Bhopal: पिपलानी क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्र अंश साहू ने की आत्महत्या, परिवार और पुलिस जांच में जुटे।

भोपाल (मध्य प्रदेश) के पिपलानी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार दोपहर राजधानी भोपाल के श्रीराम कॉलोनी

Feb 5, 2026 - 15:01
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Bhopal: पिपलानी क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्र अंश साहू ने की आत्महत्या, परिवार और पुलिस जांच में जुटे।
भोपाल: पिपलानी क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्र अंश साहू ने की आत्महत्या, परिवार और पुलिस जांच में जुटे।
  • भोपाल में घर में फंदे पर लटका मिला 14 वर्षीय छात्र, मोबाइल गेमिंग की आदत जांच के केंद्र में
  • मध्य प्रदेश: आठवीं कक्षा के छात्र ने लगाया फांसी, मोबाइल फोन और गेमिंग लिंक जांच में

भोपाल (मध्य प्रदेश) के पिपलानी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार दोपहर राजधानी भोपाल के श्रीराम कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय छात्र अंश साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अंश आठवीं कक्षा का छात्र था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घटना के समय उसके माता-पिता एक रिश्तेदार के तेरहवीं समारोह में गए हुए थे। जब वे वापस आए तो उन्होंने अपने बेटे को कमरे में फंदे पर लटका देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने अंश का मोबाइल फोन उसके कमरे से बरामद कर लिया है और उसका तकनीकी विश्लेषण (डिजिटल और फोरेंसिक जांच) किया जा रहा है ताकि आत्महत्या के कारणों तथा घटनाक्रम को समझा जा सके। घटना स्थल से कोई आत्महत्या नोट (suicide note) नहीं मिला है, जिसके कारण पुलिस सभी संभावनाओं को जांच रही है और सही कारणों का पता लगाने के प्रयास में है।

पुलिस थाना पिपलानी की SHO चंद्रिका यादव ने बताया कि मोबाइल फोन की जांच के क्रम में यह देखा जा रहा है कि अंश किन-किन ऐप्स और गेम्स का इस्तेमाल करता था और क्या इनमें कोई ऐसा तत्व था जिसने उसके मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डाला। पुलिस परिवार के सदस्यों तथा आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना के समय मौजूद परिस्थितियों का पूरा विवरण मिल सके।

पुलिस के अनुसार, अंश की मोबाइल फोन में पाए गए ऐप्स और गेम्स की सूची का विश्लेषण किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह काफी समय से ऑनलाइन गेमिंग में व्यस्त रहता था। परिवार ने पुलिस को बताया है कि अंश को मोबाइल गेमिंग का शौक था, और वह लंबे समय तक गेम्स खेलता रहता था, जिससे उसकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा था। घर वालों ने पिछले कुछ हफ्तों से उसके मोबाइल फोन उपयोग को सीमित करने का प्रयास भी किया था। लगभग डेढ़ महीने पहले परिवार ने उसका मोबाइल फोन उससे दूर रख लिया था, लेकिन बाद में इसे वापस दिया गया।

परिवार ने पुलिस को बताया कि मोबाइल गेम “Free Fire” खेलने की उसकी आदत काफी बढ़ गई थी और इससे संबंधित इन-गेम खरीदारी के कारण उसके दादा के बैंक खाते से लगभग 28,000 रुपये की अनाधिकृत लेनदेन हुई थी, जो गेम से जुड़े खपत खर्च के कारण हुआ। इस वित्तीय नुकसान के बारे में परिवार को हाल ही में पता चला। परिवार के बयान के अनुसार, अंश ने कई बार यह कहा था कि गेम में दिए गए कुछ टास्क या चुनौतियों को पूरा करने का दबाव उसे महसूस होता था, और इसी तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि आत्महत्या का मुख्य कारण गेम था या कोई अन्य मानसिक या सामाजिक दबाव रहा।

पुलिस ने यह भी कहा है कि अभी तक आत्महत्या के पीछे का कोई एक स्पष्ट कारण नहीं मिल पाया है और सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन के डेटा, गेम लॉग, चैट हिस्ट्री, इन-गेम खरीदारी रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि अंश ने अंतिम कारक के रूप में क्या देखा या अनुभव किया था। पुलिस ने मामले में किसी प्रकार की प्रतिभागिता या बाहरी दबाव की जांच भी शुरू कर दी है।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि अंश शांत स्वभाव का था, लेकिन कुछ समय से उसने खुद को अकेला कर लिया था और मोबाइल गेमिंग की ओर अधिक ध्यान दे रहा था। इस मामले का सामना करने के लिए परिवार और स्थानीय लोग सदमे की स्थिति में हैं। अभी तक रोजमर्रा के जीवन, परिवार के जीवन और उसके स्कूल से जुड़े ब्योरे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं आई है, लेकिन पुलिस इस दिशा में भी पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए उनके द्वारा की जा रही तकनीकी जांच और बयान रिकॉर्डिंग से आगे की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। परिवार के सदस्यों के बयान, मोबाइल फोन अधिकारिक विश्लेषण तथा आसपास के लोगों के बयान सभी को मिलाकर पुलिस आकलन करेगी कि क्या यह एकल-घटनात्मक मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है। पुलिस का कहना है कि सही कारणों का पता लगाने के बाद ही आगे की कार्रवाई और संभव निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। 

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