लापता हैं और उनका कोई पता नहीं चल रहा है। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट पर जांच शुरू की थी लेकिन इसी बीच बाराबंकी पुलिस ने छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस ने उन्हें लोकेट किया। पुलिस ने कहा कि मनोज यादव क्षेत्र में ही मौजूद थे और गिरफ्तारी शांतिपूर्वक हुई।

शिकायतकर्ता विधवा महिला सफदरगंज थाना क्षेत्र की निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि मनोज यादव ने उसके साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया था। जब महिला के पुत्र ने इसका विरोध किया तो मनोज यादव ने उसे हत्या की धमकी दी। महिला ने शिकायत में अनुसूचित जाति की होने का उल्लेख किया जिसके आधार पर एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद जांच टीम गठित की और मनोज यादव की तलाश की। गिरफ्तारी के बाद मनोज यादव को थाने लाया गया जहां औपचारिकताएं पूरी की गईं।

मामले का कानूनी पक्ष

मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (छेड़छाड़) और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। एससी-एसटी एक्ट के तहत हत्या की धमकी और छेड़छाड़ को गंभीर अपराध माना जाता है। पुलिस ने कहा कि जांच में यदि और धाराएं जुड़नी होंगी तो जोड़ी जाएंगी। मनोज यादव को गिरफ्तारी के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा जहां रिमांड या जमानत पर फैसला होगा। पुलिस ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

मनोज यादव समाजवादी पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से बात करते हैं। गिरफ्तारी की खबर आने के बाद बाराबंकी पुलिस थाने के बाहर मीडिया की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होगी। मनोज यादव की गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस ने कहा कि मामला व्यक्तिगत है और जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

लापता होने की रिपोर्ट

मनोज यादव की पत्नी ने गुरुवार को लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि मनोज यादव दो दिन से घर नहीं लौटे हैं और उनका फोन भी बंद है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। लखनऊ पुलिस ने बाराबंकी पुलिस से संपर्क किया था लेकिन गिरफ्तारी बाराबंकी मामले में हुई। गुमशुदगी की रिपोर्ट अब गिरफ्तारी के बाद बंद हो जाएगी। पुलिस ने कहा कि मनोज यादव सुरक्षित हैं और मामले की जांच चल रही है।

बाराबंकी जिला लखनऊ से सटा हुआ है और सफदरगंज थाना क्षेत्र ग्रामीण इलाका है। यहां की महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत को तुरंत संज्ञान में लिया और केस दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद मनोज यादव से पूछताछ की गई जिसमें उन्होंने आरोपों का खंडन किया। पुलिस ने कहा कि जांच में सच्चाई सामने आएगी। मामले में महिला और उसके पुत्र के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने अन्य गवाहों की तलाश भी शुरू की है।

पुलिस की कार्रवाई

बाराबंकी पुलिस ने शुक्रवार सुबह मनोज यादव को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने बाराबंकी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया था। मनोज यादव को लोकेट करने के बाद हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान कोई विरोध नहीं हुआ। मनोज यादव को थाने लाया गया जहां मेडिकल जांच कराई गई। गिरफ्तारी की सूचना लखनऊ पुलिस को भी दी गई जो गुमशुदगी की जांच कर रही थी। पुलिस ने कहा कि दोनों मामलों को जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन मुख्य केस बाराबंकी का है।

यह घटना उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी है। मनोज यादव समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार को सूचना दी गई। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने तक आरोपी को हिरासत में रखा जाएगा। मामले में आगे की सुनवाई कोर्ट में होगी। पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला की सुरक्षा का भी ध्यान रखने का आश्वासन दिया है।

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