Sitapur : सिधौली में प्रशासनिक कार्रवाई से बवाल, किसानों की खड़ी फसल पर चला ट्रैक्टर

प्रकरण पर आर.एल.डी. नेता आरपी सिंह चौहान ने मामले की भ्रसना करते हुए बताया कि नदी का किनारा होने से सीमांकन कैसे कर लिया, जबकि तिहद्दा  भी नहीं रखा था। इसको स्पष्ट

Feb 22, 2026 - 23:57
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Sitapur : सिधौली में प्रशासनिक कार्रवाई से बवाल, किसानों की खड़ी फसल पर चला ट्रैक्टर
Sitapur : सिधौली में प्रशासनिक कार्रवाई से बवाल, किसानों की खड़ी फसल पर चला ट्रैक्टर

  • फसल जोते जाने पर भाजपा विधायक मनीष रावत ने किसानों संग खेत पर पहुंचकर जताया विरोध
  • प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल.!

सीतापुर। एक तरफ जहां सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ किसानों की आय दोगुनी करने, उनकी फसलों को सुरक्षित बाजार दिलाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए तमाम योजनाओं को हरी झंडी दिखा रहे हैं। किसान को राष्ट्र की रीढ़ बताकर उसके सम्मान और संरक्षण की बात कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कई बार इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आती है, जहां खेतों में खून-पसीने से तैयार फसलें सरकारी कार्रवाई की भेंट चढ़ जाती हैं। ऐसी ही एक चौंकाने वाली तस्वीर रविवार को जनपद की सिधौली तहसील में देखने को मिली, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता और किसान हितों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

जानकरी के अनुसार पूरा मामला सिधौली क्षेत्र के ग्राम हिंढौरा का है, जहां रविवार को तहसील प्रशासन की कार्रवाई ने न केवल ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मचा दिया। दरअसल डीएम के निर्देश और एसडीएम राखी वर्मा के आदेश पर प्रशासन ने किसानों की तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट कर दिया।इस कार्रवाई से आक्रोशित क्षेत्रीय विधायक मनीष रावत सैकड़ों समर्थकों के साथ गांव पहुंचे और किसानों के समर्थन में उसी खेत में धरने पर बैठ गए, जहां कुछ देर पहले तक फसल लहलहा रही थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को सिधौली तहसील प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ हिंढौरा गांव पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है, जिस पर अवैध कब्जा हटाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। लेकिन किसानों का आरोप है कि उन्होंने यह भूमि विधिवत लीज पर लेकर खेती की थी और प्रशासन की ओर से न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही कोई नोटिस। 

मिली जानकरी के अनुसार करीब 20 बीघा खेत में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को ट्रैक्टर से जुतवा दिया गया, जिससे लगभग 100 कुंतल उपज नष्ट हो गई। यह खबर फैलते ही विधायक मनीष रावत मौके पर पहुंचे। किसानों का दर्द देखकर उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को अमानवीय और अन्यायपूर्ण बताते हुए कड़ा विरोध जताया।

विधायक ने कहा कि 'जिस किसान ने पूरी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की, उसकी रोजी-रोटी को बिना सूचना रौंद देना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। जिसने भी गलती की है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए उनके साथ खड़ा हूं। मामले के तूल पकड़ने पर एसडीएम राखी वर्मा भी मौके पर पहुंचीं और विधायक व किसानों से वार्ता की। काफी देर चली बातचीत के बाद एसडीएम ने मामले की जांच और पीड़ित किसानों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, तब जाकर स्थिति कुछ शांत हुई।

एसडीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हो कार्यवाही : आरपी सिंह चौहान
प्रकरण पर आर.एल.डी. नेता आरपी सिंह चौहान ने मामले की भ्रसना करते हुए बताया कि नदी का किनारा होने से सीमांकन कैसे कर लिया, जबकि तिहद्दा  भी नहीं रखा था। इसको स्पष्ट करना चाहिए, धारा (67) के तहत नोटिस देकर फसल नीलाम करनी चाहिए थी, अगर किसान साबित कर पाता की जमीन उसकी है तो पैसा उसे दे दिया जाता, नहीं तो राजस्व के खाते में जमा हो जाता। इन्होने न तो किसान को उक्त धारा के तहत नोटिस दी और न ही डुग्गी पिटवाई सीधे-सीधे फसल को जुतवाकर नष्ट करवा दिया। ये सीधे-सीधे सरकारी पद का दुरूपयोग है इसलिये इसकी क्षति का आंकलन कराकर व्यक्तिगत तरीके से धन की वसूली करानी चाहिए, इसकी जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी की हैं, शासन से अनुमति लेकर सम्बंधित धाराओं में इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो।   

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