Deoband : दारुल उलूम देवबंद के सदर मुफ्ती बने मौलाना जैनुल इस्लाम कासमी
प्रयागराज के निवासी मौलाना जैनुल इस्लाम पिछले करीब 18 वर्ष से दारुल उलूम में काम कर रहे हैं। संस्था की मजलिस-ए-शूरा की बैठक में सदर मुफ्ती के पद पर चर्चा हुई। मौजूदा सदर मुफ्ती मु
दारुल उलूम देवबंद के इफ्ता विभाग में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मौलाना मुफ्ती जैनुल इस्लाम कासमी को सदर मुफ्ती नियुक्त किया गया है। प्रयागराज के निवासी मौलाना जैनुल इस्लाम पिछले करीब 18 वर्ष से दारुल उलूम में काम कर रहे हैं। संस्था की मजलिस-ए-शूरा की बैठक में सदर मुफ्ती के पद पर चर्चा हुई। मौजूदा सदर मुफ्ती मुफ्ती हबीबुर्रहमान खैराबादी बीमारी की वजह से जिम्मेदारी नहीं संभाल पा रहे थे। बैठक में कई नामों पर विचार के बाद शूरा सदस्यों ने जैनुल इस्लाम के नाम पर सहमति जताई। उन्होंने इफ्ता विभाग की जिम्मेदारी संभाली है।
दारुल उलूम के इफ्ता विभाग में सात मुफ्ती मिलकर देश-विदेश से आने वाले सवालों के जवाब शरीयत के अनुसार देते हैं। इनमें से एक को सदर मुफ्ती बनाया जाता है। नई जिम्मेदारी मिलने पर मुफ्ती जैनुल इस्लाम ने कहा कि वे पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। संस्था के अन्य मुफ्तियों ने इस पर खुशी जताई है।
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